{"_id":"5bb66334867a55293e769dcc","slug":"81538679604-kaithal-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीवन अनाज मंडी में तीन दिनों से नहीं हुई धान की खरीद, सरकार के खिलाफ गरजे किसान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीवन अनाज मंडी में तीन दिनों से नहीं हुई धान की खरीद, सरकार के खिलाफ गरजे किसान
Updated Fri, 05 Oct 2018 12:30 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
तीन दिनों से नहीं हुई धान की खरीद, सरकार के खिलाफ गरजे किसान
मंडी में तीन खरीद एजेंसी लेकिन एक भी नहीं कर रही खरीद
फोटो नंबर-14
अमर उजाला ब्यूरो
सीवन। अनाज मंडी में गत तीन दिनों से धान की खरीद न होने के विरोध में किसानों ने खरीद एजेंसियों और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। अनाज मंडी पिछले दिनों से धान से अटी पड़ी है और धान की खरीद तीन एजेंसियों को करनी है। लेकिन आज तक तीनों ही एजेंसियों में से किसी भी एजेंसी ने खरीद नहीं की है। जिसके चलते किसान गत चार दिनों से मंडी अनाज बेचने के लिए डेरा डाले हुए है और मंडी में उनकी सुनने वाला कोई नहीं है।
खरीद एजेंसी नमी की मात्रा अधिक बताकर धान खरीद में आनाकानी कर रही है। जबकि खरीद एजेंसियों को अभी तक यह भी मालूम नहीं है कि उनके द्वारा खरीदा गया माल किसी राइस सेलर में भेजना है। जिसको लेकर खरीद एजेंसियों और किसानों में जमकर बहस हुई।
किसान कैथल की मंडी में धान ले जाने को मजबूर : पक्का आढ़ती एसोसिएशन के पूर्व प्रधान कृष्ण गर्ग ने बताया कि पिछले तीन दिनों से धान की खरीद नहीं हो पा रही थी जिसके कारण किसानों को मजबूरन अपना धान कैथल की मंडी में ले जाना पड़ रहा था। बहुत से किसान सीवन से अपना धान कैथल मंडी में लेकर गए हैं।
विज्ञापन
नहीं हो रही धान की खरीद : किसान दलबीर सिंह, मोहन, रामचन्द्र कश्यप, सुरेन्द्र, कर्ण, साधु राम, बनवारी, सतपाल, धर्मपाल का आरोप है कि खरीद वह चार दिनों से मंडी में धान बेचने के लिए आए हुए है। मंडी धान से अटी पड़ी है लेकिन नमी की मात्रा अधिक बताकर कोई भी खरीद एजेंसी खरीद नहीं कर रही है। दो दिन तक तो खरीद एजेंसी मंडी में आई तक नहीं। किसानों ने मांग की है कि धान की खरीद शुरू की जाए अन्यथा वह मंडी के गेटों पर ताला जोड़कर प्रदर्शन करेंगे।
सीवन अनाज मंडी के सचिव मनदीप सिंह ने बताया कि उन्होंने मंडी में किसानों के लिए बिजली, पानी, शौचालय, फीड़ों की सफाई व अन्य सभी सुविधाएं उपलब्ध करवा दी है। लेकिन खरीद एजेंसी नमी की मात्रा अधिक बताकर खरीद नही कर रही है। वह खरीद एजेंसियों से धान की खरीद करने के लिए रिकवेस्ट कर रहे है ताकि मंडी में आया धान साथ की साथ उठ सके और किसानों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
विज्ञापन
मंडी में तीन खरीद एजेंसी लेकिन एक भी नहीं कर रही खरीद
फोटो नंबर-14
अमर उजाला ब्यूरो
सीवन। अनाज मंडी में गत तीन दिनों से धान की खरीद न होने के विरोध में किसानों ने खरीद एजेंसियों और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। अनाज मंडी पिछले दिनों से धान से अटी पड़ी है और धान की खरीद तीन एजेंसियों को करनी है। लेकिन आज तक तीनों ही एजेंसियों में से किसी भी एजेंसी ने खरीद नहीं की है। जिसके चलते किसान गत चार दिनों से मंडी अनाज बेचने के लिए डेरा डाले हुए है और मंडी में उनकी सुनने वाला कोई नहीं है।
खरीद एजेंसी नमी की मात्रा अधिक बताकर धान खरीद में आनाकानी कर रही है। जबकि खरीद एजेंसियों को अभी तक यह भी मालूम नहीं है कि उनके द्वारा खरीदा गया माल किसी राइस सेलर में भेजना है। जिसको लेकर खरीद एजेंसियों और किसानों में जमकर बहस हुई।
विज्ञापन
किसान कैथल की मंडी में धान ले जाने को मजबूर : पक्का आढ़ती एसोसिएशन के पूर्व प्रधान कृष्ण गर्ग ने बताया कि पिछले तीन दिनों से धान की खरीद नहीं हो पा रही थी जिसके कारण किसानों को मजबूरन अपना धान कैथल की मंडी में ले जाना पड़ रहा था। बहुत से किसान सीवन से अपना धान कैथल मंडी में लेकर गए हैं।
विज्ञापन
नहीं हो रही धान की खरीद : किसान दलबीर सिंह, मोहन, रामचन्द्र कश्यप, सुरेन्द्र, कर्ण, साधु राम, बनवारी, सतपाल, धर्मपाल का आरोप है कि खरीद वह चार दिनों से मंडी में धान बेचने के लिए आए हुए है। मंडी धान से अटी पड़ी है लेकिन नमी की मात्रा अधिक बताकर कोई भी खरीद एजेंसी खरीद नहीं कर रही है। दो दिन तक तो खरीद एजेंसी मंडी में आई तक नहीं। किसानों ने मांग की है कि धान की खरीद शुरू की जाए अन्यथा वह मंडी के गेटों पर ताला जोड़कर प्रदर्शन करेंगे।
सीवन अनाज मंडी के सचिव मनदीप सिंह ने बताया कि उन्होंने मंडी में किसानों के लिए बिजली, पानी, शौचालय, फीड़ों की सफाई व अन्य सभी सुविधाएं उपलब्ध करवा दी है। लेकिन खरीद एजेंसी नमी की मात्रा अधिक बताकर खरीद नही कर रही है। वह खरीद एजेंसियों से धान की खरीद करने के लिए रिकवेस्ट कर रहे है ताकि मंडी में आया धान साथ की साथ उठ सके और किसानों को परेशानी का सामना न करना पड़े।