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Kaithal News: ग्रुप डी के परिणाम बाद चयनित अभ्यार्थियों के छुट्टी के दिन भी हुए मेडिकल
Mon, 11 Mar 2024 03:53 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Mon, 11 Mar 2024 03:53 AM IST
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कैथल। ग्रुप डी के परिणाम जारी होने के बाद चयनित अभ्यार्थियों के रविवार को छुट्टी के दिन भी मेडिकल हुए। इस दौरान जिला नागरिक अस्पताल और सिविल सर्जन कार्यालय में रविवार को भी युवाओं की मेडिकल करवाने के लिए दोपहर तक भीड़ जुटी रही। इस दौरान दोनों ही जगहों पर मेडिकल ऑफिसर अभ्यार्थियों का मेडिकल करवाने के लिए उपलब्ध रहे। सिविल सर्जन कार्यालय में डॉ. विकास धवन और डॉ. नवराज सिंह ने अभ्यार्थियों का मेडिकल किया। इस दौरान पूरा दिन करीब 400 युवक व युवतियों ने अपना मेडिकल करवाया। इसके तहत तीन दिन में अब तक एक हजार से अधिक अभ्यार्थी अपना मेडिकल करवा चुके हैं।
जानकारी के अनुसार ग्रुप डी में जिन अभ्यार्थियों का चयन हुआ है, उनमें से अधिक अभ्यर्थी ऐसे हैं, जिनके परिवार में पहले कोई भी सदस्य सरकारी नौकरी पर नहीं है। मेडिकल करवाने के लिए पहुंचे इन अभ्यार्थियों का कहना था कि इस सरकार में बिना पर्ची और बिना खर्ची के नौकरी मिली है। इसके तहत वे सरकार का आभार जताते हैं। ग्रुप डी में खेड़ी मटरवा निवासी 23 वर्षीय दिव्यांग अंकुश को भी नौकरी मिली है। जानकारी के अनुसार दिव्यांग अंकुश ने पोलियो के बावजूद उसने अपना जज्बा नहीं छोड़ा और ऑनलाइन माध्यम से ही कोचिंग ली और अपनी पढ़ाई जारी रखी। दिव्यांग अंकुश ने बताया कि वह बीए अंतिम वर्ष का छात्र है और डिस्टेंस एजुकेशन के तहत पढ़ाई कर रहा है। वह पिछले करीब तीन से चार साल से ऑनलाइन माध्यम से ही कोचिंग ले रहा है। उसके परिवार में माता-पिता सहित बड़ा भाई और एक छोटी बहन है। बड़े भाई अंकित की भी कुछ महीने पहले ही ग्रुप सी के तहत नौकरी लगी है। अब दोनों भाईयों की नौकरी लगी है माता व पिता का काफी सहयोग रहा है। दिव्यांग अंकुश ने कहा कि ग्रुप डी की नौकरी लगता तो एक प्रकार से मकान की नींव पड़ना जैसी है। अब उसका आगे सपना है कि वे आईएएस ऑफिसर बने। इसके वह अभी और मेहनत लगातार करेगा।
400 हुए अधिक मेडिकल
डॉ. विकास धवन व डॉ. नवराज सिंह ने बताया कि रविवार को छुट्टी के दिन भी करीब चार बजे तक ग्रुप डी में चयनित अभ्यार्थियों के मेडिकल किए गए। इस दौरान 400 से अधिक मेडिकल किए गए हैं। अब सोमवार को मेडिकल करने की प्रक्रिया जारी रहेगी।
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जानकारी के अनुसार ग्रुप डी में जिन अभ्यार्थियों का चयन हुआ है, उनमें से अधिक अभ्यर्थी ऐसे हैं, जिनके परिवार में पहले कोई भी सदस्य सरकारी नौकरी पर नहीं है। मेडिकल करवाने के लिए पहुंचे इन अभ्यार्थियों का कहना था कि इस सरकार में बिना पर्ची और बिना खर्ची के नौकरी मिली है। इसके तहत वे सरकार का आभार जताते हैं। ग्रुप डी में खेड़ी मटरवा निवासी 23 वर्षीय दिव्यांग अंकुश को भी नौकरी मिली है। जानकारी के अनुसार दिव्यांग अंकुश ने पोलियो के बावजूद उसने अपना जज्बा नहीं छोड़ा और ऑनलाइन माध्यम से ही कोचिंग ली और अपनी पढ़ाई जारी रखी। दिव्यांग अंकुश ने बताया कि वह बीए अंतिम वर्ष का छात्र है और डिस्टेंस एजुकेशन के तहत पढ़ाई कर रहा है। वह पिछले करीब तीन से चार साल से ऑनलाइन माध्यम से ही कोचिंग ले रहा है। उसके परिवार में माता-पिता सहित बड़ा भाई और एक छोटी बहन है। बड़े भाई अंकित की भी कुछ महीने पहले ही ग्रुप सी के तहत नौकरी लगी है। अब दोनों भाईयों की नौकरी लगी है माता व पिता का काफी सहयोग रहा है। दिव्यांग अंकुश ने कहा कि ग्रुप डी की नौकरी लगता तो एक प्रकार से मकान की नींव पड़ना जैसी है। अब उसका आगे सपना है कि वे आईएएस ऑफिसर बने। इसके वह अभी और मेहनत लगातार करेगा।
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400 हुए अधिक मेडिकल
डॉ. विकास धवन व डॉ. नवराज सिंह ने बताया कि रविवार को छुट्टी के दिन भी करीब चार बजे तक ग्रुप डी में चयनित अभ्यार्थियों के मेडिकल किए गए। इस दौरान 400 से अधिक मेडिकल किए गए हैं। अब सोमवार को मेडिकल करने की प्रक्रिया जारी रहेगी।
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