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चैत्र माह के नवरात्र आज से, मंदिरो को भव्य ढंग से सजाया
Updated Sat, 17 Mar 2018 11:49 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
कैथल/कलायत। चैत्र शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से शुरू होने वाले मां दुर्गा के नवरात्र को लेकर मंदिरों को भव्य रूप से सजा दिया गया है। शहर के मंदिरों स्थित मां के श्री विग्रहों को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। मंदिरों में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की दिक्कत न हो इस बात के लिए प्रबंध समितियों द्वारा विशेष प्रबंध किए जा रहे हैं। कलायत की मां कात्यायनी शक्ति पीठ में स्थानीय लोगों की भारी भीड़ के अलावा दूर दराज से आने वाले श्रद्धालुओं का भी तांता लगा रहता है। मंदिर के पुजारी वेद प्रकाश गौतम ने बताया कि कलायत के जो लोग देश में अन्यत्र कहीं रहते हैं वे नवरात्र में यहां आकर नौ दिन मां की अखंड ज्योति जला कर उपवास रख मां की उपासना करते हैं।
कात्यायनी के नाम पर ही हुआ कलायत का नामकरण
मां कात्यायनी के नाम से ही कलायत का नामकरण माना जाता है। कात्यायनी का प्राचीनतम स्थान होने के कारण लोगों की मान्यता है कि कलायत व कात्यायनी एक दूसरे के पूरक हैं। हालांकि एक मत यह भी प्रबल है कि कलायत का नाम विष्णु के पांचवें अवतार भगवान कपिल के नाम पर हुआ है। कलायत के पौराणिक मंदिर में भगवान कपिल व मां कात्यायनी शक्ति पीठ दोनों ही स्थापित हैं।
घट स्थापना मुहूर्त
शिव शक्ति धाम के पंडित प्रेम शंकर शास्त्री ने बताया कि प्रतिपदा 18 मार्च को घट स्थापना का मुहूर्त सुबह 6.40 से 9.30 मिनट तक है। उन्होंने बताया कि प्रतिपदा में अभिजीत मुहूर्त 11.32 से 12.45 तक रहेगा।
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नवरात्र आज से, मंदिरों को भव्य ढंग से सजाया
फोटो नंबर-15 व 16
कैथल/कलायत। चैत्र शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से शुरू होने वाले मां दुर्गा के नवरात्र को लेकर मंदिरों को भव्य रूप से सजा दिया गया है। शहर के मंदिरों स्थित मां के श्री विग्रहों को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। मंदिरों में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की दिक्कत न हो इस बात के लिए प्रबंध समितियों द्वारा विशेष प्रबंध किए जा रहे हैं। कलायत की मां कात्यायनी शक्ति पीठ में स्थानीय लोगों की भारी भीड़ के अलावा दूर दराज से आने वाले श्रद्धालुओं का भी तांता लगा रहता है। मंदिर के पुजारी वेद प्रकाश गौतम ने बताया कि कलायत के जो लोग देश में अन्यत्र कहीं रहते हैं वे नवरात्र में यहां आकर नौ दिन मां की अखंड ज्योति जला कर उपवास रख मां की उपासना करते हैं।
कात्यायनी के नाम पर ही हुआ कलायत का नामकरण
मां कात्यायनी के नाम से ही कलायत का नामकरण माना जाता है। कात्यायनी का प्राचीनतम स्थान होने के कारण लोगों की मान्यता है कि कलायत व कात्यायनी एक दूसरे के पूरक हैं। हालांकि एक मत यह भी प्रबल है कि कलायत का नाम विष्णु के पांचवें अवतार भगवान कपिल के नाम पर हुआ है। कलायत के पौराणिक मंदिर में भगवान कपिल व मां कात्यायनी शक्ति पीठ दोनों ही स्थापित हैं।
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घट स्थापना मुहूर्त
शिव शक्ति धाम के पंडित प्रेम शंकर शास्त्री ने बताया कि प्रतिपदा 18 मार्च को घट स्थापना का मुहूर्त सुबह 6.40 से 9.30 मिनट तक है। उन्होंने बताया कि प्रतिपदा में अभिजीत मुहूर्त 11.32 से 12.45 तक रहेगा।
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नवरात्र आज से, मंदिरों को भव्य ढंग से सजाया
फोटो नंबर-15 व 16