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बदहाल नगर परिषद भवन, नहीं हो पा रहा मुरम्मत कार्य
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बदहाल नगर परिषद भवन, नहीं हो पा रहा मुरम्मत कार्य
अब परिषद के अधिकारी कह रहे हैं शीघ्र लग जाएगा टेंडर
दो साल से हो रहा है इंतजार, विजिलेंस जांच भी चल रही है भवन निर्माण में गड़बड़ी की
फोटो संख्या-11
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। शहर की सरकार जिस भवन में बैठती है। उस भवन की हालत खस्ता बनी हुई है। भवन में बड़ी-बड़ी दरारें आ चुकी हैं। वहीं कई जगह से सीलन के कारण यह बदहाल है। ऐसा नहीं हैं कि भवन को बने हुए ज्यादा समय हो गया। यह कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में वर्ष 2013 में बनकर तैयार हुआ था। इसके बाद से ही इस भवन में दरारें आना शुरू हो गई थीं। ईओ कार्यालय सहित कई कक्षों में तो बड़ी-बड़ी दरारें आई हुई हैं। सीलन के चलते इसमें कई जगह सीमेंट उतर कर गिर रहा है। लोग यहां अपने कार्यों के लिए आते हैं। लेकिन भवन की हालत देखकर उन्हें भी निराशा महसूस होती है। लाखों रुपये खर्च करके इस भवन को बनाया गया था। लेकिन बनने के बाद से ही इसका निर्माण कार्य सवालों के घेरे में है।
नगर परिषद पूर्व चेयरमैन यशपाल प्रजापति ने कहा कि इस भवन के निर्माण कार्य में ही बड़ी लापरवाही बरती गई है। बताया जा रहा है कि इसकी जांच विजिलेंस में चल रही है। दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। इसकी मुरम्मत के लिए हाउस की बैठक में ग्रांट भी पास की गई थी।
नगर परिषद एमई राजकुमार शर्मा ने कहा कि भवन के निर्माण के लिए टेंडर छोड़ दिया गया है। साथ ही इसके लिए वर्क ऑर्डर भी दे दिया है। शीघ्र ही इसकी मुरम्मत हो जाएगी। विजिलेंस जांच के बारे में उन्हें ज्यादा जानकारी नहीं हैं।
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अब परिषद के अधिकारी कह रहे हैं शीघ्र लग जाएगा टेंडर
दो साल से हो रहा है इंतजार, विजिलेंस जांच भी चल रही है भवन निर्माण में गड़बड़ी की
फोटो संख्या-11
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। शहर की सरकार जिस भवन में बैठती है। उस भवन की हालत खस्ता बनी हुई है। भवन में बड़ी-बड़ी दरारें आ चुकी हैं। वहीं कई जगह से सीलन के कारण यह बदहाल है। ऐसा नहीं हैं कि भवन को बने हुए ज्यादा समय हो गया। यह कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में वर्ष 2013 में बनकर तैयार हुआ था। इसके बाद से ही इस भवन में दरारें आना शुरू हो गई थीं। ईओ कार्यालय सहित कई कक्षों में तो बड़ी-बड़ी दरारें आई हुई हैं। सीलन के चलते इसमें कई जगह सीमेंट उतर कर गिर रहा है। लोग यहां अपने कार्यों के लिए आते हैं। लेकिन भवन की हालत देखकर उन्हें भी निराशा महसूस होती है। लाखों रुपये खर्च करके इस भवन को बनाया गया था। लेकिन बनने के बाद से ही इसका निर्माण कार्य सवालों के घेरे में है।
नगर परिषद पूर्व चेयरमैन यशपाल प्रजापति ने कहा कि इस भवन के निर्माण कार्य में ही बड़ी लापरवाही बरती गई है। बताया जा रहा है कि इसकी जांच विजिलेंस में चल रही है। दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। इसकी मुरम्मत के लिए हाउस की बैठक में ग्रांट भी पास की गई थी।
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नगर परिषद एमई राजकुमार शर्मा ने कहा कि भवन के निर्माण के लिए टेंडर छोड़ दिया गया है। साथ ही इसके लिए वर्क ऑर्डर भी दे दिया है। शीघ्र ही इसकी मुरम्मत हो जाएगी। विजिलेंस जांच के बारे में उन्हें ज्यादा जानकारी नहीं हैं।
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