{"_id":"668c89120d58bfee5f0e3e74","slug":"active-participation-of-every-person-is-necessary-in-water-conservation-role-kaithal-news-c-18-1-knl1004-426845-2024-07-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"जल संरक्षण में हर व्यक्ति की सक्रिय भागीदारी जरूरी : भूमिका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जल संरक्षण में हर व्यक्ति की सक्रिय भागीदारी जरूरी : भूमिका
Tue, 09 Jul 2024 06:19 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Tue, 09 Jul 2024 06:19 AM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के निदेशक एवं जल शक्ति अभियान जिला कैथल की सैंटरल नोडल ऑफिसर भूमिका वर्मा ने जल संरक्षण के संदर्भ में लघु सचिवालय सभागार में संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की। इस मौके पर भूमिका वर्मा ने कहा कि सभी विभाग आपसी तालमेल के साथ कार्य करते हुए जल शक्ति अभियान के तहत दी गई जिम्मेदारियों को समयबद्ध पूरा करें। जिलेभर में वर्षा जल संचय के मुुद्दे पर आमजन को जागरूक करें क्योंकि जल संरक्षण में हर व्यक्ति की सक्रिय भागीदारी जरूरी है।
नोडल ऑफिसर भूमिका वर्मा ने निर्देश देते हुए कहा कि ‘कैच दा रेन’ थीम के तहत जल संचय के लिए प्लान तैयार करें और उस पर गंभीरता के साथ काम करें। इस दौरान उन्होंने जल संरक्षण से सीधे तौर से जुड़े विभागों जैसे सिंचाई विभाग, कृषि विभाग, जनस्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, पंचायती राज, बागवानी विभाग आदि से जल शक्ति अभियान के तहत बनाई गई विभागीय कार्य योजना पर विस्तार से जानकारी ली। साथ ही कहा कि पानी का अधिक दोहन होने के कारण भू-जल स्तर लगातार नीचे गिरता जा रहा है। बारिश के पानी के संचय के लिए प्राचीन संसाधनों को पुनर्जीवित करने के साथ-साथ नए रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाए जाएं और आमजन को जल संरक्षण के प्रति जागरूक किया जाए। वर्षा का जल संचय जल सरंक्षण के लिए अहम है।
उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे किसानों को मेरी फसल मेरा पानी योजना के अंतर्गत धान की बजाए अन्य फसल उगाने के प्रति प्रेरित करें, क्योंकि धान की फसल में अधिक पानी खर्च होता है। इसके साथ ही जो किसान धान की फसल को नहीं छोड़ना चाहते, उन्हें डीएसआर विधि से धान लगाने के प्रति प्रोत्साहित करें और सरकार द्वारा दिए जा रहे अनुदान के बारे में भी बताए।
विज्ञापन
इसी प्रकार उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अधिक से अधिक पौधरोपण करें। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जल शक्ति अभियान के तहत जिले में चार लाख पौधे लगाए जाने हैं, इनमें से 50 हजार पौधे लगाए जा चुके हैं। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे गांव गांव में जल बचाने के लिए जागरूकता कार्यक्रम चलाएं।
इस मौके पर डीसी प्रशांत पंवार ने कहा कि सभी का दायित्व है कि जल शक्ति अभियान में अपना-अपना भरपूर सहयोग करें। जल शक्ति अभियान का कार्य प्रभावी रूप से क्रियान्वित किया जाए। जल बचाने में और उसका सदुपयोग करने में आमजन के सहयोग की आवश्यकता है। अत्यधिक मात्रा में हो रहे भूजल दोहन से डार्क जोन में जाने से बचने के लिए वर्षा जल संचय करना सभी की प्राथमिकता होनी चाहिए। सभी विभाग अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय रूप से अग्रणी भूमिका निभाएं, ताकि जल का संचय किया जा सके। उन्होंने आमजन से भी आह्वान किया कि वे पानी को व्यर्थ को न बहाएं।
