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कपास प्रशिक्षण शिविर में कपास की फसल को बीमारी से बचाने के उपाय बताए
Updated Tue, 20 Jun 2017 12:07 AM IST
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फसल को बीमारी से बचाने के दिए टिप्स
अमर उजाला ब्यूरो
राजौंद। कपास प्रशिक्षण शिविर के अंतर्गत कृषि एवं किसान कल्याण विभाग राजौंद कपास की फसल को बढ़ावा देने के लिए न्यू स्टेट प्लान स्कीम के तहत गांव सेरधा, खेड़ी रायवाली में दो दो शिविर लगाए गये। शिविर में खंड कृषि अधिकारी डा दयानंद रेड्डू द्वारा कपास की बिजाई से लेकर मार्केटिंग तक अपनाये जाने वाली तकनीकों बारे विस्तार से जानकारी दी। कहा क्षेत्र में कपास की कम पैदावार का मुख्य कारण बीज का पूरी मात्रा में ना डालना है। फसल की उचित पैदावार के लिए बीटी कपास के दो पैकेट प्रति एकड़ उपयोग करने चाहिए। उन्होंने किसानों को कपास की फसल में कीट प्रबंधन के टिप्स दिए। उन्होंने कहा कि पहले तीन मास तक कपास की फसल में कीटनाशकों के प्रयोग से बचना ही चाहिए। कृषि विकास अधिकारी डा. संजीव शर्मा ने फसल विविध करण पर कहा कि वर्तमान समय में गेहूं-धान की परंपरागत खेती छोड़कर नकदी फसलें जैसे गन्ना, कपास व अन्य बागवानी पर जोर दे। शिविर में बीटीएम डा. विक्रम, कृषि विकास अधिकारी डा. संजीव शर्मा, डा. अनिल मलिक कृषि विकास अधिकारी किठाना ने भी अपने विचार रखे। शिविर में ए टी एम ऋषिपाल, सुरेंद्र, कर्मबीर, शैलेंद्र, होशियार सिंह, बलकार, किताब सिंह, रामधारी मौजूद रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
राजौंद। कपास प्रशिक्षण शिविर के अंतर्गत कृषि एवं किसान कल्याण विभाग राजौंद कपास की फसल को बढ़ावा देने के लिए न्यू स्टेट प्लान स्कीम के तहत गांव सेरधा, खेड़ी रायवाली में दो दो शिविर लगाए गये। शिविर में खंड कृषि अधिकारी डा दयानंद रेड्डू द्वारा कपास की बिजाई से लेकर मार्केटिंग तक अपनाये जाने वाली तकनीकों बारे विस्तार से जानकारी दी। कहा क्षेत्र में कपास की कम पैदावार का मुख्य कारण बीज का पूरी मात्रा में ना डालना है। फसल की उचित पैदावार के लिए बीटी कपास के दो पैकेट प्रति एकड़ उपयोग करने चाहिए। उन्होंने किसानों को कपास की फसल में कीट प्रबंधन के टिप्स दिए। उन्होंने कहा कि पहले तीन मास तक कपास की फसल में कीटनाशकों के प्रयोग से बचना ही चाहिए। कृषि विकास अधिकारी डा. संजीव शर्मा ने फसल विविध करण पर कहा कि वर्तमान समय में गेहूं-धान की परंपरागत खेती छोड़कर नकदी फसलें जैसे गन्ना, कपास व अन्य बागवानी पर जोर दे। शिविर में बीटीएम डा. विक्रम, कृषि विकास अधिकारी डा. संजीव शर्मा, डा. अनिल मलिक कृषि विकास अधिकारी किठाना ने भी अपने विचार रखे। शिविर में ए टी एम ऋषिपाल, सुरेंद्र, कर्मबीर, शैलेंद्र, होशियार सिंह, बलकार, किताब सिंह, रामधारी मौजूद रहे।