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रिवाइजड न्यूज
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पालिका प्रशासन ने पालिका की जमीन पर हुए अवैध निर्माण को गिरवाया
फोटो नंबर-46
अमर उजाला ब्यूरो
कलायत। वार्ड 11 में अस्पताल रोड पर किए जा रहे अवैध निर्माण को नगरपालिका ने गिरा दिया। सोमवार सुबह ड्यूटी मैजिस्ट्रेट तहसीलदार टीका राम के नेतृत्व में नगरपालिका सचिव नरेंद्र शर्मा, बीआई सुमित कुमार, जेई मंदीप श्योकंद, सब इंस्पेक्टर रामफल की मौजूदगी में पालिका प्रशासन द्वारा निर्माणाधीन दुकान को गिराने पहुंचे। निर्माणाधीन दुकान को गिराए जाने की सूचना मिलते ही दुकानदार व नगर के लोग मौकास्थल पर एकत्रित हो गए। माहौल को गर्माता देख तहसीलदार ने अतिरिक्त पुलिस बल को मौके पर बुलाया। दुकानदार ने इस बीच नगरपालिका द्वारा काटी गई रसीद का हवाला देकर निर्माण को गिराए न गिराए जाने की अपील की। लेकिन प्रशासन ने उनकी एक नहीं सुनी और निर्माणाधीन दुकान को पहले मजदूरों की मदद से गिराया जाना शुरू किया। लेकिन माहौल को देखते हुए पालिका प्रशासन ने जेसीबी की मदद से दुकान की चारदीवारी को गिराया गया।
नोटिस जारी कर कार्य बंद करने बारे भी किया गया था आगाह: शर्मा
नगरपालिका सचिव नरेंद्र शर्मा ने कहा कि जब निर्माण किया जा रहा था तब इसे बंद करने बारे कहा गया था। इसके पश्चात गम 28 जनवरी को नोटिस भी जारी किया गया था जिस पर कोई संज्ञान नहीं लिया गया। उन्होंने बताया कि इस प्लाट संबंधी शिकायत किए जाने के अलावा पालिका किसी भी उस अवैध निर्माण को नोटिस देकर हटा सकती है जो जमीन पालिका की है। उन्होंने कहा कि आज केवल मात्र उसी जगह से निर्माण हटाया जा रहा है जहां पालिका की जमीन पर अवैध कब्जा किया हुआ है। और भी जहां नगरपालिका की जमीन पर अवैध कब्जे किए हुए हैं उनके विरुद्ध भी नियमानुसार कार्यवाही कभी भी अमल में लाई जा सकती है।
नहीं मिला कोई नोटिस: शरद
प्लाटधारक शरद कुमार ने कहा कि नगरपालिका की ओर से उसे अवैध निर्माण संबंधी कोई नोटिस जारी नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि वह उसी जमीन पर निर्माण को दुरुस्त करवा रहे थे जिस उसके परिजनों ने एक दशक से पहले पालिका प्रशासन से लीज पर लिया था। उन्होंने कहा कि नगर के गणमान्य लोगों के साथ पालिका प्रशासन से निर्माण गिरवाने में संयम बरत बातचीत करने का प्रस्ताव भी रखा मगर नपा प्रशासन ने पूरी तरह मनमानी कर लोगों के साथ उनकी कोई बात नहीं सुनी। वह समय-समय पर अपनी जगह का किराया देते आ रहे है। उन्होंने नगरपालिका प्रशासन द्वारा आनन-फानन में की गई कार्रवाई को रंजिशन करार दिया है।
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फोटो नंबर-46
अमर उजाला ब्यूरो
कलायत। वार्ड 11 में अस्पताल रोड पर किए जा रहे अवैध निर्माण को नगरपालिका ने गिरा दिया। सोमवार सुबह ड्यूटी मैजिस्ट्रेट तहसीलदार टीका राम के नेतृत्व में नगरपालिका सचिव नरेंद्र शर्मा, बीआई सुमित कुमार, जेई मंदीप श्योकंद, सब इंस्पेक्टर रामफल की मौजूदगी में पालिका प्रशासन द्वारा निर्माणाधीन दुकान को गिराने पहुंचे। निर्माणाधीन दुकान को गिराए जाने की सूचना मिलते ही दुकानदार व नगर के लोग मौकास्थल पर एकत्रित हो गए। माहौल को गर्माता देख तहसीलदार ने अतिरिक्त पुलिस बल को मौके पर बुलाया। दुकानदार ने इस बीच नगरपालिका द्वारा काटी गई रसीद का हवाला देकर निर्माण को गिराए न गिराए जाने की अपील की। लेकिन प्रशासन ने उनकी एक नहीं सुनी और निर्माणाधीन दुकान को पहले मजदूरों की मदद से गिराया जाना शुरू किया। लेकिन माहौल को देखते हुए पालिका प्रशासन ने जेसीबी की मदद से दुकान की चारदीवारी को गिराया गया।
नोटिस जारी कर कार्य बंद करने बारे भी किया गया था आगाह: शर्मा
नगरपालिका सचिव नरेंद्र शर्मा ने कहा कि जब निर्माण किया जा रहा था तब इसे बंद करने बारे कहा गया था। इसके पश्चात गम 28 जनवरी को नोटिस भी जारी किया गया था जिस पर कोई संज्ञान नहीं लिया गया। उन्होंने बताया कि इस प्लाट संबंधी शिकायत किए जाने के अलावा पालिका किसी भी उस अवैध निर्माण को नोटिस देकर हटा सकती है जो जमीन पालिका की है। उन्होंने कहा कि आज केवल मात्र उसी जगह से निर्माण हटाया जा रहा है जहां पालिका की जमीन पर अवैध कब्जा किया हुआ है। और भी जहां नगरपालिका की जमीन पर अवैध कब्जे किए हुए हैं उनके विरुद्ध भी नियमानुसार कार्यवाही कभी भी अमल में लाई जा सकती है।
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नहीं मिला कोई नोटिस: शरद
प्लाटधारक शरद कुमार ने कहा कि नगरपालिका की ओर से उसे अवैध निर्माण संबंधी कोई नोटिस जारी नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि वह उसी जमीन पर निर्माण को दुरुस्त करवा रहे थे जिस उसके परिजनों ने एक दशक से पहले पालिका प्रशासन से लीज पर लिया था। उन्होंने कहा कि नगर के गणमान्य लोगों के साथ पालिका प्रशासन से निर्माण गिरवाने में संयम बरत बातचीत करने का प्रस्ताव भी रखा मगर नपा प्रशासन ने पूरी तरह मनमानी कर लोगों के साथ उनकी कोई बात नहीं सुनी। वह समय-समय पर अपनी जगह का किराया देते आ रहे है। उन्होंने नगरपालिका प्रशासन द्वारा आनन-फानन में की गई कार्रवाई को रंजिशन करार दिया है।
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