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बच्चे इंतजार करते रहे, नहीं पहुंचा प्रश्न पत्र बिना परीक्षा दिए लौटे
Updated Thu, 27 Jul 2017 11:58 PM IST
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बच्चे इंतजार करते रहे, नहीं पहुंचा प्रश्न पत्र, बिना परीक्षा दिए लौटे
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल/कलायत। शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली एवं शिक्षा के प्रति उदासीनता वीरवार को स्पष्ट तौर पर सामने आ गई। वीरवार को आयोजित होने वाली मासिक परीक्षा के लिए किसी भी स्कूल में प्रश्न पत्र नहीं पहुंचे। जिस कारण बच्चे पूरा दिन प्रश्न पत्र का इंतजार करके वापस लौट गए। अध्यापक भी दिन भर इंतजार करते रहे। शिक्षा विभाग के उदासीन रवैये के चलते राजकीय स्कूल के बच्चों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रश्न पत्र स्कूलों में न पहुंचने के कारण बच्चों की परीक्षा को स्थगित करना पड़ा।
परीक्षा के लिए प्रश्नपत्र जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में आते हैं। उसके पश्चात परीक्षा के दिन इन्हें स्कूलों में भेजा जाता है। अध्यापकों ने बताया कि बच्चों की परीक्षा तो ली जानी थी मगर जब प्रश्नपत्र ही उपलब्ध नहीं होंगे तो परीक्षा कैसे होगी। पहले पुस्तकें नहीं पहुंची। अब प्रश्नपत्र न भेजकर विभाग बच्चों के साथ एक तरह से मजाक कर रहा है। उन्होंने कहा कि जब काफी समय पहले ही 24 जुलाई से परीक्षा लिए जाने का एलान किया जा चुका है तो ऐसे में समय पर प्रश्नपत्र उपलब्ध न करवाया जाना शिक्षा विभाग की नाकामी को साफ दर्शा रहा है।
छुट्टी के बाद पहुंचे प्रश्र पत्र
कलायत खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में राजदीप सिंह ने बताया कि करीब ढाई बजे कार्यालय में प्रश्नपत्र पहुंचे है। जिसके चलते आज अभी तक किसी भी स्कूल में इन्हें नहीं भेजा जा सका।
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अध्यापक नेता दलबीर राठी ने कहा कि इससे बड़ा मजाक और क्या होगा? पहले कई विषयों की पुस्तकें नहीं आईं। अब विभाग द्वारा प्रश्न पत्र ही नहीं भेजा गया। बच्चे पूरा दिन प्रश्न पत्र के इंतजार में बैठे रहे और दोपहर बाद बिना परीक्षा दिए ही उन्हें घर लौटना पड़ा।
दुर्घटना के कारण नहीं पहुंच पाए प्रश्न पत्र
जिला शिक्षा अधिकारी शमशेर सिरोही ने कहा कि जहां से प्रश्न पत्र आने थे, वहां दुर्घटना हो गई। जिस कारण प्रश्न पत्र नहीं पहुंच सके। यह परीक्षा शुक्रवार को ली जाएगी।
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अमर उजाला ब्यूरो
कैथल/कलायत। शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली एवं शिक्षा के प्रति उदासीनता वीरवार को स्पष्ट तौर पर सामने आ गई। वीरवार को आयोजित होने वाली मासिक परीक्षा के लिए किसी भी स्कूल में प्रश्न पत्र नहीं पहुंचे। जिस कारण बच्चे पूरा दिन प्रश्न पत्र का इंतजार करके वापस लौट गए। अध्यापक भी दिन भर इंतजार करते रहे। शिक्षा विभाग के उदासीन रवैये के चलते राजकीय स्कूल के बच्चों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रश्न पत्र स्कूलों में न पहुंचने के कारण बच्चों की परीक्षा को स्थगित करना पड़ा।
परीक्षा के लिए प्रश्नपत्र जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में आते हैं। उसके पश्चात परीक्षा के दिन इन्हें स्कूलों में भेजा जाता है। अध्यापकों ने बताया कि बच्चों की परीक्षा तो ली जानी थी मगर जब प्रश्नपत्र ही उपलब्ध नहीं होंगे तो परीक्षा कैसे होगी। पहले पुस्तकें नहीं पहुंची। अब प्रश्नपत्र न भेजकर विभाग बच्चों के साथ एक तरह से मजाक कर रहा है। उन्होंने कहा कि जब काफी समय पहले ही 24 जुलाई से परीक्षा लिए जाने का एलान किया जा चुका है तो ऐसे में समय पर प्रश्नपत्र उपलब्ध न करवाया जाना शिक्षा विभाग की नाकामी को साफ दर्शा रहा है।
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छुट्टी के बाद पहुंचे प्रश्र पत्र
कलायत खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में राजदीप सिंह ने बताया कि करीब ढाई बजे कार्यालय में प्रश्नपत्र पहुंचे है। जिसके चलते आज अभी तक किसी भी स्कूल में इन्हें नहीं भेजा जा सका।
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अध्यापक नेता दलबीर राठी ने कहा कि इससे बड़ा मजाक और क्या होगा? पहले कई विषयों की पुस्तकें नहीं आईं। अब विभाग द्वारा प्रश्न पत्र ही नहीं भेजा गया। बच्चे पूरा दिन प्रश्न पत्र के इंतजार में बैठे रहे और दोपहर बाद बिना परीक्षा दिए ही उन्हें घर लौटना पड़ा।
दुर्घटना के कारण नहीं पहुंच पाए प्रश्न पत्र
जिला शिक्षा अधिकारी शमशेर सिरोही ने कहा कि जहां से प्रश्न पत्र आने थे, वहां दुर्घटना हो गई। जिस कारण प्रश्न पत्र नहीं पहुंच सके। यह परीक्षा शुक्रवार को ली जाएगी।