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डीसी ने की सिंचाई विभाग के कमीश्रर से बात, शहर में पानी की जरुरत
Updated Wed, 14 Mar 2018 12:04 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। प्यौदा रोड स्थित नहरी पानी परियोजना से पानी लगभग खत्म होने के चलते मंगलवार की सुबह शहर के अधिकतर इलाकों में पानी नहीं आया। महिलाएं सुबह सवेरे उठकर पानी के लिए पड़ोसियों के यहां बाल्टियां उठाएं घूमती नजर आईं। हालांकि जनस्वास्थ्य विभाग द्वारा कुछ घंटों के लिए पानी दिया गया, लेकिन ट्यूबवेलों के माध्यम से दिए गए पानी से शहर की जरूरतें पूरी नहीं हो पाईं। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने डीसी से मुलाकात की। डीसी ने सिंचाई विभाग के कमिश्नर से नहर में 16 की बजाये 13 मार्च को ही पानी छोड़ने का आग्रह किया। बताया जा रहा है कि बुधवार को सिरसा ब्रांच में पानी छोड़ा जा सकता है।
प्यौदा रोड स्थित नहरी पानी परियोजना में पानी 14 फुट की बजाए महज 2 फुट तक रह गया है। जिससे एक दिन का भी काम चलना मुश्किल है। लेकिन नहर में पानी 16 मार्च को छोड़ा जाएगा, जो सुबह 17 मार्च तक ही इस परियोजना तक पहुंच सकता है। इसी बात को देखते हुए जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों से गुहार लगाई। जिस पर सिंचाई विभाग ने भी आला अधिकारियों से बात कर शीघ्र नहर में पानी छोड़ने की मांग।
शहर के अधिकतर इलाकों में मचा रहा हाहाकार : मंगलवार सुबह अमरगढ़ गामड़ी निवासी लक्ष्मी देवी, बोहती देवी, सावित्री, सुनीता, केशो, मांगें राम, नीरज, मनोज, शम्मी, हरपाल, बबली, मोना, मीना सहित अन्य ने कहा कि यहां पानी ना आने के कारण उन्हें काफी दिक्कतें हो रही हैं।
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नानकपुरी कालोनी निवासी सुनीता, विद्या, कमलेश, संतरो, कोमल ने कहा कि पानी ना आने के कारण उन्हें काफी दिक्कतें हो रही हैं। कई बार पानी खराब आता है। अब यह भी नहीं आ रहा। सुबह दिनचर्या के काम प्रभावित हुए। जैसे-तैसे पड़ोसियों की मदद से कम चल रहा है। इसी प्रकार से ढांड रोड, करनाल रोड को जोड़ने वाली सड़क के आस-पास स्थित कालोनियों में भी सुबह पानी नहीं आया। हाउसिंग बोर्ड कालोनी, मॉडल टाउन जींद रोड कैथल, ढांड रोड पुराना बाईपास, पटेल नगर, लाल प्यौ, खुराना रोड, महाराजा अग्रसेन कालोनी, अर्जुन नगर चौक, मायापुरी कालोनी, बलराज नगर, सुभाष नगर, एसबीआई रोड, खरादिया मोहल्ला, भगत सिंह चौक के आस-पास का इलाका, फ्रांसवाला रोड, नेहरु गार्डन सहित शहर की अन्य कालोनियों में पानी का संकट बना रहा।
इन कालोनियों में रह रहे सन्नी, अंकित बंसल, सौरव गर्ग, हिमांशू बंसल, विजय कुमार, टिंकू, मन्नू, सुनील, संजीव, विनू, मनीष, श्यामू, साहिल, लविश सहित अन्य ने अपनी कालोनियों में पानी ना आने की बात कही है।
पड़ोसियों की ली मदद : कई कालोनियों में महिलाओं ने पड़ोसियों की मदद ली। जिनके घरों में सबमर्सीबल लगे हुए हैं। उनके यहां से बाल्टियों के माध्यम से पानी भरा। ताकि काम चलाया जा सके।
सिंचाई विभाग के अधीक्षक अभियंता आरएस मित्तल ने बताया कि डीसी ने सिंचाई विभाग के आला अधिकारियों से बात की है। लेकिन कोई व्यवस्था नहीं हो पाई। हाबड़ी नहर के पानी को ही सिरसा ब्रांच में छुड़वाने का प्रयास किया जाएगा। बुधवार को पानी छोड़ा जा सकता है।
व्यर्थ ना बहाएं पानी, सावधानी से करें प्रयोग
1. चलते पानी की पाइप लेकर गाड़ियां धोने और पशुओं को नहलाने की बजाए बाल्टी में पानी लेकर गाड़ी धोएं, इससे पानी की बचत होगी।
2. कहीं भी खुला नल देखें तो उसे बंद कर दें।
3. घर में टूथब्रश करते हुए पानी की टूंटी को बंद कर दें।
4. नहाते समय टूंटी को चलता ना छोड़ें। जितना पानी जरूरत हो, उतना लेकर टूंटी को बंद कर दें।
