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दिवाली पर आतिबाजी से ही प्रदूषण का स्तर शहर में बढ़कर 358 पहुंचा
Updated Fri, 09 Nov 2018 12:02 AM IST
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आतिशबाजी ने बिगाड़ी आवोहवा, प्रदूषण स्तर बढ़कर 358 पहुंचा
अति खराब की श्रेणी में आता है प्रदूषण का यह स्तर, आंखों में जलन से लोग रहे परेशान
फोटो नंबर-32
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। दिवाली की रात हुई आतिशबाजी से शहर में प्रदूषण का स्तर बढ़कर एयर क्वालिटी इंडेक्स में 358 तक पहुंच गया। जिससे शाम के समय आंखों में जलन महसूस हुई। वहीं मंगलवार को प्रदूषण का स्तर करीब 200 था, जबकि सोमवार को करीब 150 था। हालांकि सुप्रीम कोर्ट द्वारा शाम को महज दो घंटे ही पटाखे जलाने की अनुमति थी। लेकिन देर रात तक कई जगह पटाखों की आवाज सुनाई देती रही। लोगों ने कुछ ही घंटों में करोड़ों रुपये के पटाखे स्वाहा कर दिए। अधिकतम एक्यूआई 358 तो न्यूनतम रहा 108 : दिवाली दिन के समय प्रदूषण का न्यूनतम स्तर 108 एक्यूआई रहा। जबकि रात के समय यह बढ़कर 358 एक्यूआई हो गया। बढ़े हुए प्रदूषण के स्तर के कारण सड़कों पर धुएं का गुबार है। इसके साथ ही आंखों में काफी जलन भी हो रही है। वाहन चालकों को इससे काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। जिस कारण उन्हें मास्क का प्रयोग करना पड़ रहा है।
निर्धारित समय के बाद भी बजते रहे पटाखे : दिवाली के दिन इस बार सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार केवल दो घंटे के लिए पटाखे जलाने का समय दिया गया था। लेकिन केवल दो घंटों के समय में भी शहर के लोगों ने लाखों रुपये के पटाखे जलाए। हालांकि पुलिस ने इस दौरान कोई मामला दर्ज नहीं किया है। बल्कि गश्त के दौरान लोगों को पटाखे जलाने से जरूर रोका है।
एसपी आस्था मोदी ने बताया कि पुलिस ने कोर्ट के पालन किया गया। कई जगह गश्त कर इस बात की जांच की गई। कोई मामला सामने न आने पर इस संबंध में केस दर्ज नहीं किया गया।
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कृषि वैज्ञानिक डॉ. जसबीर ने कहा कि हवा में नमी के कणों के साथ मिलकर धुएं के गुबार के कारण स्मॉग बन जाता है। जो अधिक ऊपर नहीं जा पाता। बारिश होने तक कई जगह ऐसी स्थिति रह सकती है।
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अति खराब की श्रेणी में आता है प्रदूषण का यह स्तर, आंखों में जलन से लोग रहे परेशान
फोटो नंबर-32
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। दिवाली की रात हुई आतिशबाजी से शहर में प्रदूषण का स्तर बढ़कर एयर क्वालिटी इंडेक्स में 358 तक पहुंच गया। जिससे शाम के समय आंखों में जलन महसूस हुई। वहीं मंगलवार को प्रदूषण का स्तर करीब 200 था, जबकि सोमवार को करीब 150 था। हालांकि सुप्रीम कोर्ट द्वारा शाम को महज दो घंटे ही पटाखे जलाने की अनुमति थी। लेकिन देर रात तक कई जगह पटाखों की आवाज सुनाई देती रही। लोगों ने कुछ ही घंटों में करोड़ों रुपये के पटाखे स्वाहा कर दिए। अधिकतम एक्यूआई 358 तो न्यूनतम रहा 108 : दिवाली दिन के समय प्रदूषण का न्यूनतम स्तर 108 एक्यूआई रहा। जबकि रात के समय यह बढ़कर 358 एक्यूआई हो गया। बढ़े हुए प्रदूषण के स्तर के कारण सड़कों पर धुएं का गुबार है। इसके साथ ही आंखों में काफी जलन भी हो रही है। वाहन चालकों को इससे काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। जिस कारण उन्हें मास्क का प्रयोग करना पड़ रहा है।
निर्धारित समय के बाद भी बजते रहे पटाखे : दिवाली के दिन इस बार सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार केवल दो घंटे के लिए पटाखे जलाने का समय दिया गया था। लेकिन केवल दो घंटों के समय में भी शहर के लोगों ने लाखों रुपये के पटाखे जलाए। हालांकि पुलिस ने इस दौरान कोई मामला दर्ज नहीं किया है। बल्कि गश्त के दौरान लोगों को पटाखे जलाने से जरूर रोका है।
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एसपी आस्था मोदी ने बताया कि पुलिस ने कोर्ट के पालन किया गया। कई जगह गश्त कर इस बात की जांच की गई। कोई मामला सामने न आने पर इस संबंध में केस दर्ज नहीं किया गया।
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कृषि वैज्ञानिक डॉ. जसबीर ने कहा कि हवा में नमी के कणों के साथ मिलकर धुएं के गुबार के कारण स्मॉग बन जाता है। जो अधिक ऊपर नहीं जा पाता। बारिश होने तक कई जगह ऐसी स्थिति रह सकती है।