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आशा वर्करों का शोषण करना बंद कर उन्हें न्यूनतम वेतन दे सरकार: चरणजीत कौर
Updated Tue, 30 Jan 2018 12:04 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
गुहला-चीका। आशा वर्कर यूनियन ने सोमवार को ताऊ देवी लाल पार्क चीका में एक सभा का आयोजन किया। इस सभा का संचालन जिला सचिव सर्वजीत कौर ने किया व अध्यक्षता संतोष ब्राहमणी वाला ने की। आशा वर्करों को संबोधित करते हुए सीटू के जिला प्रधान सत्यवान ने कहा कि आशा वर्कर पिछले तीन दिनों से हड़ताल पर हैं, लेकिन सरकार के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही है। उन्होंने कहा कि ये आशा वर्कर पिछले ग्यारह दिनों से लगातार धरना दे रही हैं लेकिन किसी भी नेता या अधिकारी ने इनसे बात करने की जहमत नहीं उठाई। जिला प्रधान संतोष व ब्लाक प्रधान चरणजीत कौर ने कहा कि सरकार उनकी मांगों को पूरा करने की बजाए टालमटोल करती आ रही है, लेकिन अब ये आशा वर्कर आरपार की लड़ाई के मूड में आ चुकी है। इन महिला नेत्रियों ने कहा कि सरकार आशा वर्करों को न्यूनतम वेतन दे। सब सेंटरों पर आशाओं की हाजिरी लगवाई जाए व अलमारी दी जाए। सेल्फ अप्रेज्ल प्रफोर्मा से सभी तरह के हस्ताक्षर खत्म किए जाएं। वर्दी का पैसा बढ़ा कर एक हजार किया जाए व साल में दो बार वर्दी दी जाए। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि सरकार आशा वर्करों को एंड्रॉयड फोन व नेट उपलब्ध करवाए या फिर उनसे किसी भी प्रकार की फोटो या रिपोर्ट फोन पर ना मांगी जाए। सभा के बाद अपनी मांगों का ज्ञापन देने के लिए आशा वर्करों ने विधायक निवास की तरफ कूच किया लेकिन वहां पर विधायक कुलवंत बाजीगर के ना मिलने से महिलाएं भडक़ उठी और विधायक निवास का घेराव कर वहीं बैठ गई। इन आशा वर्करों का आरोप था कि उनके प्रदर्शन की जानकारी मिलने पर विधायक जानबूझ कर उनके सामने नहीं आना चाहते। उन्होंने लगभग दो घंटों तक विधायक निवास का घेराव जारी रखा। आशा वर्करों की जिद्द को देखते हुए एसडीएम गुहला सुरेंद्र पाल विधायक निवास पर पहुंचे और उनकी मांगों का ज्ञापन ले उसे सरकार तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। विधायक कुलवंत बाजीगर ने भी फोन के माध्यम से बताया कि वे किसी जरूरी काम के चलते चंडीगढ़ गए है और एक फरवरी को वे उनसे मिल समस्याएं जानेंगे।
समाज सेवी नोदी चीका व उनके साथियों ने उन्हें अपना पूरा समर्थन देने की घोषणा की। नोदी ने कहा कि मौजूदा भाजपा सरकार ने सत्ता में आने से पहले कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने का वादा किया था लेकिन साढ़े तीन साल बीत जाने के बावजूद सरकार ने कुछ नहीं किया। नोदी ने कहा कि बेटी बचाने व इनकी हालत में सुधार लाने के बड़े बड़े दावे करने वाली भाजपा ने ही महिलाओं का सबसे अधिक शोषण किया है। सभा को धर्मचंद नैन, बलजिंद्र सीड़ा, राकेश कुमार ने भी संबोधित किया।
आशा वर्करों का शोषण करना बंद कर उन्हें न्यूनतम वेतन दे सरकार: चरणजीत कौर
