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Kaithal News: सीवरेज पाइपलाइन के मुद्दे पर आढ़ती खफा
Sun, 21 Jul 2024 04:05 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sun, 21 Jul 2024 04:05 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। शहर की नई अनाज मंडी में पानी निकासी के लिए डाले जा रहे सीवरेज के पाइपलाइन के काम पर आढ़तियों ने रोष जताते हुए अपनी नाराजगी व्यक्त की है। आढ़तियों ने इस काम में विभाग की ओर से लापरवाही बरतने का आराेप भी लगाया है। वहीं, आढ़तियों का यह भी कहना है कि यदि उनकी मांग जल्द ही न मानी तो वे सीवरेज के पाइपलाइन डालने के काम को जल्द ही रुकवा देंगे।
गौरतलब है कि जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से नई अनाज मंडी में पाइपलाइन डालने के लिए शुरू किए गए काम के तहत आठ इंच की पाइप डाली जा रही है। इस पर ही आढ़तियों ने रोष व्यक्त किया है।
दरअसल, नाराज आढ़तियों का तर्क है कि अनाज मंडी में पानी निकासी की समस्या के समाधान के तहत महज आठ इंच की पाइप डालना नाकाफी है क्योंकि भारी बारिश में इतने छोटे पाइपलाइन से पानी की निकासी नहीं हो पाएगी। उनका कहना है कि पानी की निकासी 10 से 12 इंच की पाइप डालना बेहतर रहेगा।
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उल्लेखनीय है कि जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से नई अनाज मंडी में करीब साढ़े चार करोड़ रुपये की लागत से यह पाइपलाइन डालकर बिछाई जा रही है। उधर, आढ़तियों के इस आरोप पर अधिकारियों का कहना है कि वे सीवरेज के पाइपलाइन डालने का कार्य जरूरत के हिसाब से कर रहे हैं। पूरी मंडी में आठ इंच का पाइपलाइन नहीं डाला जा रहा जबकि मंडी में जहां पर 10 या 12 इंच पाइपलाइन डालने की आवश्यकता है। वहां पर यह पाइपलाइन डाली जा रही है।
अनाज मंडी में पानी निकासी की है बड़ी समस्या ः बारिश के सीजन में नई अनाज मंडी में जलभराव की समस्या आम है। नतीजा, बारिश के दौरान अनाज मंडी में पानी निकासी की बड़ी समस्या रहती है। मानसून की बारिश में तो अनाज मंडी की सड़कें कई बार तालाब सरीखी बन जाती हैं। इसी समस्या से निपटने के लिए ही जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से नए सिरे से सीवरेज की पाइपलाइन डालने का कार्य शुरू किया गया है।
बड़ी पाइप न डाली तो रुकवाएंगे काम ः नई अनाज मंडी के पूर्व चेयरमैन धर्मपाल कठवाड़ ने कहा कि यदि जनस्वास्थ्य विभाग ने इस मांग को अनदेखा किया तो वह जल्द ही मंडी में डाले जा रहे सीवरेज के पाइपलाइन का कार्य रुकवा देंगे।
उन्होंने कहा कि इस मामले में विभाग के अधिकारियों को भी सूचित किया गया है। इन अधिकारियों ने मंडी में पहुंचकर काम का जायजा भी लिया है। इसके बावजूद स्थिति ज्यों की त्यों बनी है। मामले में मंडी के प्रधान भी हस्तक्षेप कर चुके हैं। फिर भी अधिकारी आढ़तियों की मांगों को अनसुना कर रहे हैं।
नई अनाज मंडी में पहले पड़ी सीवरेज की पाइपलाइन खराब हो चुकी है। ऐसे में कुछ समय पहले ही सरकार से मंजूरी मिली थी। अब पाइप लाइन डालने का कार्य किया जा रहा है। ऐसा नहीं है कि केवल आठ इंच की पाइप डाली जा रही है। जरूरत के अनुसार 10 व 12 इंच की पाइपलाइन भी डाली जा रही है। आढ़तियों को किसी भी प्रकार की कोई परेशानी नहीं आने दी जाएगी। - अरविंद रोहिल्ला, एसई, जन स्वास्थ्य विभाग, कैथल।
