{"_id":"6aa4678387185d9b130ef893","slug":"70-scvt-seats-vacant-30-students-have-taken-admission-kaithal-news-c-245-1-kht1014-154984-2026-09-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaithal News: एससीवीटी की 70 सीटें खाली, 30 विद्यार्थियों ने लिया प्रवेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaithal News: एससीवीटी की 70 सीटें खाली, 30 विद्यार्थियों ने लिया प्रवेश
Sat, 12 Sep 2026 02:11 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sat, 12 Sep 2026 02:11 AM IST
विज्ञापन
कैथल। आईटीआई में दाखिले की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। वहीं एससीवीटी के तहत खाली सीटें अभी विद्यार्थियों का इंतजार कर रही हैं।
जिले की राजकीय और निजी आईटीआई में एससीवीटी की खाली सीटों पर दाखिले के लिए पोर्टल दोबारा खोला गया है। पोर्टल खुलने के बाद अब तक केवल 30 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है, जबकि करीब 70 सीटें अभी भी खाली हैं। इन सीटों पर दाखिले के लिए विद्यार्थी 19 सितंबर तक आवेदन कर सकते हैं।
खास बात यह है कि एससीवीटी की जिन सीटों पर अभी प्रवेश दिया जा रहा है, उनमें विद्यार्थियों की रुचि काफी कम है। स्थिति यह है कि रोजाना गिने-चुने विद्यार्थी ही दाखिले के लिए पहुंच रहे हैं। इसके विपरीत एनसीवीटी के तहत चलने वाले अधिकतर प्रमुख ट्रेडों की सीटें पहले ही भर चुकी हैं और उनकी प्रवेश प्रक्रिया बंद हो गई है।
अब केवल एससीवीटी के लिए ही पोर्टल खुला है। आईटीआई में एनसीवीटी और एससीवीटी दोनों के तहत ट्रेड संचालित होते हैं। एनसीवीटी के ट्रेडों का प्रमाणपत्र राष्ट्रीय स्तर पर मान्य होने से विद्यार्थियों में इनकी मांग अधिक रहती है।
विज्ञापन
सरकारी विभागों, अप्रेंटिसशिप और कई निजी कंपनियों में भी एनसीवीटी प्रमाणपत्र को प्राथमिकता मिलने के कारण विद्यार्थी शुरुआत में ही इन ट्रेडों में दाखिला लेना पसंद करते हैं। वहीं एससीवीटी राज्य स्तर की व्यवस्था है। इसके प्रमाणपत्र की मान्यता भी है, लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर रोजगार और अप्रेंटिसशिप के विकल्पों को देखते हुए कई विद्यार्थी एनसीवीटी को पहले विकल्प के रूप में चुनते हैं। संवाद
विज्ञापन
जिले की राजकीय और निजी आईटीआई में एससीवीटी की खाली सीटों पर दाखिले के लिए पोर्टल दोबारा खोला गया है। पोर्टल खुलने के बाद अब तक केवल 30 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है, जबकि करीब 70 सीटें अभी भी खाली हैं। इन सीटों पर दाखिले के लिए विद्यार्थी 19 सितंबर तक आवेदन कर सकते हैं।
खास बात यह है कि एससीवीटी की जिन सीटों पर अभी प्रवेश दिया जा रहा है, उनमें विद्यार्थियों की रुचि काफी कम है। स्थिति यह है कि रोजाना गिने-चुने विद्यार्थी ही दाखिले के लिए पहुंच रहे हैं। इसके विपरीत एनसीवीटी के तहत चलने वाले अधिकतर प्रमुख ट्रेडों की सीटें पहले ही भर चुकी हैं और उनकी प्रवेश प्रक्रिया बंद हो गई है।
विज्ञापन
अब केवल एससीवीटी के लिए ही पोर्टल खुला है। आईटीआई में एनसीवीटी और एससीवीटी दोनों के तहत ट्रेड संचालित होते हैं। एनसीवीटी के ट्रेडों का प्रमाणपत्र राष्ट्रीय स्तर पर मान्य होने से विद्यार्थियों में इनकी मांग अधिक रहती है।
विज्ञापन
सरकारी विभागों, अप्रेंटिसशिप और कई निजी कंपनियों में भी एनसीवीटी प्रमाणपत्र को प्राथमिकता मिलने के कारण विद्यार्थी शुरुआत में ही इन ट्रेडों में दाखिला लेना पसंद करते हैं। वहीं एससीवीटी राज्य स्तर की व्यवस्था है। इसके प्रमाणपत्र की मान्यता भी है, लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर रोजगार और अप्रेंटिसशिप के विकल्पों को देखते हुए कई विद्यार्थी एनसीवीटी को पहले विकल्प के रूप में चुनते हैं। संवाद