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पोर्टल पर अपलोड है वर्ष 2010-11 की जमाबंदी
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पांच माह बीत जाने के बाद भी पोर्टल पर नहीं है नई जमीन का ब्यौरा
पोर्टल पर अपलोड है वर्ष 2010-11 की जमाबंदी
फोटो नंबर-33
अमर उजाला ब्यूरो
कलायत। हरियाणा सरकार द्वारा शुरू कर गई मेरी फसल मेरा ब्योरा योजना का लाभ कृषि विभाग की लापरवाही के चलते क्षेत्र के किसानों को नहीं मिल पा रहा है। ई-प्रणाली के तहत शुरू किए गए वेब पोर्टल पर किसानों को अपनी फसल का ब्यौरा देने के लिए फरद के अनुसार डाटा जमा करवाया जाता है। लेकिन योजना के पांच माह बीत जाने के बाद भी कलायत क्षेत्र में नई जमाबंदी के तहत जमीन का ब्यौरा पोर्टल पर नहीं दर्शाया जा सका है। मदन सिंह, कुलदीप सिंह, रवि कुमार, शीशपाल, पंकज, राजेश, महेंद्र सिंह, तरसेम आदि किसानों ने बताया कि इस योजना के लागू होने से प्रदेश के किसानों का हक किसी अन्य प्रदेश को नहीं मिलेगा। हरियाणा सरकार की फसल संबंधी योजनाओं का लाभ केवल हरियाणा के किसानों को ही मिले इस बात को ध्यान रखते हुए प्रदेश के सभी किसानों को अपनी फसल का विवरण ऑनलाइन दर्ज करने की योजना शुरू की गई है। पोर्टल पर वर्ष 2018-19 की बजाय 2010-11 की जमाबंदी अपलोड की गई है। जिसके कारण वर्ष 2010-11 के बाद किसानों द्वारा खरीदी गई व इंतकाल होने के बाद विरासत/ दस्तबरदारी/ पारिवारिक हस्तांतरण का पूर्ण ब्यौरा पोर्टल पर नहीं दर्शाया जा रहा है।
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पोर्टल पर अपलोड है वर्ष 2010-11 की जमाबंदी
फोटो नंबर-33
अमर उजाला ब्यूरो
कलायत। हरियाणा सरकार द्वारा शुरू कर गई मेरी फसल मेरा ब्योरा योजना का लाभ कृषि विभाग की लापरवाही के चलते क्षेत्र के किसानों को नहीं मिल पा रहा है। ई-प्रणाली के तहत शुरू किए गए वेब पोर्टल पर किसानों को अपनी फसल का ब्यौरा देने के लिए फरद के अनुसार डाटा जमा करवाया जाता है। लेकिन योजना के पांच माह बीत जाने के बाद भी कलायत क्षेत्र में नई जमाबंदी के तहत जमीन का ब्यौरा पोर्टल पर नहीं दर्शाया जा सका है। मदन सिंह, कुलदीप सिंह, रवि कुमार, शीशपाल, पंकज, राजेश, महेंद्र सिंह, तरसेम आदि किसानों ने बताया कि इस योजना के लागू होने से प्रदेश के किसानों का हक किसी अन्य प्रदेश को नहीं मिलेगा। हरियाणा सरकार की फसल संबंधी योजनाओं का लाभ केवल हरियाणा के किसानों को ही मिले इस बात को ध्यान रखते हुए प्रदेश के सभी किसानों को अपनी फसल का विवरण ऑनलाइन दर्ज करने की योजना शुरू की गई है। पोर्टल पर वर्ष 2018-19 की बजाय 2010-11 की जमाबंदी अपलोड की गई है। जिसके कारण वर्ष 2010-11 के बाद किसानों द्वारा खरीदी गई व इंतकाल होने के बाद विरासत/ दस्तबरदारी/ पारिवारिक हस्तांतरण का पूर्ण ब्यौरा पोर्टल पर नहीं दर्शाया जा रहा है।