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एक्स रे मशीन बनी सफेद हाथी, लोगों को परेशानी
Updated Mon, 19 Mar 2018 11:48 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
राजौंद। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पिछले एक वर्ष से एक्स रे मशीन शोपीस बनकर रह गई है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इस मशीन को चलाने वाले रेडियोग्राफर की नियुक्ति न होने से यह मशीन लोगों के लिए सफेद हाथी साबित हो रही है। नगर में कोई भी निजी एक्स रे मशीन न होने से लोगों को कैथल, करनाल व जींद तक के धक्के खाने पड़े रहे है। स्वास्थ्य विभाग इस ओर लंबी तान कर सोया हुआ है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लोगों का स्वास्थ्य केवल राम भरोसे होकर रह गया है। पूर्व सेक्ट्ररी रामकुमार, भूषण शर्मा, किरणपाल, कुलदीप, रामबीर ने बताया कि स्वास्थ्य केंद्र में पिछले एक वर्ष से एक्स रे मशीन कमरे में बंद होकर रह गई है। जब से यहां से रेडियोग्राफर सेवानिवृत्त हुए है तब से लेकर आज तक किसी की भी नियुक्ति नही की गई। जिससे यह एक्स रे मशीन कमरे में बंद पड़ी पड़ी धूल फांक रही है। इन लोगों ने बताया कि नगर में कोई भी निजी एक्स रे मशीन न होने से लोगों को एमरजेंसी के लिए महंगे भाव से गाड़ी किराए पर करके जींद, करनाल व कैथल एक्स रे के लिए जाना पड़ता है। इन लोगों ने बताया कि एक वर्ष पूर्व राजौंद में मनोज बाक्सर के घर आए स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज से भी नगरपालिका द्वारा प्रस्ताव पास करवाकर डाक्टर की नियुक्ति की गुहार लगाई गई थी। लेकिन आज तक भी किसी चिकित्सक की नियुक्ति नही हो पाई। यहां लोगों का इलाज राम भरोसे होकर रह गया है।
इस बारे में कार्यकारी एस एम ओ रजनीश मल्होत्रा ने बताया कि पिछले वर्ष रेडियो ग्राफर की सेवानिवृत्त के बाद पद खाली पड़ा है इस बारे में कई बार विभाग को लिखा जा चुका है।
एक्स-रे मशीन बनी शोपीस, लोगों को परेशानी
फोटो नंबर-26
राजौंद। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पिछले एक वर्ष से एक्स रे मशीन शोपीस बनकर रह गई है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इस मशीन को चलाने वाले रेडियोग्राफर की नियुक्ति न होने से यह मशीन लोगों के लिए सफेद हाथी साबित हो रही है। नगर में कोई भी निजी एक्स रे मशीन न होने से लोगों को कैथल, करनाल व जींद तक के धक्के खाने पड़े रहे है। स्वास्थ्य विभाग इस ओर लंबी तान कर सोया हुआ है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लोगों का स्वास्थ्य केवल राम भरोसे होकर रह गया है। पूर्व सेक्ट्ररी रामकुमार, भूषण शर्मा, किरणपाल, कुलदीप, रामबीर ने बताया कि स्वास्थ्य केंद्र में पिछले एक वर्ष से एक्स रे मशीन कमरे में बंद होकर रह गई है। जब से यहां से रेडियोग्राफर सेवानिवृत्त हुए है तब से लेकर आज तक किसी की भी नियुक्ति नही की गई। जिससे यह एक्स रे मशीन कमरे में बंद पड़ी पड़ी धूल फांक रही है। इन लोगों ने बताया कि नगर में कोई भी निजी एक्स रे मशीन न होने से लोगों को एमरजेंसी के लिए महंगे भाव से गाड़ी किराए पर करके जींद, करनाल व कैथल एक्स रे के लिए जाना पड़ता है। इन लोगों ने बताया कि एक वर्ष पूर्व राजौंद में मनोज बाक्सर के घर आए स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज से भी नगरपालिका द्वारा प्रस्ताव पास करवाकर डाक्टर की नियुक्ति की गुहार लगाई गई थी। लेकिन आज तक भी किसी चिकित्सक की नियुक्ति नही हो पाई। यहां लोगों का इलाज राम भरोसे होकर रह गया है।
इस बारे में कार्यकारी एस एम ओ रजनीश मल्होत्रा ने बताया कि पिछले वर्ष रेडियो ग्राफर की सेवानिवृत्त के बाद पद खाली पड़ा है इस बारे में कई बार विभाग को लिखा जा चुका है।
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एक्स-रे मशीन बनी शोपीस, लोगों को परेशानी
फोटो नंबर-26