{"_id":"58ac95f34f1c1b9954b24976","slug":"abhay-chowtala-inelo-meeting-inelo-workers-kaithal","type":"story","status":"publish","title_hn":"गाड़ियों की चिंता ना करें कार्यकर्ता, अंबाला पहुंचने के लिए हैं पूरे इंतजाम : चौटाला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गाड़ियों की चिंता ना करें कार्यकर्ता, अंबाला पहुंचने के लिए हैं पूरे इंतजाम : चौटाला
ब्यूरो कैथ्ाल
Updated Wed, 22 Feb 2017 01:03 AM IST
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विपक्ष के नेता अभय चौटाला ने एसवाईएल की खुदाई के लिए कार्यकर्ताओं का किया आह्वान
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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विपक्ष के नेता अभय चौटाला ने कहा कि कांग्रेस व भाजपा नहीं चाहतीं कि प्रदेश के लोगों को उनका हक मिले। वे केवल राजनीति कर रहे हैं। नवंबर माह में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आते ही इनेलो ने इस दिशा में प्रयास शुरू कर दिया था। लेकिन सरकार द्वारा कोई कदम नहीं उठाया गया। जिस कारण मजबूरन इनेलो द्वारा खुद नहर की खुदाई का ऐलान किया गया। आगामी 23 फरवरी को अंबाला में इनेलो कार्यकर्ता एकत्रित होकर पंजाब की ओर कूच कर एसवाईएल नहर की खुदाई करेंगे। चौटाला आरकेएम पैलेस में जिले के इनेलो कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे।
चौटाला ने कहा कि 23 नवंबर को पार्टी कार्यकारिणी की बैठक में यह फैसला लिया गया था कि हरियाणा के हक में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आ जाने के बाद एसवाईएल में पानी लाया जाए। इसके लिए विधानसभा में बात उठाई गई। मुख्यमंत्री से मिलकर कार्रवाई के लिए कहा गया। माननीय राष्ट्रपति महोदय से मिलकर मांग की गई। जब पंजाब विधानसभा में एसवाईएल के लिए किसानों से ली गई नहर की जमीन डिनोटीफाई करने का प्रस्ताव पारित किया गया तो वे अपने विधायकों के साथ पंजाब विधानसभा के बाहर तक गए और वहां रोष प्रकट किया। साथ ही मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि हरियाणा विधानसभा में इस बारे में निंदा प्रस्ताव पारित किया जाए। अन्यथा वे निंदा प्रस्ताव लाएंगे। इसके बाद निंदा प्रस्ताव पारित हुआ। उन्होंने सीएम से आग्रह किया था कि इस मामले में पीएम से भी मांग की जाए। लेकिन आज तक हरियाणा के सीएम को पीएम से मिलने का समय नहीं मिल पाया। इन सब नाकामियों के बाद जब इनेलो ने फैसला ले लिया कि नहर की खुदाई की जाएगी, तब भाजपा सरकार इसमें भी रोड़े अटका रही है। अधिकारी कहते हैं कि मंजूरी नहीं है, लोगों को इकट्ठा नहीं होने देंगे। ये अधिकारी ऐसा इसीलिए कह रहे हैं कि प्रदेश के 90 प्रतिशत अधिकारी बाहर के हैं। लेकिन इनेलो को मंजूरी की आवश्यकता नहीं हैं। हमारा हरियाणा है और अपने हक के लिए कार्यकर्ता आज बड़ी से बड़ी कुर्बानी देने को तैयार है।
उन्होंने कहा कि पंजाब के नेता आज माहौल बिगड़ने की बात कहते हैं। लेकिन हरियाणा ने हमेशा उसे बड़े भाई की तरह सम्मान देते हुए केवल अपने हक की मांग की है। उन्होंने कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि वे अधिक से अधिक संख्या में अंबाला पहुंचे। गाड़ियों की कोई कमी नहीं रहेगी। इस अवसर पर पूर्व मुख्य संसदीय सचिव रामपाल माजरा, इनेलो प्रदेशाध्यक्ष, सहित जिला अध्यक्ष कंवरपाल करोड़ा, बलवान कोटड़ा, हरदीप पाड़ला, पूर्व मंत्री नरेंद्र मदान, धर्मपाल छौत, बूटा सिंह, नरेंद्र जिप्पी शोरेवाला, पूर्व सरपंच छौत संजीव कुमार, एससी वर्ग के जिला अध्यक्ष रामदिया चावरिया, हरिकेश सैनी, पूर्व एचपीएससी चेयरमैन डा. मेहर सिंह सैनी, पूर्व चेयरमैन रामचंद्र करोड़ा आदि मौजूद थे।
