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मां का सपना था सोना जीते बेटा, मां के संसार छोडने के बाद वीडियो बना मां को समर्पित किया मेडल
Updated Thu, 11 Oct 2018 12:19 AM IST
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मां का सपना था सोना जीते बेटा, मां के संसार छोड़ने के बाद वीडियो बना मां को समर्पित किया मेडल
इंटरनेशनल पैरा तीरंदाजी चैंपियनशिप में कसौर के हरविंद्र ने जीता सोना
फोटो नंबर-60 व 61
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। चीका के गांव कसौर निवासी हरविंद्र सिंह ने इंडोनेशिया के जकार्ता में आयोजित इंटरनेशनल पैरा आर्चरी चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतकर पूरे विश्व में जिला का परचम लहराया है। मेडल जीतने के बाद हरविंद्र के गांव में खुशी का माहौल है। हरविंद्र ने मेडल अपनी मां को समर्पित किया है।
खुशी के इस पल के बाद हरविंद्र के घर बधाई देने वालों का तांता लगा है। पैरा एथलिट हरविंद्र पोलियो से ग्रस्त है। वह पंजाब यूनिवसिर्टी पटियाला में अर्थशास्त्र में पीएचडी की पढ़ाई कर रहा है। पैरा आर्चरी चैंपियनशिप के फाइनल में हरविंद्र ने चाइना के एथलीट जो लिकचु को 6-0 से मात दी। हरविंद्र के पिता परमजीत ने बताया कि हरविंद्र की माता हरभजन कौर का सपना था कि हरविंद्र देश के लिए गोल्ड मेडल जीते। लेकिन उसकी माता का करीब एक महीने पहले ही देहांत हो गया। वह अपने बेटे की उपलब्धि पर खुशी के इस पल में शरीक नहीं हो सकती है। इस पर हरविंद्र ने वीडियो बनाकर मां के नाम गोल्ड मेडल समर्पित करने का संदेश दिया है। हरविंद्र के पिता ने बताया कि हरविद्र पैैरा आर्चरी की कोचिंग रोहतक में पिछले तीन वर्षों से ले रहा है। उन्हें बेटे की इस उपलब्धि पर काफी गर्व है और आगे भी यह उम्मीद है कि वह इसी प्रकार से मेडल जीतकर देश का नाम रोशन करता रहेगा।
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इंटरनेशनल पैरा तीरंदाजी चैंपियनशिप में कसौर के हरविंद्र ने जीता सोना
फोटो नंबर-60 व 61
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। चीका के गांव कसौर निवासी हरविंद्र सिंह ने इंडोनेशिया के जकार्ता में आयोजित इंटरनेशनल पैरा आर्चरी चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतकर पूरे विश्व में जिला का परचम लहराया है। मेडल जीतने के बाद हरविंद्र के गांव में खुशी का माहौल है। हरविंद्र ने मेडल अपनी मां को समर्पित किया है।
खुशी के इस पल के बाद हरविंद्र के घर बधाई देने वालों का तांता लगा है। पैरा एथलिट हरविंद्र पोलियो से ग्रस्त है। वह पंजाब यूनिवसिर्टी पटियाला में अर्थशास्त्र में पीएचडी की पढ़ाई कर रहा है। पैरा आर्चरी चैंपियनशिप के फाइनल में हरविंद्र ने चाइना के एथलीट जो लिकचु को 6-0 से मात दी। हरविंद्र के पिता परमजीत ने बताया कि हरविंद्र की माता हरभजन कौर का सपना था कि हरविंद्र देश के लिए गोल्ड मेडल जीते। लेकिन उसकी माता का करीब एक महीने पहले ही देहांत हो गया। वह अपने बेटे की उपलब्धि पर खुशी के इस पल में शरीक नहीं हो सकती है। इस पर हरविंद्र ने वीडियो बनाकर मां के नाम गोल्ड मेडल समर्पित करने का संदेश दिया है। हरविंद्र के पिता ने बताया कि हरविद्र पैैरा आर्चरी की कोचिंग रोहतक में पिछले तीन वर्षों से ले रहा है। उन्हें बेटे की इस उपलब्धि पर काफी गर्व है और आगे भी यह उम्मीद है कि वह इसी प्रकार से मेडल जीतकर देश का नाम रोशन करता रहेगा।
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