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नीट्रेप में फंसाकर करोड़ों की धोखाधड़ी के मामले में कार्रवाई की मांग
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हनीट्रैप में फंसाकर सात करोड़ की संपत्ति हड़पने के मामले में दो साल बाद भी कार्रवाई नहीं होने से नाराज लोगों ने शुक्रवार को लघु सचिवालय में प्रदर्शन किया। वहीं विरोध स्वरूप एक वकील ने मुंडन भी कराया। साथ ही मामले में जल्द कार्रवाई की गुहार लगाई।
करनाल निवासी एक 80 वर्षीय बुजुर्ग को हनीट्रैप में फांसकर करोड़ों रुपये की प्रापर्टी की धोखाधड़ी में 2018 में मामला दर्ज किया गया था। एडवोकेट जेपी शेखपुरा ने बताया कि 80 वर्षीय बुजुर्ग एनआरआई हरबंस सिंह राणा ब्रिटेन में चीफ इंजीनियर के पद से सेवानिवृत हुआ था और बाद में करनाल में आकर अकेला रहने लगा। उसकी पुत्री ब्रिटेन में ही रहती थी। हरबंस सिंह के पड़ोस में रहने वाले एक दंपत्ति ने एनआरआई को हनीट्रैप के माध्यम से अपने जाल में फांसकर उसकी करीब 7 करोड़ रुपये की संपत्ति हड़प ली। इसके बाद एनआरआई की पुत्री ब्रिटेन से यहां आई और राणा को अपने साथ ले गई। जहां उसने अपनी बेटी को पूरी कहानी बताई। इसके बाद उसकी बेटी ने ब्रिटेन में ही वसीयत बनवाई और बैंक खातों में शेष राशि को सीज करवा दिया, ताकि आरोपी उन पैसों को न निकलवा पाएं। शेखपुरा ने बताया कि इस मामले में बुजुर्ग की पुत्री द्वारा करनाल सिविल लाइन थाना में 2018 में मामला दर्ज करवाया था। मामले की जांच आईजी करनाल ने कैथल एसपी को सौंपी थी, लेकिन करीब एक वर्ष बीत जाने के बावजूद कोई कार्रवाई कैथल पुलिस द्वारा नहीं की गई। मामले में जांच अधिकारी डीएसपी कुलवंत ने बताया कि लघु सचिवालय में इस मामले में एक वकील ने मुंडन करवाया है। मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। मामले में एफएसएल की रिपोर्ट आनी है, जिसमें हस्ताक्षर मिलवाए जा रहे हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। इस मामले में उनसे कोई आकर नहीं मिला, फिर भी वे इस मामले में निष्पक्ष जांच करेंगे।
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करनाल निवासी एक 80 वर्षीय बुजुर्ग को हनीट्रैप में फांसकर करोड़ों रुपये की प्रापर्टी की धोखाधड़ी में 2018 में मामला दर्ज किया गया था। एडवोकेट जेपी शेखपुरा ने बताया कि 80 वर्षीय बुजुर्ग एनआरआई हरबंस सिंह राणा ब्रिटेन में चीफ इंजीनियर के पद से सेवानिवृत हुआ था और बाद में करनाल में आकर अकेला रहने लगा। उसकी पुत्री ब्रिटेन में ही रहती थी। हरबंस सिंह के पड़ोस में रहने वाले एक दंपत्ति ने एनआरआई को हनीट्रैप के माध्यम से अपने जाल में फांसकर उसकी करीब 7 करोड़ रुपये की संपत्ति हड़प ली। इसके बाद एनआरआई की पुत्री ब्रिटेन से यहां आई और राणा को अपने साथ ले गई। जहां उसने अपनी बेटी को पूरी कहानी बताई। इसके बाद उसकी बेटी ने ब्रिटेन में ही वसीयत बनवाई और बैंक खातों में शेष राशि को सीज करवा दिया, ताकि आरोपी उन पैसों को न निकलवा पाएं। शेखपुरा ने बताया कि इस मामले में बुजुर्ग की पुत्री द्वारा करनाल सिविल लाइन थाना में 2018 में मामला दर्ज करवाया था। मामले की जांच आईजी करनाल ने कैथल एसपी को सौंपी थी, लेकिन करीब एक वर्ष बीत जाने के बावजूद कोई कार्रवाई कैथल पुलिस द्वारा नहीं की गई। मामले में जांच अधिकारी डीएसपी कुलवंत ने बताया कि लघु सचिवालय में इस मामले में एक वकील ने मुंडन करवाया है। मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। मामले में एफएसएल की रिपोर्ट आनी है, जिसमें हस्ताक्षर मिलवाए जा रहे हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। इस मामले में उनसे कोई आकर नहीं मिला, फिर भी वे इस मामले में निष्पक्ष जांच करेंगे।
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