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वो नाचने-गाने वाले का क्या नाम है, के प्रश्न पर छूटा हंसी का फव्वारा
अपने वक्तव्य में जब अभय चौटाला कांग्रेस नेता कैप्टन अमरेंद्र सिंह सहित अन्य नेताओं पर कटाक्ष कर रहे थे तो बीच में बोले की एक वो नाचने-गाने वाले का क्या नाम है? तो लोगों के बीच हंसी का फव्वारा फूट पड़ा और भीड़ से आवाज आई की वो भगवंत मान, इस पर चौटाला ने कहा कि ऐसे नेता आज माहौल बिगड़ने की बात कह रहे हैं, जो प्रदेश के लोगों का हक दबाने का काम कर रहे हैं।
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चौटाला ने कहा कि 23 नवंबर को पार्टी कार्यकारिणी की बैठक में यह फैसला लिया गया था कि हरियाणा के हक में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आ जाने के बाद एसवाईएल में पानी लाया जाए। इसके लिए विधानसभा में बात उठाई गई। मुख्यमंत्री से मिलकर कार्रवाई के लिए कहा गया। माननीय राष्ट्रपति महोदय से मिलकर मांग की गई। जब पंजाब विधानसभा में एसवाईएल के लिए किसानों से ली गई नहर की जमीन डिनोटीफाई करने का प्रस्ताव पारित किया गया तो वे अपने विधायकों के साथ पंजाब विधानसभा के बाहर तक गए और वहां रोष प्रकट किया। साथ ही मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि हरियाणा विधानसभा में इस बारे में निंदा प्रस्ताव पारित किया जाए। अन्यथा वे निंदा प्रस्ताव लाएंगे। इसके बाद निंदा प्रस्ताव पारित हुआ। उन्होंने सीएम से आग्रह किया था कि इस मामले में पीएम से भी मांग की जाए। लेकिन आज तक हरियाणा के सीएम को पीएम से मिलने का समय नहीं मिल पाया। इन सब नाकामियों के बाद जब इनेलो ने फैसला ले लिया कि नहर की खुदाई की जाएगी, तब भाजपा सरकार इसमें भी रोड़े अटका रही है। अधिकारी कहते हैं कि मंजूरी नहीं है, लोगों को इकट्ठा नहीं होने देंगे। ये अधिकारी ऐसा इसीलिए कह रहे हैं कि प्रदेश के 90 प्रतिशत अधिकारी बाहर के हैं। लेकिन इनेलो को मंजूरी की आवश्यकता नहीं हैं। हमारा हरियाणा है और अपने हक के लिए कार्यकर्ता आज बड़ी से बड़ी कुर्बानी देने को तैयार है।
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उन्होंने कहा कि पंजाब के नेता आज माहौल बिगड़ने की बात कहते हैं। लेकिन हरियाणा ने हमेशा उसे बड़े भाई की तरह सम्मान देते हुए केवल अपने हक की मांग की है। उन्होंने कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि वे अधिक से अधिक संख्या में अंबाला पहुंचे। गाड़ियों की कोई कमी नहीं रहेगी। इस अवसर पर पूर्व मुख्य संसदीय सचिव रामपाल माजरा, इनेलो प्रदेशाध्यक्ष, सहित जिला अध्यक्ष कंवरपाल करोड़ा, बलवान कोटड़ा, हरदीप पाड़ला, पूर्व मंत्री नरेंद्र मदान, धर्मपाल छौत, बूटा सिंह, नरेंद्र जिप्पी शोरेवाला, पूर्व सरपंच छौत संजीव कुमार, एससी वर्ग के जिला अध्यक्ष रामदिया चावरिया, हरिकेश सैनी, पूर्व एचपीएससी चेयरमैन डा. मेहर सिंह सैनी, पूर्व चेयरमैन रामचंद्र करोड़ा आदि मौजूद थे।
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वो नाचने-गाने वाले का क्या नाम है, के प्रश्न पर छूटा हंसी का फव्वारा
अपने वक्तव्य में जब अभय चौटाला कांग्रेस नेता कैप्टन अमरेंद्र सिंह सहित अन्य नेताओं पर कटाक्ष कर रहे थे तो बीच में बोले की एक वो नाचने-गाने वाले का क्या नाम है? तो लोगों के बीच हंसी का फव्वारा फूट पड़ा और भीड़ से आवाज आई की वो भगवंत मान, इस पर चौटाला ने कहा कि ऐसे नेता आज माहौल बिगड़ने की बात कह रहे हैं, जो प्रदेश के लोगों का हक दबाने का काम कर रहे हैं।