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Kaithal News: वायु प्रदूषण का स्तर 400 पार, सांस लेना भी दुश्वार
Sun, 05 Nov 2023 02:16 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sun, 05 Nov 2023 02:16 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। बीते एक सप्ताह से जिले के वायु प्रदूषण के स्तर में सुधार नहीं हो पा रहा है। आए दिन वायु प्रदूषण का स्तर खराब हो रहा है। इससे लोगों का स्वास्थ्य बिगड़ रहा है। शनिवार सुबह के समय एक्यूआई 378 था, लेकिन शाम को बढ़कर 405 हो गया। एक्यूआई 400 से ऊपर पहुंचते ही स्वास्थ्य के लिए ‘बहुत गंभीर’ माना जाता है। यह बीमारियों से ग्रस्त लोगों को बहुत प्रभावित करता है। दूसरी ओर प्रदूषण पर नियंत्रण पाने के लिए दमकल विभाग की गाड़ियों से पेड़ों पर पानी का छिड़काव भी किया जा रहा है।
शनिवार को पूरा दिन आकाश में धुंधलापन रहा। इस कारण से पूरा दिन धूप का असर कम रहा। उधर, अस्पतालों में सांस व आंख के बाद एलर्जी जुकाम खांसी के मरीज भी बढ़े है। जिला नागरिक अस्पताल में अब एलर्जी की ओपीडी भी 150 से अधिक पहुंच गई है। वहीं, खांसी, जुकाम की ओपीडी भी 200 के करीब है। सांस के मरीजों की ओपीडी पहले से ही 40 से अधिक प्रतिदिन हो रही है।
मौसम विभाग के अनुसार, तापमान में भी एक डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। अधिकतम तापमान 29.1 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 16.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। उधर, खेतों में आए दिन फसल अवशेषों में आग लगाने के मामले बढ़ते जा रहे हैं। शनिवार को भी जिले में विभिन्न जगहों पर 20 मामले सामने आए हैं। जिले में पराली जलाने के मामलों की संख्या बढ़कर 344 हो गई है।
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सहायक कृषि अभियंता जगदीश मलिक ने कहा कि वह किसानों से अपील करते हैं कि फसल अवशेषों में आग न लगाएं। आग की सूचना मिलते ही वह मौके पर पहुंचते हैं और किसानों से आग बुझाने का अनुरोध करते हैं। जो नहीं माने उन पर जुर्माना लगाया जाता है और एफआईआर भी करवाई जाती है। विभाग की ओर से अब तक पांच लाख 20 हजार रुपये किसानों से जुर्माना वसूला गया है। वहीं बार बार फसल अवशेष जलाने वाले 55 किसानों पर एफआईआर दर्ज की गई है।
उधर, एक्यूआई पर नियंत्रण पाने के लिए प्रदूषण बोर्ड, दमकल विभाग व कृषि विभाग ने एडी से चोटी के जोर लगाए हुए हैं, लेकिन दशहरे के दस दिन बाद भी एक्यूआई में सुधार नहीं हुआ, बल्कि यह दिन प्रतिदिन बढ़ रहा है।
इस संबंध में दमकल विभाग के प्रभारी सुरेंद्र कुमार ने कहा कि जिले में वायु प्रदूषण पर नियंत्रण पाने के लिए पेड़ों पर पानी का छिड़काव किया जा रहा है। पूंडरी, कैथल सहित अन्य जगहों पर आज यह कार्य जारी रहा। देर शाम तक भी कर्मचारियों ने पेड़ों पर पानी का छिड़काव किया।
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कैथल। बीते एक सप्ताह से जिले के वायु प्रदूषण के स्तर में सुधार नहीं हो पा रहा है। आए दिन वायु प्रदूषण का स्तर खराब हो रहा है। इससे लोगों का स्वास्थ्य बिगड़ रहा है। शनिवार सुबह के समय एक्यूआई 378 था, लेकिन शाम को बढ़कर 405 हो गया। एक्यूआई 400 से ऊपर पहुंचते ही स्वास्थ्य के लिए ‘बहुत गंभीर’ माना जाता है। यह बीमारियों से ग्रस्त लोगों को बहुत प्रभावित करता है। दूसरी ओर प्रदूषण पर नियंत्रण पाने के लिए दमकल विभाग की गाड़ियों से पेड़ों पर पानी का छिड़काव भी किया जा रहा है।
शनिवार को पूरा दिन आकाश में धुंधलापन रहा। इस कारण से पूरा दिन धूप का असर कम रहा। उधर, अस्पतालों में सांस व आंख के बाद एलर्जी जुकाम खांसी के मरीज भी बढ़े है। जिला नागरिक अस्पताल में अब एलर्जी की ओपीडी भी 150 से अधिक पहुंच गई है। वहीं, खांसी, जुकाम की ओपीडी भी 200 के करीब है। सांस के मरीजों की ओपीडी पहले से ही 40 से अधिक प्रतिदिन हो रही है।
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मौसम विभाग के अनुसार, तापमान में भी एक डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। अधिकतम तापमान 29.1 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 16.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। उधर, खेतों में आए दिन फसल अवशेषों में आग लगाने के मामले बढ़ते जा रहे हैं। शनिवार को भी जिले में विभिन्न जगहों पर 20 मामले सामने आए हैं। जिले में पराली जलाने के मामलों की संख्या बढ़कर 344 हो गई है।
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सहायक कृषि अभियंता जगदीश मलिक ने कहा कि वह किसानों से अपील करते हैं कि फसल अवशेषों में आग न लगाएं। आग की सूचना मिलते ही वह मौके पर पहुंचते हैं और किसानों से आग बुझाने का अनुरोध करते हैं। जो नहीं माने उन पर जुर्माना लगाया जाता है और एफआईआर भी करवाई जाती है। विभाग की ओर से अब तक पांच लाख 20 हजार रुपये किसानों से जुर्माना वसूला गया है। वहीं बार बार फसल अवशेष जलाने वाले 55 किसानों पर एफआईआर दर्ज की गई है।
उधर, एक्यूआई पर नियंत्रण पाने के लिए प्रदूषण बोर्ड, दमकल विभाग व कृषि विभाग ने एडी से चोटी के जोर लगाए हुए हैं, लेकिन दशहरे के दस दिन बाद भी एक्यूआई में सुधार नहीं हुआ, बल्कि यह दिन प्रतिदिन बढ़ रहा है।
इस संबंध में दमकल विभाग के प्रभारी सुरेंद्र कुमार ने कहा कि जिले में वायु प्रदूषण पर नियंत्रण पाने के लिए पेड़ों पर पानी का छिड़काव किया जा रहा है। पूंडरी, कैथल सहित अन्य जगहों पर आज यह कार्य जारी रहा। देर शाम तक भी कर्मचारियों ने पेड़ों पर पानी का छिड़काव किया।