अपनी मांगों को ज्ञापन देने पहुंची आशा वर्करों ने विधायक आवास का किया घेराव
फोटो संख्या-45 व 46
गुहला-चीका। आशा वर्कर यूनियन ने सोमवार को ताऊ देवी लाल पार्क चीका में एक सभा का आयोजन किया। इस सभा का संचालन जिला सचिव सर्वजीत कौर ने किया व अध्यक्षता संतोष ब्राहमणी वाला ने की। आशा वर्करों को संबोधित करते हुए सीटू के जिला प्रधान सत्यवान ने कहा कि आशा वर्कर पिछले तीन दिनों से हड़ताल पर हैं, लेकिन सरकार के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही है। उन्होंने कहा कि ये आशा वर्कर पिछले ग्यारह दिनों से लगातार धरना दे रही हैं लेकिन किसी भी नेता या अधिकारी ने इनसे बात करने की जहमत नहीं उठाई। जिला प्रधान संतोष व ब्लाक प्रधान चरणजीत कौर ने कहा कि सरकार उनकी मांगों को पूरा करने की बजाए टालमटोल करती आ रही है, लेकिन अब ये आशा वर्कर आरपार की लड़ाई के मूड में आ चुकी है। इन महिला नेत्रियों ने कहा कि सरकार आशा वर्करों को न्यूनतम वेतन दे। सब सेंटरों पर आशाओं की हाजिरी लगवाई जाए व अलमारी दी जाए। सेल्फ अप्रेज्ल प्रफोर्मा से सभी तरह के हस्ताक्षर खत्म किए जाएं। वर्दी का पैसा बढ़ा कर एक हजार किया जाए व साल में दो बार वर्दी दी जाए। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि सरकार आशा वर्करों को एंड्रॉयड फोन व नेट उपलब्ध करवाए या फिर उनसे किसी भी प्रकार की फोटो या रिपोर्ट फोन पर ना मांगी जाए। सभा के बाद अपनी मांगों का ज्ञापन देने के लिए आशा वर्करों ने विधायक निवास की तरफ कूच किया लेकिन वहां पर विधायक कुलवंत बाजीगर के ना मिलने से महिलाएं भडक़ उठी और विधायक निवास का घेराव कर वहीं बैठ गई। इन आशा वर्करों का आरोप था कि उनके प्रदर्शन की जानकारी मिलने पर विधायक जानबूझ कर उनके सामने नहीं आना चाहते। उन्होंने लगभग दो घंटों तक विधायक निवास का घेराव जारी रखा। आशा वर्करों की जिद्द को देखते हुए एसडीएम गुहला सुरेंद्र पाल विधायक निवास पर पहुंचे और उनकी मांगों का ज्ञापन ले उसे सरकार तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। विधायक कुलवंत बाजीगर ने भी फोन के माध्यम से बताया कि वे किसी जरूरी काम के चलते चंडीगढ़ गए है और एक फरवरी को वे उनसे मिल समस्याएं जानेंगे।
समाज सेवी नोदी चीका व उनके साथियों ने उन्हें अपना पूरा समर्थन देने की घोषणा की। नोदी ने कहा कि मौजूदा भाजपा सरकार ने सत्ता में आने से पहले कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने का वादा किया था लेकिन साढ़े तीन साल बीत जाने के बावजूद सरकार ने कुछ नहीं किया। नोदी ने कहा कि बेटी बचाने व इनकी हालत में सुधार लाने के बड़े बड़े दावे करने वाली भाजपा ने ही महिलाओं का सबसे अधिक शोषण किया है। सभा को धर्मचंद नैन, बलजिंद्र सीड़ा, राकेश कुमार ने भी संबोधित किया।
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आशा वर्करों का शोषण करना बंद कर उन्हें न्यूनतम वेतन दे सरकार: चरणजीत कौर
अपनी मांगों को ज्ञापन देने पहुंची आशा वर्करों ने विधायक आवास का किया घेराव
फोटो संख्या-45 व 46