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Hindi News ›   Haryana ›   Kaithal News ›   Allegations of encroachment on panchayat land in Bhuna; villagers lodge complaint against former MLA and family members.

Kaithal News: भूना में पंचायती जमीन पर कब्जे के आरोप, पूर्व विधायक व परिजनों के खिलाफ ग्रामीणों ने दी शिकायत

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 24 Jul 2026 12:19 AM IST
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Allegations of encroachment on panchayat land in Bhuna; villagers lodge complaint against former MLA and family members.
कैथल। गुहला से भाजपा के पूर्व विधायक कुलवंत बाजीगर व उनके परिजनों पर गांव भूना में पंचायती जमीन पर कब्जा करने के आरोप लगे हैं। गांव के ग्रामीणों ने जिला प्रशासन को शिकायत देकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। शिकायत मिलने के बाद प्रशासन ने जांच का आश्वासन दिया है।
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ग्रामीण परमेश्वरी देवी, रोहताश, सुनील, संतोष, भतेरी, पाला, ओमप्रकाश और मीना ने बताया कि करीब पांच वर्ष पहले ग्राम पंचायत ने एससी वर्ग के कुछ लोगों को खेती के लिए 11-11 एकड़ जमीन दी थी। उनका आरोप है कि कुछ दिन पहले पूर्व विधायक कुलवंत बाजीगर के बेटे साहब सिंह अन्य लोगों के साथ खेतों में पहुंचे और ट्रैक्टर से खड़ी पौध नष्ट कर दी। ग्रामीणों का कहना है कि उनके साथ आए लोगों के हाथों में डंडे, गंडासी और तलवारें थीं। इसके कारण वे विरोध नहीं कर सके। ग्रामीणों का आरोप है कि कुलवंत बाजीगर की माता भ्रांवा देवी पंचायती जमीन पर कब्जा करने का प्रयास कर रही हैं। उनका कहना है कि भ्रांवा देवी की शादी करीब 60 वर्ष पहले हो चुकी है लेकिन उनका आधार और वोटर कार्ड गांव भूना के पते पर बनवाया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि वह किसी भी बोली प्रक्रिया में शामिल नहीं हुईं, फिर भी सरपंच पर दबाव बनाकर उनके नाम की रसीद कटवाई जा रही है।
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लगाए गए आरोप निराधार : पूर्व विधायक कुलवंत बाजीगर ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि आरोप लगाने वाले लोग यदि पिछले वर्षों की किसी भी बोली की रसीद दिखा दें तो वह मानने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि कुछ लोग राजनीतिक द्वेष के कारण उनकी छवि खराब करने के उद्देश्य से झूठे आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनके परिवार के सदस्य पहले भी गांव में रहकर बोली देते रहे हैं और इस बार भी नियमानुसार बोली दी गई है।
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एडीसी सुशील कुमार ने कहा कि ग्रामीणों से मिली शिकायत के आधार पर पूरे मामले की जांच करवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि संबंधित रिकॉर्ड की जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।
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