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गांव के विकास के लिए बी.टैक पास सरपंच बेटी अब वेब डिजाईनिंग का कर रही है कोर्स, ताकि कर सकें गांव का कायाकल्प
Updated Thu, 08 Mar 2018 11:40 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। जिले के गांव ककराला कुच्चियां की बीटेक सरपंच प्रवीण कौर ने कभी नहीं सोचा था कि हरियाणा के मुख्यमंत्री महिला दिवस पर अपने ट्विट में उनका जिक्र करेंगे और उनकी फोटो शेयर करते हुए प्रेरणास्रोत बताएंगे। वीरवार को जब उन्हें इस बारे में जानकारी मिलीं तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। सरकार द्वारा पढ़ी-लिखी पंचायत होने की शर्त के चलते गांव में सर्वसम्मति से सरपंच बनीं प्रवीण कौर बीटेक फाइनल वर्ष में हैं। कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से वह बीटेक कर रहीं हैं। दो साल पहले जब चुनाव हुआ तो गांव के लोगों ने बीटेक द्वितीय वर्ष में पढ़ते हुए उसे सर्वसम्मति से अपना सरपंच चुन लिया था। इसके बाद से लेकर अब तक उसने गांव में कई बड़े कार्य करवाए हैं। पिछले साल हरियाणा सरकार ने महिला दिवस के अवसर पर उसे गुजरात भी भेजा था।
प्रवीण कौर ने इस खुशी के अवसर पर अमर उजाला से बातचीत में कहा कि उसने सरपंच बनने के बाद पूरे गांव को वाई-फाई करने की दिशा में कदम बढ़ाया। उपकरण लग चुके हैं, शीघ्र ही पूरा गांव वाई-फाई हो जाएगा। गांव में 14 सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। साथ ही 30 स्ट्रीट लाइटें लगी हैं। जो गांव के सचिवालय में लगे सौर ऊर्जा उपकरण से संचालित होती हैं। पूरे गांव की गलियों को पक्का करवाया गया है। स्वच्छता के लिए गांव में गंदे पानी को ट्रीट करके प्रयोग के लिए तैयार करने के प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। गांव में सचिवालय भवन बन गया है। शीघ्र ही इसमें सभी सुविधाएं मिलने लगेंगी। ग्राम पंचायत के पास कोई जमीन नहीं है। ना ही कोई अन्य आय का साधन। सरकारी ग्रांट से ही गांव के काम करवाए जा रहे हैं। करीब 1200 की आबादी वाले गांव ककराला व कुच्चियां एक साथ स्थित हैं। गांव में श्मशान घाट का जीर्णोद्धार, पंचायत घर 10 लाख की लागत से, वाटर कूलर, डस्टबीन की सुविधा उपलब्ध करवाई गई है।
मुख्यमंत्री ने अपने ट्विट में उनके शिक्षित होने के चलते महिला दिवस के अवसर पर जो जिक्र किया है। उससे पूरे परिवार को खुशी मिली है।
वेब डिजाइनिंग की ले रही हैं जानकारी, बनाई जाएगी गांव की वेबसाइट : प्रवीण कौर ने बताया कि गांव में ऑनलाइन सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए वे मोहाली से 6 माह की वेब डिजाइनिंग की ट्रेनिंग ले रही हैं। ताकि गांव की अपनी वेबसाइट बनाकर उसके माध्यम से अधिक से अधिक कार्य ऑनलाइन हो सकें। बहते पानी का संरक्षण उनकी प्राथमिकता है। साथ ही गांव के सचिवालय में ही पेंशन देने की सुविधा लाए जाने पर गंभीरता से प्रयास चल रहे हैं।
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सीएम ने ट्विट कर ककराला कुच्चियां की सरपंच को बताया प्रेरणास्रोत
- कहा- प्रवीण कौर जैसी पढ़ी लिखी सरपंच बदल रही हैं गांवों की तस्वीर
- गांव के विकास के लिए बीटेक कर रही सरपंच बेटी अब वेब डिजाइनिंग का कर रही है कोर्स, ताकि कर सके गांव का कायाकल्प
