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जिलेभर की अनाज मंडियों में हड़ताल रही
Updated Thu, 14 Sep 2017 12:23 AM IST
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ई-ट्रेडिंग के विरोध में गरजे आढ़ती, अनाज मंडियों में रही हड़ताल
कैथल। ई-ट्रेडिंग के विरोध में बुधवार को आढ़ती गरजे। इसको लेकर जिलेभर की अनाज मंडियों में हड़ताल रही। इससे मंडियों में खरीद कार्य बंद रहा, हालांकि इस समय ज्यादा अनाज की आवक नहीं हैं। बाद में आढ़तियों ने लघु सचिवालय के बाहर प्रदर्शन किया। इसके बाद डीसी को ज्ञापन देकर सरकार से मांग की कि राष्ट्रीय कृषि बाजार के तहत ई-ट्रेडिंग के फैसले को वापस लिया जाए।
कैथल नई अनाज मंडी, कलायत, ढांड, पूंडरी, गुहला-चीका, राजौंद, पाई सहित जिले भर की अनाजमंडियों में बुधवार सुबह से ही काम काज ठप रहा। आढ़तियों ने मंडियों में एकत्रित होकर रोष प्रकट किया। इसके बाद जिला आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान अश्विनी शोरेवाला के नेतृत्व में लघु सचिवालय के बाहर एकत्रित हुए। यहां आढ़तियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। अश्विनी शोरेवाला सहित नई अनाज मंडी कैथल आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान सुरेश चौधरी कैथल, कलायत से प्रधान रणधीर चहल, पूंडरी से देवीदयाल व बाबू राम, चीका मंडी प्रधान जयपाल, पाई प्रधान अमरेंद्र सिंह, ढांड से प्रधान कृष्ण पबनावा सहित कैथल अनाज मंडी के जिला सचिव धर्मपाल कठवाड़ ने कहा कि ई-ट्रेडिंग के फैसले को सीएम पिछले साल ही वापिस लेने को सहमत हो गए थे। किसान भी ई-ट्रेडिंग के हक में नहीं हैं, सरकार के इस फैसले से प्रदेश के 35000 आढ़ती व 70000 हजार मुनीम बेरोजगार हो जाएंगे। इसलिए इस फैसले को वापस लिया जाय। यह भी कहा कि, आढ़तियों का निर्यातकों पर करीब 600 करोड़ रुपया बकाया है। यह राशि दिलवाई जाए। पंजाब में आढ़तियों के लिए जीएसटी अनिवार्य नहीं है। इसीलिए यहां भी यह छूट दी जाए। आढ़तियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानीं तो 23 सितंबर से पूरे प्रदेश की अनाज मंडियों को बंद करके महारैली का आयोजन करनाल में किया जाएगा। इस अवसर पर राजकिशन मित्तल, रामनिवास किच्छानिया, जगदीश, पूर्व चेयरमैन नगर परिषद रामनिवास मित्तल, पुरानी अनाज मंडी से प्रधान रामभज, श्याम बहादुर खुरानिया, बीरभान जैन सहित भारी संख्या में आढ़ती मौजूद थे।
नई अनाज मंडी में हुई बैठक, रोष जताया
कैथल। नई अनाज मंडी स्थित लक्ष्मीनारायण मंदिर में जिला मंडी आढ़ती एसोसिएशन प्रधान अश्वनी शोरेवाला एवं नई मंडी आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान सुरेश चौधरी की अध्यक्षता में एक बैठक हुई। जिसमें आढ़तियों ने कहा कि जो भी विधायक खुल कर व्यापारियों का साथ देगा वे उसी का समर्थन करेंगे, बेशक वह किसी भी पार्टी का ही क्यों न हो। उन्होंने कहा कि सरकार अब व्यापारियों पर ई- प्रणाली थोपना चाहती है, जो उनके साथ अन्याय है। बैठक में नगर परिषद के पूर्व चेयरमैन राम निवास मितल, धर्मपाल कठवाड, राजकिशन, सुरेश कुमार, बीरभान जैन, लाजपत सिंगला, पूर्व मंडी प्रधान सतीश जैन, देसराज, कृष्ण केलरम, अर्जुन, मोहन लाल आदि सभी आढ़ती उपस्थित थे। बैठक में कहा गया की कोई भी आढ़ती सुबह 8 बजे से पहले अपने किसानों की धान नहीं बेचेगा और न ही खरीददार खरीद करेगा। यदि कोई इन नियमों की अवहेलना करेगा तो उस पर 5100 रुपये दंड लगाया जायेगा।
