{"_id":"5c7d6907bdec2214586c22b7","slug":"51551722759-kaithal-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"11 करोड़ रुपये का नहीं दिया एफसीआई को चावल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
11 करोड़ रुपये का नहीं दिया एफसीआई को चावल
विज्ञापन
एफसीआई को 11 करोड़ रुपये का नहीं दिया चावल
हेफेड के डीएम ने दर्ज करवाया दो राइस मिलर्स के खिलाफ मामला दर्ज, पिछले सीजन में दिया था करोड़ों रुपये का धान, चावल निकाल कर जमा करवाया जाना था
मिलों में न चावल मिला ना ही मिला धान
पुलिस ने हेफेड के डीएम की शिकायत पर फर्म के मालिक व उनके गारंटरों के खिलाफ दर्ज किया मामला
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। हैफेड से धान के सीजन में 11 करोड़ रुपये से अधिक की राशि की धान लेकर चावल वापस न करके दो फर्मों द्वारा करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पुलिस ने दोनों फर्मों के खिलाफ हैफेड अधिकारियों की शिकायत पर धोखाधड़ी के आरोप में केस दर्ज कर लिया है। इस कार्रवाई से उन मिलर्स में भी हड़कंप मच गया है, जिनके अभी चावल एफसीआई को जमा करवाया जाना बाकी है।
पहले मामले में पुलिस को दी शिकायत में हैफेड डीएम वेदपाल मलिक ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि मै. श्री रामजी राइस लैंड कैथल के प्रो. सुशील कुमार को 2017-18 में 63 हजार 311 क्विंटल धान खरीदकर मिलिंग के लिए दिया था। जिसके बाद उसे 67 प्रतिशत चावल वापस जमा करवाना था। सुशील कुमार ने 56 गाड़ी चावल एफसीआई में नहीं दिया। जब विभाग की टीम ने राइस मिल का निरीक्षण किया तो वहां न धान मिला और न ही चावल मिला। इस चावल की कीमत करीब 5 करोड़ 59 हजार रुपये बताई गई है। सब इंस्पेक्टर राजकुमार ने बताया कि पुलिस ने शिकायत पर राइस मिल मालिक सुशील कुमार सहित गारंटर मै. सत्यपाल अशोक कुमार कैथल, मै. बाबू राम सतपाल कैथल, मै. किसान राइसलैंड प्रा. लि. कैथल व वर्धमान एक्सपोर्ट कैथल के प्रोपराइटर के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
इसी प्रकार से दूसरे मामले में हैफेड डीएम वेदपाल मलिक ने बताया कि ट्रांसपोर्ट नगर कैथल के नजदीक मै. हरियाणा एग्रो फूड्स के प्रो. गुरबचन सिंह को हैफेड द्वारा 2018-19 के धान सीजन में हैफेड की ओर से 3973 एमटी धान खरीदकर मिलिंग के लिए दिया था। इस धान के बदले मिलर्स को 67 प्रतिशत चावल निकाल कर एफसीआई में जमा करवाना था। जो करीब 2662 एमटी चावल बनता था। इस चावल की लगभग 99 गाड़ियां देनी थी। आरोपी ने हैफेड को केवल 32 गाड़ियां दी और 67 गाड़ियां बकाया है। इस चावल की कीमत करीब 6 करोड़ 27 लाख 91 हजार रुपये है। इंस्पेक्टर संजीव ढुल ने बताया कि चावल नहीं आने पर जब हमने राइस मिल का निरीक्षण किया तो मिल में धान ही नहीं मिला। न ही चावल मिला। जिस पर मामले की शिकायत एमडी वेदपाल मलिक ने थाना शहर में दी। पुलिस ने इस मामले में मै. हरियाणा एग्रो फूड्स के प्रो. गुरबचन सिंह व गारंटर मै. सतपाल अशोक कुमार, मै. चिरंजीलाल, मै. किसान राइस मिल प्रा. लि., मै. वर्धमान एक्सपोर्ट कैथल के प्रोपराइटर के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
हेफेड के डीएम ने दर्ज करवाया दो राइस मिलर्स के खिलाफ मामला दर्ज, पिछले सीजन में दिया था करोड़ों रुपये का धान, चावल निकाल कर जमा करवाया जाना था
मिलों में न चावल मिला ना ही मिला धान
पुलिस ने हेफेड के डीएम की शिकायत पर फर्म के मालिक व उनके गारंटरों के खिलाफ दर्ज किया मामला
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। हैफेड से धान के सीजन में 11 करोड़ रुपये से अधिक की राशि की धान लेकर चावल वापस न करके दो फर्मों द्वारा करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पुलिस ने दोनों फर्मों के खिलाफ हैफेड अधिकारियों की शिकायत पर धोखाधड़ी के आरोप में केस दर्ज कर लिया है। इस कार्रवाई से उन मिलर्स में भी हड़कंप मच गया है, जिनके अभी चावल एफसीआई को जमा करवाया जाना बाकी है।
पहले मामले में पुलिस को दी शिकायत में हैफेड डीएम वेदपाल मलिक ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि मै. श्री रामजी राइस लैंड कैथल के प्रो. सुशील कुमार को 2017-18 में 63 हजार 311 क्विंटल धान खरीदकर मिलिंग के लिए दिया था। जिसके बाद उसे 67 प्रतिशत चावल वापस जमा करवाना था। सुशील कुमार ने 56 गाड़ी चावल एफसीआई में नहीं दिया। जब विभाग की टीम ने राइस मिल का निरीक्षण किया तो वहां न धान मिला और न ही चावल मिला। इस चावल की कीमत करीब 5 करोड़ 59 हजार रुपये बताई गई है। सब इंस्पेक्टर राजकुमार ने बताया कि पुलिस ने शिकायत पर राइस मिल मालिक सुशील कुमार सहित गारंटर मै. सत्यपाल अशोक कुमार कैथल, मै. बाबू राम सतपाल कैथल, मै. किसान राइसलैंड प्रा. लि. कैथल व वर्धमान एक्सपोर्ट कैथल के प्रोपराइटर के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
विज्ञापन
इसी प्रकार से दूसरे मामले में हैफेड डीएम वेदपाल मलिक ने बताया कि ट्रांसपोर्ट नगर कैथल के नजदीक मै. हरियाणा एग्रो फूड्स के प्रो. गुरबचन सिंह को हैफेड द्वारा 2018-19 के धान सीजन में हैफेड की ओर से 3973 एमटी धान खरीदकर मिलिंग के लिए दिया था। इस धान के बदले मिलर्स को 67 प्रतिशत चावल निकाल कर एफसीआई में जमा करवाना था। जो करीब 2662 एमटी चावल बनता था। इस चावल की लगभग 99 गाड़ियां देनी थी। आरोपी ने हैफेड को केवल 32 गाड़ियां दी और 67 गाड़ियां बकाया है। इस चावल की कीमत करीब 6 करोड़ 27 लाख 91 हजार रुपये है। इंस्पेक्टर संजीव ढुल ने बताया कि चावल नहीं आने पर जब हमने राइस मिल का निरीक्षण किया तो मिल में धान ही नहीं मिला। न ही चावल मिला। जिस पर मामले की शिकायत एमडी वेदपाल मलिक ने थाना शहर में दी। पुलिस ने इस मामले में मै. हरियाणा एग्रो फूड्स के प्रो. गुरबचन सिंह व गारंटर मै. सतपाल अशोक कुमार, मै. चिरंजीलाल, मै. किसान राइस मिल प्रा. लि., मै. वर्धमान एक्सपोर्ट कैथल के प्रोपराइटर के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया।
विज्ञापन