{"_id":"5a4bcb464f1c1b4e198b4793","slug":"81514916678-kaithal-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"1000 की आबादी पर महज 1 कूड़ेदान, आबादी के हिसाब से 200 कूड़ेदान ओर चाहिए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
1000 की आबादी पर महज 1 कूड़ेदान, आबादी के हिसाब से 200 कूड़ेदान ओर चाहिए
Updated Tue, 02 Jan 2018 11:41 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। स्वच्छता मिशन के तहत पूरे देश में स्वच्छता सर्वेक्षण के कल से सर्वे होना है। सर्वे सिर पर आने की सूचना पर सभी अधिकारी खुद गंभीर नहीं लग रहे हैं। केवल डस्टबिन का भी हिसाब लगाया जाए तो शहर में 2 लाख की आबादी पर 200 डस्टबिन हैं। 1000 की आबादी पर महज 1 डस्टबिन। कई जगह ये ओवरफ्लो रहते हैं। शहर में आबादी के हिसाब से 200 डस्टबिन और चाहिए।
शहर में कुल 200 डस्टबिन, उनमें से भी अधिकतर टूटे
नगर परिषद से मिली जानकारी के अनुसार शहर में कुल 200 डस्टबिन हैं। जिसमें से भी अधिकतर जगहों पर रखे गए डस्टबिन की हालत खस्ता है। जिस कारण कूड़ा सड़क पर गिरता है। शहर की करीब दो लाख की आबादी है। आबादी के हिसाब से कम से कम 400 डस्टबिन हों तो काम चले।
बाजार में भी हो डस्टबिन : दुकानदार हर्ष धमीजा ने बताया कि मेन बाजार में करीब 600 दुकानें है। इन दुकानों के क्षेत्र में नगर परिषद की ओर से केवल 5 से 7 डस्टबिन ही रखे गए हैं। ऐसे में डस्टबिन की कमी में यहां आने वाले ग्राहक सड़क पर कूड़ा फेंक देते है। यह स्वच्छता के लिए हानि है।
विज्ञापन
सफाई के लिए डस्टबिन अधिक जरूरी : शहरवासी अश्वनी ग्रोवर ने कहा कि शहर में स्वच्छता बनाए रखने के लिए डस्टबिन एक अहम कड़ी है। ऐसे में नगर परिषद को हर गली के हिसाब से डस्टबिन को रखवाना चाहिए। जिससे शहरवासियों को परेशानी न हो।
डीसी से गुहार लगाएंगे : नगर परिषद के कार्यकारी प्रधान डा. पवन थरेजा ने कहा कि कई बार हाउस की बैठक में डस्टबिन के मुद्दे को उठाया जाता है। लेकिन पार्षदों की सहमति न होने के कारण प्रस्ताव नहीं रखा जाता। इस बारे में डीसी से गुहार लगाकर नगर परिषद की ग्रांट से डस्टबिन रखवाने की मांग करेंगे।
4 जनवरी से होना है शहर का सफाई सर्वेक्षण : शहर में 4 जनवरी से स्वच्छता सर्वेक्षण होना है। जिसमें स्वच्छता सहित कई तरह की बातों को ध्यान में रखते हुए अंक मिलेंगे।
1000 की आबादी पर महज 1 कूड़ेदान
आबादी के हिसाब से चाहिए 200 और कूड़ेदान
वीरवार से शुरू होगा स्वच्छता सर्वेक्षण, दो दिन तक चले विशेष अभियान तो बनें बात
डीसी के आदेशों के बावजूद हालात नजर आ रहे हैं सुस्त
फोटो नंबर-16 से 18
कैथल। स्वच्छता मिशन के तहत पूरे देश में स्वच्छता सर्वेक्षण के कल से सर्वे होना है। सर्वे सिर पर आने की सूचना पर सभी अधिकारी खुद गंभीर नहीं लग रहे हैं। केवल डस्टबिन का भी हिसाब लगाया जाए तो शहर में 2 लाख की आबादी पर 200 डस्टबिन हैं। 1000 की आबादी पर महज 1 डस्टबिन। कई जगह ये ओवरफ्लो रहते हैं। शहर में आबादी के हिसाब से 200 डस्टबिन और चाहिए।
शहर में कुल 200 डस्टबिन, उनमें से भी अधिकतर टूटे
नगर परिषद से मिली जानकारी के अनुसार शहर में कुल 200 डस्टबिन हैं। जिसमें से भी अधिकतर जगहों पर रखे गए डस्टबिन की हालत खस्ता है। जिस कारण कूड़ा सड़क पर गिरता है। शहर की करीब दो लाख की आबादी है। आबादी के हिसाब से कम से कम 400 डस्टबिन हों तो काम चले।
विज्ञापन
बाजार में भी हो डस्टबिन : दुकानदार हर्ष धमीजा ने बताया कि मेन बाजार में करीब 600 दुकानें है। इन दुकानों के क्षेत्र में नगर परिषद की ओर से केवल 5 से 7 डस्टबिन ही रखे गए हैं। ऐसे में डस्टबिन की कमी में यहां आने वाले ग्राहक सड़क पर कूड़ा फेंक देते है। यह स्वच्छता के लिए हानि है।
विज्ञापन
सफाई के लिए डस्टबिन अधिक जरूरी : शहरवासी अश्वनी ग्रोवर ने कहा कि शहर में स्वच्छता बनाए रखने के लिए डस्टबिन एक अहम कड़ी है। ऐसे में नगर परिषद को हर गली के हिसाब से डस्टबिन को रखवाना चाहिए। जिससे शहरवासियों को परेशानी न हो।
डीसी से गुहार लगाएंगे : नगर परिषद के कार्यकारी प्रधान डा. पवन थरेजा ने कहा कि कई बार हाउस की बैठक में डस्टबिन के मुद्दे को उठाया जाता है। लेकिन पार्षदों की सहमति न होने के कारण प्रस्ताव नहीं रखा जाता। इस बारे में डीसी से गुहार लगाकर नगर परिषद की ग्रांट से डस्टबिन रखवाने की मांग करेंगे।
4 जनवरी से होना है शहर का सफाई सर्वेक्षण : शहर में 4 जनवरी से स्वच्छता सर्वेक्षण होना है। जिसमें स्वच्छता सहित कई तरह की बातों को ध्यान में रखते हुए अंक मिलेंगे।
1000 की आबादी पर महज 1 कूड़ेदान
आबादी के हिसाब से चाहिए 200 और कूड़ेदान
वीरवार से शुरू होगा स्वच्छता सर्वेक्षण, दो दिन तक चले विशेष अभियान तो बनें बात
डीसी के आदेशों के बावजूद हालात नजर आ रहे हैं सुस्त
फोटो नंबर-16 से 18