इस अवसर पर एडीसी सी. जया श्रद्धा, जल शक्ति मंत्रालय से उप निदेशक डॉ. एम.गोबीनाथ, डीडीए बलवंत साहरण, सीएमओ डॉ. रेनू चावला सहित अन्य विभागों के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।
विज्ञापन
कैथल। भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के निदेशक एवं जल शक्ति अभियान जिला कैथल की सैंटरल नोडल ऑफिसर भूमिका वर्मा ने जल संरक्षण के संदर्भ में लघु सचिवालय सभागार में संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की। इस मौके पर भूमिका वर्मा ने कहा कि सभी विभाग आपसी तालमेल के साथ कार्य करते हुए जल शक्ति अभियान के तहत दी गई जिम्मेदारियों को समयबद्ध पूरा करें। जिलेभर में वर्षा जल संचय के मुुद्दे पर आमजन को जागरूक करें क्योंकि जल संरक्षण में हर व्यक्ति की सक्रिय भागीदारी जरूरी है।
नोडल ऑफिसर भूमिका वर्मा ने निर्देश देते हुए कहा कि ‘कैच दा रेन’ थीम के तहत जल संचय के लिए प्लान तैयार करें और उस पर गंभीरता के साथ काम करें। इस दौरान उन्होंने जल संरक्षण से सीधे तौर से जुड़े विभागों जैसे सिंचाई विभाग, कृषि विभाग, जनस्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, पंचायती राज, बागवानी विभाग आदि से जल शक्ति अभियान के तहत बनाई गई विभागीय कार्य योजना पर विस्तार से जानकारी ली। साथ ही कहा कि पानी का अधिक दोहन होने के कारण भू-जल स्तर लगातार नीचे गिरता जा रहा है। बारिश के पानी के संचय के लिए प्राचीन संसाधनों को पुनर्जीवित करने के साथ-साथ नए रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाए जाएं और आमजन को जल संरक्षण के प्रति जागरूक किया जाए। वर्षा का जल संचय जल सरंक्षण के लिए अहम है।
विज्ञापन
उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे किसानों को मेरी फसल मेरा पानी योजना के अंतर्गत धान की बजाए अन्य फसल उगाने के प्रति प्रेरित करें, क्योंकि धान की फसल में अधिक पानी खर्च होता है। इसके साथ ही जो किसान धान की फसल को नहीं छोड़ना चाहते, उन्हें डीएसआर विधि से धान लगाने के प्रति प्रोत्साहित करें और सरकार द्वारा दिए जा रहे अनुदान के बारे में भी बताए।
विज्ञापन
इसी प्रकार उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अधिक से अधिक पौधरोपण करें। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जल शक्ति अभियान के तहत जिले में चार लाख पौधे लगाए जाने हैं, इनमें से 50 हजार पौधे लगाए जा चुके हैं। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे गांव गांव में जल बचाने के लिए जागरूकता कार्यक्रम चलाएं।
इस मौके पर डीसी प्रशांत पंवार ने कहा कि सभी का दायित्व है कि जल शक्ति अभियान में अपना-अपना भरपूर सहयोग करें। जल शक्ति अभियान का कार्य प्रभावी रूप से क्रियान्वित किया जाए। जल बचाने में और उसका सदुपयोग करने में आमजन के सहयोग की आवश्यकता है। अत्यधिक मात्रा में हो रहे भूजल दोहन से डार्क जोन में जाने से बचने के लिए वर्षा जल संचय करना सभी की प्राथमिकता होनी चाहिए। सभी विभाग अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय रूप से अग्रणी भूमिका निभाएं, ताकि जल का संचय किया जा सके। उन्होंने आमजन से भी आह्वान किया कि वे पानी को व्यर्थ को न बहाएं।
इस अवसर पर एडीसी सी. जया श्रद्धा, जल शक्ति मंत्रालय से उप निदेशक डॉ. एम.गोबीनाथ, डीडीए बलवंत साहरण, सीएमओ डॉ. रेनू चावला सहित अन्य विभागों के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।