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आंगनबाड़ी वर्कर्स ने फूंका केंद्रीय मंत्री का पुतला
Updated Sun, 24 Sep 2017 12:24 AM IST
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आंगनबाड़ी वर्कर्स ने फूंका केंद्रीय मंत्री का पुतला
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। केंद्र सरकार की ओर से डीसीडी स्कीम लागू करने के विरोध में शनिवार को आंगनबाड़ी वर्कर एवं हेल्पर यूनियन ने शहर में प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन के दौरान वर्करों ने आईसीडीएस केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी का पुतला भी फूंका। प्रदर्शन के माध्यम से उन्होंने आईसीडीएस में कंडीशनल कैश ट्रांसफर को लागू करने पर विरोध जताया। प्रदर्शन की अगुवाई यूनियन की जिला प्रधान राजबाला ने की।
सबसे पहले जिलाभर से आई आंगनबाड़ी वर्कर और हेल्पर जवाहर पार्क में इकट्ठा हुई। जिसके बाद वे केंद्र व प्रदेश सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करती हुई पेहवा चौक करनाल रोड से होकर लघु सचिवालय पहुंची। लघु सचिवालय पहुंचकर वर्करों एवं हेल्परों ने केंद्रीय मंत्रीका पुतला फूंका। उन्होंने अपनी मांगों का ज्ञापन एसडीएम कमलप्रीत कौर के माध्यम से प्रधानमंत्री को भेजा गया। राज्य महासचिव शकुंतला ने कहा कि हरियाणा में करीब 51 हजार वर्करों एवं हेल्परों के साथ सरकार अन्याय कर रही है। सरकार ने पूर्व घोषणा के अनुसार आज तक उन्हें कर्मचारी का दर्जा नहीं दिया है, ऊपर से कंडीशनल कैश ट्रांसफर लागू करके सरकार वर्करों व हेल्परों के साथ ज्यादती कर रही है। शकुंतला ने बताया कि 3 अक्टूबर को हिसार में वे एक विशाल रैली करेंगी, जिसमें कैथल जिले से भारी संख्या में वर्कर एवं हेल्पर भाग लेंगी। मांगों को लेकर 9, 10 व 11 नवंबर को दिल्ली जंतर मंतर पर पड़ाव डाला जाएगा। इस मौके पर अंजू, जगवंती, नीतू, सरोज, अनीता, पिंकी, सुनीता, संतोष, रामरति, विमला, कमला, ऋतु अरुणा व सैकड़ों की संख्या में वर्कर एवं हेल्पर मौजूद रही।
ये है मुख्य मांगें:-
ज्ञापन के माध्यम से उन्होंने आईसीडीएस में मिशन मोड के तहत निजीकरण बंद करने, केंद्रीय मंत्री द्वारा आईसीडीएस में सीसीटी को लागू करने पर रोक लगाने, आईसीडीएस के बजट में बढ़ोतरी करने, वर्कर एवं हेल्पर को कर्मचारी का दर्जा देने, 6 वर्ष तक के बच्चों की सरकारी हाजरी सुनिश्चित करने, हेल्पर को वर्कर एवं वर्कर को सुपरवाइजर के पद पर पदोन्नत करने, वर्कर्स एवं हेल्पर का मानसिक उत्पीडन बंद करने, वर्दी की राशि 300 रुपये से बढ़ाकर 1500 रुपये करने की सरकार से मांग की।
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अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। केंद्र सरकार की ओर से डीसीडी स्कीम लागू करने के विरोध में शनिवार को आंगनबाड़ी वर्कर एवं हेल्पर यूनियन ने शहर में प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन के दौरान वर्करों ने आईसीडीएस केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी का पुतला भी फूंका। प्रदर्शन के माध्यम से उन्होंने आईसीडीएस में कंडीशनल कैश ट्रांसफर को लागू करने पर विरोध जताया। प्रदर्शन की अगुवाई यूनियन की जिला प्रधान राजबाला ने की।
सबसे पहले जिलाभर से आई आंगनबाड़ी वर्कर और हेल्पर जवाहर पार्क में इकट्ठा हुई। जिसके बाद वे केंद्र व प्रदेश सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करती हुई पेहवा चौक करनाल रोड से होकर लघु सचिवालय पहुंची। लघु सचिवालय पहुंचकर वर्करों एवं हेल्परों ने केंद्रीय मंत्रीका पुतला फूंका। उन्होंने अपनी मांगों का ज्ञापन एसडीएम कमलप्रीत कौर के माध्यम से प्रधानमंत्री को भेजा गया। राज्य महासचिव शकुंतला ने कहा कि हरियाणा में करीब 51 हजार वर्करों एवं हेल्परों के साथ सरकार अन्याय कर रही है। सरकार ने पूर्व घोषणा के अनुसार आज तक उन्हें कर्मचारी का दर्जा नहीं दिया है, ऊपर से कंडीशनल कैश ट्रांसफर लागू करके सरकार वर्करों व हेल्परों के साथ ज्यादती कर रही है। शकुंतला ने बताया कि 3 अक्टूबर को हिसार में वे एक विशाल रैली करेंगी, जिसमें कैथल जिले से भारी संख्या में वर्कर एवं हेल्पर भाग लेंगी। मांगों को लेकर 9, 10 व 11 नवंबर को दिल्ली जंतर मंतर पर पड़ाव डाला जाएगा। इस मौके पर अंजू, जगवंती, नीतू, सरोज, अनीता, पिंकी, सुनीता, संतोष, रामरति, विमला, कमला, ऋतु अरुणा व सैकड़ों की संख्या में वर्कर एवं हेल्पर मौजूद रही।
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ये है मुख्य मांगें:-
ज्ञापन के माध्यम से उन्होंने आईसीडीएस में मिशन मोड के तहत निजीकरण बंद करने, केंद्रीय मंत्री द्वारा आईसीडीएस में सीसीटी को लागू करने पर रोक लगाने, आईसीडीएस के बजट में बढ़ोतरी करने, वर्कर एवं हेल्पर को कर्मचारी का दर्जा देने, 6 वर्ष तक के बच्चों की सरकारी हाजरी सुनिश्चित करने, हेल्पर को वर्कर एवं वर्कर को सुपरवाइजर के पद पर पदोन्नत करने, वर्कर्स एवं हेल्पर का मानसिक उत्पीडन बंद करने, वर्दी की राशि 300 रुपये से बढ़ाकर 1500 रुपये करने की सरकार से मांग की।
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