अमर उजाला एक्सक्लूसिव
फोटो संख्या-24, 25
कैथल। जिले के गांव ककराला कुच्चियां की बीटेक सरपंच प्रवीण कौर ने कभी नहीं सोचा था कि हरियाणा के मुख्यमंत्री महिला दिवस पर अपने ट्विट में उनका जिक्र करेंगे और उनकी फोटो शेयर करते हुए प्रेरणास्रोत बताएंगे। वीरवार को जब उन्हें इस बारे में जानकारी मिलीं तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। सरकार द्वारा पढ़ी-लिखी पंचायत होने की शर्त के चलते गांव में सर्वसम्मति से सरपंच बनीं प्रवीण कौर बीटेक फाइनल वर्ष में हैं। कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से वह बीटेक कर रहीं हैं। दो साल पहले जब चुनाव हुआ तो गांव के लोगों ने बीटेक द्वितीय वर्ष में पढ़ते हुए उसे सर्वसम्मति से अपना सरपंच चुन लिया था। इसके बाद से लेकर अब तक उसने गांव में कई बड़े कार्य करवाए हैं। पिछले साल हरियाणा सरकार ने महिला दिवस के अवसर पर उसे गुजरात भी भेजा था।
प्रवीण कौर ने इस खुशी के अवसर पर अमर उजाला से बातचीत में कहा कि उसने सरपंच बनने के बाद पूरे गांव को वाई-फाई करने की दिशा में कदम बढ़ाया। उपकरण लग चुके हैं, शीघ्र ही पूरा गांव वाई-फाई हो जाएगा। गांव में 14 सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। साथ ही 30 स्ट्रीट लाइटें लगी हैं। जो गांव के सचिवालय में लगे सौर ऊर्जा उपकरण से संचालित होती हैं। पूरे गांव की गलियों को पक्का करवाया गया है। स्वच्छता के लिए गांव में गंदे पानी को ट्रीट करके प्रयोग के लिए तैयार करने के प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। गांव में सचिवालय भवन बन गया है। शीघ्र ही इसमें सभी सुविधाएं मिलने लगेंगी। ग्राम पंचायत के पास कोई जमीन नहीं है। ना ही कोई अन्य आय का साधन। सरकारी ग्रांट से ही गांव के काम करवाए जा रहे हैं। करीब 1200 की आबादी वाले गांव ककराला व कुच्चियां एक साथ स्थित हैं। गांव में श्मशान घाट का जीर्णोद्धार, पंचायत घर 10 लाख की लागत से, वाटर कूलर, डस्टबीन की सुविधा उपलब्ध करवाई गई है।
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मुख्यमंत्री ने अपने ट्विट में उनके शिक्षित होने के चलते महिला दिवस के अवसर पर जो जिक्र किया है। उससे पूरे परिवार को खुशी मिली है।
वेब डिजाइनिंग की ले रही हैं जानकारी, बनाई जाएगी गांव की वेबसाइट : प्रवीण कौर ने बताया कि गांव में ऑनलाइन सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए वे मोहाली से 6 माह की वेब डिजाइनिंग की ट्रेनिंग ले रही हैं। ताकि गांव की अपनी वेबसाइट बनाकर उसके माध्यम से अधिक से अधिक कार्य ऑनलाइन हो सकें। बहते पानी का संरक्षण उनकी प्राथमिकता है। साथ ही गांव के सचिवालय में ही पेंशन देने की सुविधा लाए जाने पर गंभीरता से प्रयास चल रहे हैं।
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सीएम ने ट्विट कर ककराला कुच्चियां की सरपंच को बताया प्रेरणास्रोत
- कहा- प्रवीण कौर जैसी पढ़ी लिखी सरपंच बदल रही हैं गांवों की तस्वीर
- गांव के विकास के लिए बीटेक कर रही सरपंच बेटी अब वेब डिजाइनिंग का कर रही है कोर्स, ताकि कर सके गांव का कायाकल्प
अमर उजाला एक्सक्लूसिव
फोटो संख्या-24, 25