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फसल का मुआवजा शीघ्र दिलवाए सरकार-आर्य
Updated Thu, 27 Sep 2018 09:28 AM IST
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फसल का मुआवजा शीघ्र दिलवाए सरकार : आर्य
अमर उजाला ब्यूरो
पूंडरी। भारतीय किसन संघ के प्रदेश कोषाध्यक्ष व सचिव रणदीप आर्य फरल ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2010-11 तत्कालीन प्रधान मंत्री मनमोहन सिंह ने मॉडिफाइड नेशनल एग्रीकल्चर इंश्योरेंस पॉलिसी बनाई थी। इस पॉलिसी में देश के 26 राज्यों के 52 जिले चुने गए थे और यह एक्सपेरिमेंट किया गया था। उसी योजना के तहत आज भी कार्य कर रहे हैं। मॉडिफाइड इंश्योरेंस पॉलिसी से लेकर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना तक इसमें किसी प्रकार का कोई सुधार नहीं है। इस बात की भारतीय किसान संघ आलोचना करता है। भारत किसान संघ पिछले कई वर्षों से मांग रहा है कि फसलों के लिए कृषि बीमा योजना बनाई जाए और एक बीमा संगठन बनाया जाए जोकि पूर्ण रूप से सरकारी हो। वर्तमान में प्राइवेट बीमा कंपनी जो बीच में आई हुई है, ये किसानों को लूटकर प्रीमियम सरकार से भी लेती है व किसान से भी लेती हैं और चली जाती है। इस मौके पर जिलाध्यक्ष गुलतान सिंह नैन, राम मोहना, पाला राम क्योडक़, खंड अध्यक्ष कैथल सतीश कुमार ग्योंग, दीपक वालिया खंड अध्यक्ष पूंडरी मौजूद रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
पूंडरी। भारतीय किसन संघ के प्रदेश कोषाध्यक्ष व सचिव रणदीप आर्य फरल ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2010-11 तत्कालीन प्रधान मंत्री मनमोहन सिंह ने मॉडिफाइड नेशनल एग्रीकल्चर इंश्योरेंस पॉलिसी बनाई थी। इस पॉलिसी में देश के 26 राज्यों के 52 जिले चुने गए थे और यह एक्सपेरिमेंट किया गया था। उसी योजना के तहत आज भी कार्य कर रहे हैं। मॉडिफाइड इंश्योरेंस पॉलिसी से लेकर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना तक इसमें किसी प्रकार का कोई सुधार नहीं है। इस बात की भारतीय किसान संघ आलोचना करता है। भारत किसान संघ पिछले कई वर्षों से मांग रहा है कि फसलों के लिए कृषि बीमा योजना बनाई जाए और एक बीमा संगठन बनाया जाए जोकि पूर्ण रूप से सरकारी हो। वर्तमान में प्राइवेट बीमा कंपनी जो बीच में आई हुई है, ये किसानों को लूटकर प्रीमियम सरकार से भी लेती है व किसान से भी लेती हैं और चली जाती है। इस मौके पर जिलाध्यक्ष गुलतान सिंह नैन, राम मोहना, पाला राम क्योडक़, खंड अध्यक्ष कैथल सतीश कुमार ग्योंग, दीपक वालिया खंड अध्यक्ष पूंडरी मौजूद रहे।