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Kaithal News: माइनर टूटने से 70 एकड़ गेहूं की फसल जलमग्न, किसानों में रोष
Mon, 16 Mar 2026 02:07 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Mon, 16 Mar 2026 02:07 AM IST
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कैथल। जिले के एक गांव के पास माइनर टूटने से करीब 70 एकड़ गेहूं की खड़ी फसल पानी में डूब गई, जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। घटना के बाद किसानों में सिंचाई विभाग के प्रति रोष है। किसानों का आरोप है कि विभाग की लापरवाही और समय पर मरम्मत न होने के कारण माइनर टूट गई।
किसानों ने बताया कि माइनर के किनारे काफी समय से कमजोर हो चुके थे, जिसकी शिकायत भी कई बार सिंचाई विभाग को दी गई थी, लेकिन इस ओर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। शनिवार रात अचानक माइनर टूट गई, जिससे तेज बहाव के साथ पानी खेतों में घुस गया और करीब 70 एकड़ गेहूं की फसल जलमग्न हो गई। सुबह जब किसान खेतों में पहुंचे तो फसल पानी में डूबी देख उनके होश उड़ गए। किसानों ने तुरंत इसकी सूचना सिंचाई विभाग के अधिकारियों को दी। किसानों का कहना है कि अगर समय रहते माइनर की मरम्मत कर दी जाती तो इतना बड़ा नुकसान नहीं होता।
किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि टूटे हुए हिस्से की जल्द मरम्मत करवाई जाए और जिन किसानों की फसल खराब हुई है, उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए। वहीं सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सूचना मिलते ही टीम को मौके पर भेज दिया गया है और माइनर की मरम्मत का काम शुरू कर दिया गया है। संवाद
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किसानों ने बताया कि माइनर के किनारे काफी समय से कमजोर हो चुके थे, जिसकी शिकायत भी कई बार सिंचाई विभाग को दी गई थी, लेकिन इस ओर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। शनिवार रात अचानक माइनर टूट गई, जिससे तेज बहाव के साथ पानी खेतों में घुस गया और करीब 70 एकड़ गेहूं की फसल जलमग्न हो गई। सुबह जब किसान खेतों में पहुंचे तो फसल पानी में डूबी देख उनके होश उड़ गए। किसानों ने तुरंत इसकी सूचना सिंचाई विभाग के अधिकारियों को दी। किसानों का कहना है कि अगर समय रहते माइनर की मरम्मत कर दी जाती तो इतना बड़ा नुकसान नहीं होता।
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किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि टूटे हुए हिस्से की जल्द मरम्मत करवाई जाए और जिन किसानों की फसल खराब हुई है, उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए। वहीं सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सूचना मिलते ही टीम को मौके पर भेज दिया गया है और माइनर की मरम्मत का काम शुरू कर दिया गया है। संवाद
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