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कैथल। शहर की नई अनाज मंडी में पानी निकासी के लिए डाले जा रहे सीवरेज के पाइपलाइन के काम पर आढ़तियों ने रोष जताते हुए अपनी नाराजगी व्यक्त की है। आढ़तियों ने इस काम में विभाग की ओर से लापरवाही बरतने का आराेप भी लगाया है। वहीं, आढ़तियों का यह भी कहना है कि यदि उनकी मांग जल्द ही न मानी तो वे सीवरेज के पाइपलाइन डालने के काम को जल्द ही रुकवा देंगे।
गौरतलब है कि जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से नई अनाज मंडी में पाइपलाइन डालने के लिए शुरू किए गए काम के तहत आठ इंच की पाइप डाली जा रही है। इस पर ही आढ़तियों ने रोष व्यक्त किया है।
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दरअसल, नाराज आढ़तियों का तर्क है कि अनाज मंडी में पानी निकासी की समस्या के समाधान के तहत महज आठ इंच की पाइप डालना नाकाफी है क्योंकि भारी बारिश में इतने छोटे पाइपलाइन से पानी की निकासी नहीं हो पाएगी। उनका कहना है कि पानी की निकासी 10 से 12 इंच की पाइप डालना बेहतर रहेगा।
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उल्लेखनीय है कि जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से नई अनाज मंडी में करीब साढ़े चार करोड़ रुपये की लागत से यह पाइपलाइन डालकर बिछाई जा रही है। उधर, आढ़तियों के इस आरोप पर अधिकारियों का कहना है कि वे सीवरेज के पाइपलाइन डालने का कार्य जरूरत के हिसाब से कर रहे हैं। पूरी मंडी में आठ इंच का पाइपलाइन नहीं डाला जा रहा जबकि मंडी में जहां पर 10 या 12 इंच पाइपलाइन डालने की आवश्यकता है। वहां पर यह पाइपलाइन डाली जा रही है।
अनाज मंडी में पानी निकासी की है बड़ी समस्या ः बारिश के सीजन में नई अनाज मंडी में जलभराव की समस्या आम है। नतीजा, बारिश के दौरान अनाज मंडी में पानी निकासी की बड़ी समस्या रहती है। मानसून की बारिश में तो अनाज मंडी की सड़कें कई बार तालाब सरीखी बन जाती हैं। इसी समस्या से निपटने के लिए ही जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से नए सिरे से सीवरेज की पाइपलाइन डालने का कार्य शुरू किया गया है।
बड़ी पाइप न डाली तो रुकवाएंगे काम ः नई अनाज मंडी के पूर्व चेयरमैन धर्मपाल कठवाड़ ने कहा कि यदि जनस्वास्थ्य विभाग ने इस मांग को अनदेखा किया तो वह जल्द ही मंडी में डाले जा रहे सीवरेज के पाइपलाइन का कार्य रुकवा देंगे।
उन्होंने कहा कि इस मामले में विभाग के अधिकारियों को भी सूचित किया गया है। इन अधिकारियों ने मंडी में पहुंचकर काम का जायजा भी लिया है। इसके बावजूद स्थिति ज्यों की त्यों बनी है। मामले में मंडी के प्रधान भी हस्तक्षेप कर चुके हैं। फिर भी अधिकारी आढ़तियों की मांगों को अनसुना कर रहे हैं।
नई अनाज मंडी में पहले पड़ी सीवरेज की पाइपलाइन खराब हो चुकी है। ऐसे में कुछ समय पहले ही सरकार से मंजूरी मिली थी। अब पाइप लाइन डालने का कार्य किया जा रहा है। ऐसा नहीं है कि केवल आठ इंच की पाइप डाली जा रही है। जरूरत के अनुसार 10 व 12 इंच की पाइपलाइन भी डाली जा रही है। आढ़तियों को किसी भी प्रकार की कोई परेशानी नहीं आने दी जाएगी। - अरविंद रोहिल्ला, एसई, जन स्वास्थ्य विभाग, कैथल।