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ई-ट्रेडिंग के विरोध में आढ़तियों ने मंडी बंद कर दिया धरना
ढांड। प्रदेश स्तरीय अनाज मंडी एसोसिएशन के आह्वान पर ढांड मंडी पूर्ण रूप से बंद रही। सुबह के समय मंडी आढ़ती मार्केट कमेटी ढांड में एकत्रित हुए और सरकार विरोधी नारेबाजी कर अपना रोष प्रकट किया। आढ़ती दोपहर तक मार्केट कमेटी में धरने पर बैठे रहे। इसके बाद उन्होंने मार्केट कमेटी सचिव को मुख्यमंत्री हरियाणा के नाम अपनी मांगों का एक ज्ञापन सौंपा।
कलायत में व्यापारियों ने नारेबाजी कर किया प्रदर्शन
कलायत। ई-ट्रेडिंग के विरोध में कलायत अनाज मंडी के व्यापारियों ने प्रदर्शन किया। आढ़तियों ने विरोध स्वरूप पूरे दिन अपनी दुकानें बंद रखीं, जिसके कारण मंडी में आई कपास की फसल की बोली नहीं हो सकी। मंडी आढ़तियों ने मार्केट कमेटी कार्यालय में सरकार के विरोध में जमकर नारेबाजी की। इसके पश्चात पूरी अनाज मंडी में विरोध रैली भी निकाली गई। अनाज मंडी के प्रधान रणधीर सिंह चहल ने कहा कि किसान व आढ़ती के संबंधों को तोड़ने की साजिश रची जा रही है। पूर्व मंडी प्रधान जयप्रकाश मित्तल सहित काफी संख्या में आढ़ती मौजूद थे।
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कैथल। ई-ट्रेडिंग के विरोध में बुधवार को आढ़ती गरजे। इसको लेकर जिलेभर की अनाज मंडियों में हड़ताल रही। इससे मंडियों में खरीद कार्य बंद रहा, हालांकि इस समय ज्यादा अनाज की आवक नहीं हैं। बाद में आढ़तियों ने लघु सचिवालय के बाहर प्रदर्शन किया। इसके बाद डीसी को ज्ञापन देकर सरकार से मांग की कि राष्ट्रीय कृषि बाजार के तहत ई-ट्रेडिंग के फैसले को वापस लिया जाए।
कैथल नई अनाज मंडी, कलायत, ढांड, पूंडरी, गुहला-चीका, राजौंद, पाई सहित जिले भर की अनाजमंडियों में बुधवार सुबह से ही काम काज ठप रहा। आढ़तियों ने मंडियों में एकत्रित होकर रोष प्रकट किया। इसके बाद जिला आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान अश्विनी शोरेवाला के नेतृत्व में लघु सचिवालय के बाहर एकत्रित हुए। यहां आढ़तियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। अश्विनी शोरेवाला सहित नई अनाज मंडी कैथल आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान सुरेश चौधरी कैथल, कलायत से प्रधान रणधीर चहल, पूंडरी से देवीदयाल व बाबू राम, चीका मंडी प्रधान जयपाल, पाई प्रधान अमरेंद्र सिंह, ढांड से प्रधान कृष्ण पबनावा सहित कैथल अनाज मंडी के जिला सचिव धर्मपाल कठवाड़ ने कहा कि ई-ट्रेडिंग के फैसले को सीएम पिछले साल ही वापिस लेने को सहमत हो गए थे। किसान भी ई-ट्रेडिंग के हक में नहीं हैं, सरकार