{"_id":"5a3ff2e74f1c1b96368b6834","slug":"61514140391-kaithal-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पंजावे की मिट्टी फिर चोरी, नगर परिषद अधिकारी पहुंचे मौके पर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पंजावे की मिट्टी फिर चोरी, नगर परिषद अधिकारी पहुंचे मौके पर
Updated Mon, 25 Dec 2017 12:10 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। स्वामी विवेकानंद स्कूल के निकट स्थित पंजावे से मिट्टी चोरी का सिलसिला जारी है। रविवार को भी यहां से मिट्टी चोरी की जा रही थी। जिसकी सूचना मिलने पर परिषद अधिकारियों ने मौके पर पहुंच कर एक ट्राली को मौके पर ही पकड़ लिया। पिछले सप्ताह भी परिषद के कर्मचारियों द्वारा मिट्टी से भरी ट्राली को पकड़ा गया था। जिस पर कार्रवाई करने से परिषद के कर्मचारी बचते दिखाई दिए थे। रविवार को पकड़ी गई ट्राली पर नगर परिषद के कार्यकारी चेयरमैन ने कार्रवाई करते हुए मिट्टी चुराने वाले के वाहन को जब्त करके उस पर तीन हजार रुपये का जुर्माना किया गया है।
चेयरमैन डा. पवन थरेजा ने बताया कि उन्हें कॉलोनी के लोगों के माध्यम से रविवार को पंजावे से मिट्टी चुराने की सूचना मिली थी। जिस पर सचिव को इसकी जानकारी दी गई। इसके बाद सचिव कुलदीप मलिक ने जेई प्रदीप को भेज इसकी जांच करने के आदेश दिए। जेई के घटनास्थल पर पहुंचने से पहले ही मिट्टी उठाने वाली पार्टी ने जेसीबी को वापस भेज दिया था। उन्होंने बताया कि ट्रैक्टर व ट्राली के ड्राईवर से पूछताछ करने पर उसने बताया कि एक ठेकेदार ने उसे 10 ट्रालियों में मिट्टी भरने के आदेश दिए थे। जिसे किसी पार्टी को 400 रुपये के हिसाब से प्रति ट्राली दी जानी थी।
ईओ को पंजावे में जाने वाले रास्ते को बंद करवाने के दिया आदेश : चेयरमैन ने बताया कि कुछ लोग अपने फायदे के लिए नगर परिषद की जमीन से मिट्टी चोरी कर रहे हैं। इसलिए उन्होंने ईओ को पंजावे की ओर जाने वाले रास्ते को बंद करवाने व यहां पर सूचना पट्ट लगवाने का आदेश दे दिया है।
विज्ञापन
प्रशासनिक अधिकारियों की शह से लगभग खत्म ही हो गया पंजावा : प्रशासनिक अधिकारियों की शह कहें या फिर उनके द्वारा इस मिट्टी पर पूरी तरह से बंद की गई आंखों के चलते पंजावा नाम मात्र का रह गया है। करीब दस साल पहले इस मसले के उठने के बाद तत्कालीन ईओ का स्थानांतरण तक हो गया था। इसके बावजूद यहां से लगातार मिट्टी चोरी का सिलसिला जारी है। सवाल उठता है कि इतना बड़ा पंजावा आखिर कहां गया और इस मिट्टी की चोरी पर किसकी जवाबदेही बनती है?
पंजावे की मिट्टी फिर चोरी, नगर परिषद अधिकारी पहुंचे मौके पर
पिछले सप्ताह महज एक हजार रुपये का जुर्माना लगाकर छोड़ दिए गए थे चोर
प्रधान ने ट्रैक्टर ट्राली को थाने में करवाया जब्त, किया तीन हजार रुपये का जुर्माना
पंजावे की ओर जाने वाले रास्ते को बंद करने का दिया आदेश
फोटो नंबर-36
कैथल। स्वामी विवेकानंद स्कूल के निकट स्थित पंजावे से मिट्टी चोरी का सिलसिला जारी है। रविवार को भी यहां से मिट्टी चोरी की जा रही थी। जिसकी सूचना मिलने पर परिषद अधिकारियों ने मौके पर पहुंच कर एक ट्राली को मौके पर ही पकड़ लिया। पिछले सप्ताह भी परिषद के कर्मचारियों द्वारा मिट्टी से भरी ट्राली को पकड़ा गया था। जिस पर कार्रवाई करने से परिषद के कर्मचारी बचते दिखाई दिए थे। रविवार को पकड़ी गई ट्राली पर नगर परिषद के कार्यकारी चेयरमैन ने कार्रवाई करते हुए मिट्टी चुराने वाले के वाहन को जब्त करके उस पर तीन हजार रुपये का जुर्माना किया गया है।
चेयरमैन डा. पवन थरेजा ने बताया कि उन्हें कॉलोनी के लोगों के माध्यम से रविवार को पंजावे से मिट्टी चुराने की सूचना मिली थी। जिस पर सचिव को इसकी जानकारी दी गई। इसके बाद सचिव कुलदीप मलिक ने जेई प्रदीप को भेज इसकी जांच करने के आदेश दिए। जेई के घटनास्थल पर पहुंचने से पहले ही मिट्टी उठाने वाली पार्टी ने जेसीबी को वापस भेज दिया था। उन्होंने बताया कि ट्रैक्टर व ट्राली के ड्राईवर से पूछताछ करने पर उसने बताया कि एक ठेकेदार ने उसे 10 ट्रालियों में मिट्टी भरने के आदेश दिए थे। जिसे किसी पार्टी को 400 रुपये के हिसाब से प्रति ट्राली दी जानी थी।
विज्ञापन
ईओ को पंजावे में जाने वाले रास्ते को बंद करवाने के दिया आदेश : चेयरमैन ने बताया कि कुछ लोग अपने फायदे के लिए नगर परिषद की जमीन से मिट्टी चोरी कर रहे हैं। इसलिए उन्होंने ईओ को पंजावे की ओर जाने वाले रास्ते को बंद करवाने व यहां पर सूचना पट्ट लगवाने का आदेश दे दिया है।
विज्ञापन
प्रशासनिक अधिकारियों की शह से लगभग खत्म ही हो गया पंजावा : प्रशासनिक अधिकारियों की शह कहें या फिर उनके द्वारा इस मिट्टी पर पूरी तरह से बंद की गई आंखों के चलते पंजावा नाम मात्र का रह गया है। करीब दस साल पहले इस मसले के उठने के बाद तत्कालीन ईओ का स्थानांतरण तक हो गया था। इसके बावजूद यहां से लगातार मिट्टी चोरी का सिलसिला जारी है। सवाल उठता है कि इतना बड़ा पंजावा आखिर कहां गया और इस मिट्टी की चोरी पर किसकी जवाबदेही बनती है?
पंजावे की मिट्टी फिर चोरी, नगर परिषद अधिकारी पहुंचे मौके पर
पिछले सप्ताह महज एक हजार रुपये का जुर्माना लगाकर छोड़ दिए गए थे चोर
प्रधान ने ट्रैक्टर ट्राली को थाने में करवाया जब्त, किया तीन हजार रुपये का जुर्माना
पंजावे की ओर जाने वाले रास्ते को बंद करने का दिया आदेश
फोटो नंबर-36