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Kaithal News: चूरा पोस्त व अफीम रखने में आरोपी बरी
Sun, 31 Aug 2025 01:00 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sun, 31 Aug 2025 01:00 AM IST
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कैथल। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश मोहित अग्रवाल की अदालत ने चूरा पोस्त और अफीम रखने के एक मामले में साक्ष्यों पर संदेह का लाभ देते हुए आरोपी लखविंद्र सिंह उर्फ लक्खा निवासी मौलवीवाला (जिला संगरुर, पंजाब) को बरी कर दिया।
यह मामला थाना शहर कैथल में 23 जून 2019 को एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज मुकदमा नंबर 269 से संबंधित था। बचाव पक्ष के अनुसार, उसी दिन शहर पुलिस टीम नई अनाज मंडी जींद रोड कैथल पर मौजूद थी, जब सूचना मिली कि ट्रक नंबर पीबी12टी-9884 में आरोपी मध्य प्रदेश से नशीला पदार्थ लेकर पंजाब जा रहा है। सूचना पर पुलिस ने नाकाबंदी की और थोड़ी देर बाद तितरम मोड़ की ओर से आ रहे ट्रक को रोका। चालक भागने लगा, लेकिन पुलिस ने उसे पकड़ लिया।
डीएसपी कुलभूषण की मौजूदगी में की गई तलाशी में ट्रक से सात किलो अफीम और तीन किलो चूरा पोस्त बरामद होने का दावा किया गया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर चालान अदालत में पेश किया। मामले की सुनवाई के दौरान कुल 13 गवाह पेश किए गए। बचाव पक्ष ने पुलिस कार्रवाई और बरामदगी पर सवाल उठाए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद एडीजे अग्रवाल ने माना कि पुलिस के साक्ष्य भरोसेमंद नहीं हैं। संवाद
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यह मामला थाना शहर कैथल में 23 जून 2019 को एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज मुकदमा नंबर 269 से संबंधित था। बचाव पक्ष के अनुसार, उसी दिन शहर पुलिस टीम नई अनाज मंडी जींद रोड कैथल पर मौजूद थी, जब सूचना मिली कि ट्रक नंबर पीबी12टी-9884 में आरोपी मध्य प्रदेश से नशीला पदार्थ लेकर पंजाब जा रहा है। सूचना पर पुलिस ने नाकाबंदी की और थोड़ी देर बाद तितरम मोड़ की ओर से आ रहे ट्रक को रोका। चालक भागने लगा, लेकिन पुलिस ने उसे पकड़ लिया।
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डीएसपी कुलभूषण की मौजूदगी में की गई तलाशी में ट्रक से सात किलो अफीम और तीन किलो चूरा पोस्त बरामद होने का दावा किया गया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर चालान अदालत में पेश किया। मामले की सुनवाई के दौरान कुल 13 गवाह पेश किए गए। बचाव पक्ष ने पुलिस कार्रवाई और बरामदगी पर सवाल उठाए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद एडीजे अग्रवाल ने माना कि पुलिस के साक्ष्य भरोसेमंद नहीं हैं। संवाद
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