के इस फैसले से प्रदेश के 35000 आढ़ती व 70000 हजार मुनीम बेरोजगार हो जाएंगे। इसलिए इस फैसले को वापस लिया जाय। यह भी कहा कि, आढ़तियों का निर्यातकों पर करीब 600 करोड़ रुपया बकाया है। यह राशि दिलवाई जाए। पंजाब में आढ़तियों के लिए जीएसटी अनिवार्य नहीं है। इसीलिए यहां भी यह छूट दी जाए। आढ़तियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानीं तो 23 सितंबर से पूरे प्रदेश की अनाज मंडियों को बंद करके महारैली का आयोजन करनाल में किया जाएगा। इस अवसर पर राजकिशन मित्तल, रामनिवास किच्छानिया, जगदीश, पूर्व चेयरमैन नगर परिषद रामनिवास मित्तल, पुरानी अनाज मंडी से प्रधान रामभज, श्याम बहादुर खुरानिया, बीरभान जैन सहित भारी संख्या में आढ़ती मौजूद थे।
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नई अनाज मंडी में हुई बैठक, रोष जताया
कैथल। नई अनाज मंडी स्थित लक्ष्मीनारायण मंदिर में जिला मंडी आढ़ती एसोसिएशन प्रधान अश्वनी शोरेवाला एवं नई मंडी आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान सुरेश चौधरी की अध्यक्षता में एक बैठक हुई। जिसमें आढ़तियों ने कहा कि जो भी विधायक खुल कर व्यापारियों का साथ देगा वे उसी का समर्थन करेंगे, बेशक वह किसी भी पार्टी का ही क्यों न हो। उन्होंने कहा कि सरकार अब व्यापारियों पर ई- प्रणाली थोपना चाहती है, जो उनके साथ अन्याय है। बैठक में नगर परिषद के पूर्व चेयरमैन राम निवास मितल, धर्मपाल कठवाड, राजकिशन, सुरेश कुमार, बीरभान जैन, लाजपत सिंगला, पूर्व मंडी प्रधान सतीश जैन, देसराज, कृष्ण केलरम, अर्जुन, मोहन लाल आदि सभी आढ़ती उपस्थित थे। बैठक में कहा गया की कोई भी आढ़ती सुबह 8 बजे से पहले अपने किसानों की धान नहीं बेचेगा और न ही खरीददार खरीद करेगा। यदि कोई इन नियमों की अवहेलना करेगा तो उस पर 5100 रुपये दंड लगाया जायेगा।
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ई-ट्रेडिंग के विरोध में आढ़तियों ने मंडी बंद कर दिया धरना
ढांड। प्रदेश स्तरीय अनाज मंडी एसोसिएशन के आह्वान पर ढांड मंडी पूर्ण रूप से बंद रही। सुबह के समय मंडी आढ़ती मार्केट कमेटी ढांड में एकत्रित हुए और सरकार विरोधी नारेबाजी कर अपना रोष प्रकट किया। आढ़ती दोपहर तक मार्केट कमेटी में धरने पर बैठे रहे। इसके बाद उन्होंने मार्केट कमेटी सचिव को मुख्यमंत्री हरियाणा के नाम अपनी मांगों का एक ज्ञापन सौंपा।
कलायत में व्यापारियों ने नारेबाजी कर किया प्रदर्शन
कलायत। ई-ट्रेडिंग के विरोध में कलायत अनाज मंडी के व्यापारियों ने प्रदर्शन किया। आढ़तियों ने विरोध स्वरूप पूरे दिन अपनी दुकानें बंद रखीं, जिसके कारण मंडी में आई कपास की फसल की बोली नहीं हो सकी। मंडी आढ़तियों ने मार्केट कमेटी कार्यालय में सरकार के विरोध में जमकर नारेबाजी की। इसके पश्चात पूरी अनाज मंडी में विरोध रैली भी निकाली गई। अनाज मंडी के प्रधान रणधीर सिंह चहल ने कहा कि किसान व आढ़ती के संबंधों को तोड़ने की साजिश रची जा रही है। पूर्व मंडी प्रधान जयप्रकाश मित्तल सहित काफी संख्या में आढ़ती मौजूद थे।