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Kaithal News: टटियाणा बार्डर पर प्रशासन ने बढ़ाई चौकसी
Wed, 21 Feb 2024 03:08 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Wed, 21 Feb 2024 03:08 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुहला-चीका/कैथल। केंद्र सरकार और किसान प्रतिनिधियों के बीच चौथे दौर की वार्ता विफल रहने के बाद किसानों ने बुधवार को दिल्ली कूच के एलान को देखते हुए टटियाणा बार्डर पर सुरक्षा कर्मियों को ओर अधिक चौकन्ना कर दिया गया है। किसानों को रोकने के लिए चार लेयर का सुरक्षा घेरा बनाया गया है। बार्डर के बिल्कुल सटे घग्गर नदी के पुल पर पत्थर के बड़े अवरोधक लगाए गए है। कैंटेनरों से पुल को पूरी तरह से अवरुद्ध किया गया है।
इसके अलावा बैरिकेटस व कंटीली तार लगाए गए हैं और हर आने-जाने वाले व्यक्ति पर नजर रखने के लिए कैमरे लगाए गए है। गौरतलब है कि किसानों ने 13 फरवरी को दिल्ली कूच का एलान किया था। जिला प्रशासन ने दो दिन पहले ही घग्गर नदी के पुल को बंद कर वाहनों की आवाजाही बंद कर दी थी और वहां पर आईटीबीपी व पुलिस के जवानों को तैनात कर दिया था। हालांकि इस बार्डर को पार करने के लिए एक भी किसान जत्थेबंदी नहीं पहुंची। इसके बावजूद सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई। पुलिस के जवान पैदल आने जाने वाले लोगों को पुल पार करवाने व सामान व बच्चों को एक सिरे से दूसरे सिरे तक पहुंचाने में मदद करते अकसर देखे जाते हैं।
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गुहला-चीका/कैथल। केंद्र सरकार और किसान प्रतिनिधियों के बीच चौथे दौर की वार्ता विफल रहने के बाद किसानों ने बुधवार को दिल्ली कूच के एलान को देखते हुए टटियाणा बार्डर पर सुरक्षा कर्मियों को ओर अधिक चौकन्ना कर दिया गया है। किसानों को रोकने के लिए चार लेयर का सुरक्षा घेरा बनाया गया है। बार्डर के बिल्कुल सटे घग्गर नदी के पुल पर पत्थर के बड़े अवरोधक लगाए गए है। कैंटेनरों से पुल को पूरी तरह से अवरुद्ध किया गया है।
इसके अलावा बैरिकेटस व कंटीली तार लगाए गए हैं और हर आने-जाने वाले व्यक्ति पर नजर रखने के लिए कैमरे लगाए गए है। गौरतलब है कि किसानों ने 13 फरवरी को दिल्ली कूच का एलान किया था। जिला प्रशासन ने दो दिन पहले ही घग्गर नदी के पुल को बंद कर वाहनों की आवाजाही बंद कर दी थी और वहां पर आईटीबीपी व पुलिस के जवानों को तैनात कर दिया था। हालांकि इस बार्डर को पार करने के लिए एक भी किसान जत्थेबंदी नहीं पहुंची। इसके बावजूद सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई। पुलिस के जवान पैदल आने जाने वाले लोगों को पुल पार करवाने व सामान व बच्चों को एक सिरे से दूसरे सिरे तक पहुंचाने में मदद करते अकसर देखे जाते हैं।
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