फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kaithal News ›   A flood of devotees thronged the Shiva temples, queues outside the temples

Kaithal News: शिवालयों में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, मंदिरों के बाहर कतारें

Tue, 22 Jul 2025 12:33 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Tue, 22 Jul 2025 12:33 AM IST
विज्ञापन
A flood of devotees thronged the Shiva temples, queues outside the temples
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

कैथल। सावन का महीना आते ही शिवभक्ति की लहर पूरे जिले में उमड़ पड़ती है। सोमवार, जो शिव आराधना का सर्वाधिक प्रिय दिन माना जाता है, इस बार सावन के दूसरे सोमवार को भक्तिभाव की अद्भुत छटा लेकर आया। सुबह पांच बजे से ही श्री ग्यारह रुद्री शिव मंदिर समेत शहर और ग्रामीण इलाकों के तमाम शिवालयों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली।

भक्तजन बेलपत्र, धतूरा, गंगाजल, भस्म और दूध लेकर हर-हर महादेव के जयकारों के साथ मंदिरों की ओर बढ़ते दिखे। शिवलिंग पर जल, दूध, शहद, दही और घी से रुद्राभिषेक करते हुए लोगों ने अपनी मनोकामनाएं अर्पित कीं और सुख-समृद्धि की कामना की।
विज्ञापन


भक्ति के साथ सेवा भी : भंडारों में उमड़ी भीड़ :

ढांड रोड स्थित कुरुक्षेत्र मार्ग पर कई सामाजिक संगठनों द्वारा आयोजित भंडारे दिनभर जारी रहे, जहां राहगीरों और श्रद्धालुओं के लिए भोजन व जलपान की व्यवस्था की गई। सेवा और श्रद्धा का यह संगम सावन की महिमा को और भी व्यापक बना गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


जिले के प्रमुख शिवालयों में घंटों इंतजार के बाद मिला दर्शन का सौभाग्य

शहर के हनुमान वाटिका स्थित प्राचीन शिव मंदिर, पार्क रोड शिव मंदिर, छात्रावास रोड शिव मंदिर, शिव शक्ति धाम मंदिर, सहित अन्य ग्रामीण क्षेत्रों के शिवालयों में भी श्रावण सोमवार की भव्यता देखते ही बनती थी। भक्तजन घंटों लाइन में लगे रहकर भी भगवान शिव की आराधना में डटे रहे।


पथरी क्षेत्र में भी श्रद्धालुओं ने हर-हर महादेव के जयकारों के बीच जलाभिषेक कर वातावरण को भक्तिरस से सराबोर कर दिया।

सावन का महत्व : पुजारी प्रेमशंकर शास्त्री का कथन

शिव शक्ति धाम मंदिर के पुजारी पं. प्रेमशंकर शास्त्री ने बताया कि सावन मास भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है। मान्यता है कि समुद्र मंथन के दौरान निकले हलाहल विष को जब शिव ने ग्रहण किया, तब उनके शरीर की ऊष्मा शांत करने के लिए देवताओं ने उन्हें जल अर्पित किया। तभी से शिवलिंग पर जल चढ़ाने की परंपरा आरंभ हुई। सावन माह तप, ध्यान और भक्ति का समय माना जाता है। विशेष रूप से श्रावण सोमवार व्रत स्त्रियों द्वारा उत्तम वर और सुखमय वैवाहिक जीवन की कामना से रखा जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed