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गेहूं व चने की बुआई करने वाले किसान ध्यान दें
Updated Sun, 11 Nov 2018 12:09 AM IST
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गेहूं व चने की बुआई की तैयारी कर लें किसान
- 13 नवंबर से पश्चिमी विक्षोभ के कारण हो सकती है बारिश
अमर उजाला ब्यूरो
कलायत (कैथल)। गेहूं व चने की बुआई करने वाले किसानों के लिए यह महत्वपूर्ण सूचना है कि 13 नवंबर से बारिश हो सकती है। यह समय गेहूं व चने की बीजाई के लिए पूरी तरह से उपयुक्त है। इसलिए विश्वविद्यालय द्वारा प्रमाणित अगेती किस्मों की बिजाई शुरू कर देनी चाहिए। सरसों की फसल में किसान निरंतर निराई गुड़ाई करते रहें। जिन क्षेत्रों में चना बोया जाता है वहां के किसान चने की बिजाई का कार्य पूरा कर लें।
मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले सप्ताह में मौसम में ठंडक और बढ़ेगी, धुंध बनी रहेगी व 13 नवंबर से पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से हरियाणा में बरसात की संभावना बनेगी। कृषि मौसम वैज्ञानिक डॉ. चंद्रशेखर डागर ने बताया कि 13 नवंबर रात्रि में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। जिसके कारण से 15 नवंबर तक बरसात की संभावना है। पहाड़ों में हुई बर्फबारी के चलते मैदानी इलाके में तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। अधिकतम तापमान 27 डिग्री व न्यूनतम तापमान 7.5 डिग्री सेल्सियस तक रहने की संभावना है।
उन्होंने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के चलते रात्रि के तापमान में बढ़ोतरी दर्ज होगी। उसके बाद फिर से गिरावट शुरू हो जाएगी। पर्यावरण में आर्द्रता की स्थिति बनी रहेगी, जिसके कारण से सुबह व शाम में धुंध बनी रहेगी। जो किसान गेहूं व चने की बीजाई करना चाहते हैं, वे आने वाले दिनों में मौसम के पूर्वानुमान के अनुसार प्लानिंग करें। इससे पहले का समय दोनों फसलों की बुआई के लिए उपयुक्त हैं।
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- 13 नवंबर से पश्चिमी विक्षोभ के कारण हो सकती है बारिश
अमर उजाला ब्यूरो
कलायत (कैथल)। गेहूं व चने की बुआई करने वाले किसानों के लिए यह महत्वपूर्ण सूचना है कि 13 नवंबर से बारिश हो सकती है। यह समय गेहूं व चने की बीजाई के लिए पूरी तरह से उपयुक्त है। इसलिए विश्वविद्यालय द्वारा प्रमाणित अगेती किस्मों की बिजाई शुरू कर देनी चाहिए। सरसों की फसल में किसान निरंतर निराई गुड़ाई करते रहें। जिन क्षेत्रों में चना बोया जाता है वहां के किसान चने की बिजाई का कार्य पूरा कर लें।
मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले सप्ताह में मौसम में ठंडक और बढ़ेगी, धुंध बनी रहेगी व 13 नवंबर से पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से हरियाणा में बरसात की संभावना बनेगी। कृषि मौसम वैज्ञानिक डॉ. चंद्रशेखर डागर ने बताया कि 13 नवंबर रात्रि में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। जिसके कारण से 15 नवंबर तक बरसात की संभावना है। पहाड़ों में हुई बर्फबारी के चलते मैदानी इलाके में तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। अधिकतम तापमान 27 डिग्री व न्यूनतम तापमान 7.5 डिग्री सेल्सियस तक रहने की संभावना है।
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उन्होंने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के चलते रात्रि के तापमान में बढ़ोतरी दर्ज होगी। उसके बाद फिर से गिरावट शुरू हो जाएगी। पर्यावरण में आर्द्रता की स्थिति बनी रहेगी, जिसके कारण से सुबह व शाम में धुंध बनी रहेगी। जो किसान गेहूं व चने की बीजाई करना चाहते हैं, वे आने वाले दिनों में मौसम के पूर्वानुमान के अनुसार प्लानिंग करें। इससे पहले का समय दोनों फसलों की बुआई के लिए उपयुक्त हैं।
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