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भावांतर योजना के लिए जागरुकता शिविर कल
Updated Tue, 16 Jan 2018 12:18 AM IST
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भावांतर योजना के लिए जागरुकता शिविर कल
कैथल। हरियाणा सरकार द्वारा सब्जी उत्पादक किसानों को जोखिम मुक्त करने के उद्देश्य से शुरू की गई भावांतर भरपाई योजना के बारे में किसानों को जागरूक करने के लिए 17 जनवरी को सुबह 11 बजे पंचायत भवन के सभागार में उद्यान विभाग द्वारा जागरूकता शिविर का आयोजन किया जाएगा। योजना के तहत आलु, प्याज, टमाटर व फूल गोभी की फसल निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम दर पर बिकने पर सरकार द्वारा भरपाई की जाएगी। जिला उद्यान अधिकारी डा. जगफूल सिंह ने बताया कि गत 30 दिसंबर को भावांतर भरपाई योजना की शुरूआत की गई है। जिला के किसानों को इस योजना के बारे में जागरूक करने के लिए उद्यान विभाग द्वारा 17 जनवरी को सुबह 11 बजे स्थानीय पंचायत भवन के सभागार में जागरूकता शिविर का आयोजन किया जाएगा, जिसकी अध्यक्षता अतिरिक्त कृषि निदेशक डा. सुरेंद्र दहिया करेंगे। इस योजना के तहत अगर किसान की सब्जी की फसल तय न्यूनतम समर्थन मुल्य से कम दाम पर बिकती है तो उसकी भरपाई राज्य सरकार द्वारा की जाएगी। इस योजना में टमाटर व आलु के लिए 400 रुपये प्रति क्विंटल, प्याज और फूल गोभी के लिए 500 रुपये प्रति क्विंटल संरक्षित मूल्य निर्धारित किया गया है। इस योजना के तहत 4 फसलों पर 48 हजार रुपये से 56 हजार रुपये प्रति एकड़ आमदनी सुनिश्चित की जाएगी तथा योजना के तहत 4 सब्जियों टमाटर, प्याज, आलु और फूल गोभी के लिए संरक्षित मूल्य निर्धारित किया जाएगा।
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कैथल। हरियाणा सरकार द्वारा सब्जी उत्पादक किसानों को जोखिम मुक्त करने के उद्देश्य से शुरू की गई भावांतर भरपाई योजना के बारे में किसानों को जागरूक करने के लिए 17 जनवरी को सुबह 11 बजे पंचायत भवन के सभागार में उद्यान विभाग द्वारा जागरूकता शिविर का आयोजन किया जाएगा। योजना के तहत आलु, प्याज, टमाटर व फूल गोभी की फसल निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम दर पर बिकने पर सरकार द्वारा भरपाई की जाएगी। जिला उद्यान अधिकारी डा. जगफूल सिंह ने बताया कि गत 30 दिसंबर को भावांतर भरपाई योजना की शुरूआत की गई है। जिला के किसानों को इस योजना के बारे में जागरूक करने के लिए उद्यान विभाग द्वारा 17 जनवरी को सुबह 11 बजे स्थानीय पंचायत भवन के सभागार में जागरूकता शिविर का आयोजन किया जाएगा, जिसकी अध्यक्षता अतिरिक्त कृषि निदेशक डा. सुरेंद्र दहिया करेंगे। इस योजना के तहत अगर किसान की सब्जी की फसल तय न्यूनतम समर्थन मुल्य से कम दाम पर बिकती है तो उसकी भरपाई राज्य सरकार द्वारा की जाएगी। इस योजना में टमाटर व आलु के लिए 400 रुपये प्रति क्विंटल, प्याज और फूल गोभी के लिए 500 रुपये प्रति क्विंटल संरक्षित मूल्य निर्धारित किया गया है। इस योजना के तहत 4 फसलों पर 48 हजार रुपये से 56 हजार रुपये प्रति एकड़ आमदनी सुनिश्चित की जाएगी तथा योजना के तहत 4 सब्जियों टमाटर, प्याज, आलु और फूल गोभी के लिए संरक्षित मूल्य निर्धारित किया जाएगा।