5. पानी की टंकी भर जाए तो उसे तुरंत बंद कर दें, व्यर्थ में बेशकीमती पानी गलियों में ना बहाएं।
पानी की यही स्थिति रही तो 5 से 10 साल के भीतर-भीतर अपने ही इलाके में पीने तक के पानी के लिए संकट खड़ा हो जाएगा।
पानी के लिए पड़ोसियों के यहां बाल्टी लेकर घूमती रही महिलाएं
शहर में पेयजल संकट, डीसी ने की सिंचाई विभाग के कमिश्नर से बात, कहा- शहर को पानी की जरूरत
कमिश्नर ने दिया बुधवार को नहर में पानी छोड़ने का आश्वासन
फोटो संख्या-2 से 5
कैथल। प्यौदा रोड स्थित नहरी पानी परियोजना से पानी लगभग खत्म होने के चलते मंगलवार की सुबह शहर के अधिकतर इलाकों में पानी नहीं आया। महिलाएं सुबह सवेरे उठकर पानी के लिए पड़ोसियों के यहां बाल्टियां उठाएं घूमती नजर आईं। हालांकि जनस्वास्थ्य विभाग द्वारा कुछ घंटों के लिए पानी दिया गया, लेकिन ट्यूबवेलों के माध्यम से दिए गए पानी से शहर की जरूरतें पूरी नहीं हो पाईं। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने डीसी से मुलाकात की। डीसी ने सिंचाई विभाग के कमिश्नर से नहर में 16 की बजाये 13 मार्च को ही पानी छोड़ने का आग्रह किया। बताया जा रहा है कि बुधवार को सिरसा ब्रांच में पानी छोड़ा जा सकता है।
प्यौदा रोड स्थित नहरी पानी परियोजना में पानी 14 फुट की बजाए महज 2 फुट तक रह गया है। जिससे एक दिन का भी काम चलना मुश्किल है। लेकिन नहर में पानी 16 मार्च को छोड़ा जाएगा, जो सुबह 17 मार्च तक ही इस परियोजना तक पहुंच सकता है। इसी बात को देखते हुए जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों से गुहार लगाई। जिस पर सिंचाई विभाग ने भी आला अधिकारियों से बात कर शीघ्र नहर में पानी छोड़ने की मांग।
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शहर के अधिकतर इलाकों में मचा रहा हाहाकार : मंगलवार सुबह अमरगढ़ गामड़ी निवासी लक्ष्मी देवी, बोहती देवी, सावित्री, सुनीता, केशो, मांगें राम, नीरज, मनोज, शम्मी, हरपाल, बबली, मोना, मीना सहित अन्य ने कहा कि यहां पानी ना आने के कारण उन्हें काफी दिक्कतें हो रही हैं।
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नानकपुरी कालोनी निवासी सुनीता, विद्या, कमलेश, संतरो, कोमल ने कहा कि पानी ना आने के कारण उन्हें काफी दिक्कतें हो रही हैं। कई बार पानी खराब आता है। अब यह भी नहीं आ रहा। सुबह दिनचर्या के काम प्रभावित हुए। जैसे-तैसे पड़ोसियों की मदद से कम चल रहा है। इसी प्रकार से ढांड रोड, करनाल रोड को जोड़ने वाली सड़क के आस-पास स्थित कालोनियों में भी सुबह पानी नहीं आया। हाउसिंग बोर्ड कालोनी, मॉडल टाउन जींद रोड कैथल, ढांड रोड पुराना बाईपास, पटेल नगर, लाल प्यौ, खुराना रोड, महाराजा अग्रसेन कालोनी, अर्जुन नगर चौक, मायापुरी कालोनी, बलराज नगर, सुभाष नगर, एसबीआई रोड, खरादिया मोहल्ला, भगत सिंह चौक के आस-पास का इलाका, फ्रांसवाला रोड, नेहरु गार्डन सहित शहर की अन्य कालोनियों में पानी का संकट बना रहा।
इन कालोनियों में रह रहे सन्नी, अंकित बंसल, सौरव गर्ग, हिमांशू बंसल, विजय कुमार, टिंकू, मन्नू, सुनील, संजीव, विनू, मनीष, श्यामू, साहिल, लविश सहित अन्य ने अपनी कालोनियों में पानी ना आने की बात कही है।
पड़ोसियों की ली मदद : कई कालोनियों में महिलाओं ने पड़ोसियों की मदद ली। जिनके घरों में सबमर्सीबल लगे हुए हैं। उनके यहां से बाल्टियों के माध्यम से पानी भरा। ताकि काम चलाया जा सके।
सिंचाई विभाग के अधीक्षक अभियंता आरएस मित्तल ने बताया कि डीसी ने सिंचाई विभाग के आला अधिकारियों से बात की है। लेकिन कोई व्यवस्था नहीं हो पाई। हाबड़ी नहर के पानी को ही सिरसा ब्रांच में छुड़वाने का प्रयास किया जाएगा। बुधवार को पानी छोड़ा जा सकता है।
व्यर्थ ना बहाएं पानी, सावधानी से करें प्रयोग
1. चलते पानी की पाइप लेकर गाड़ियां धोने और पशुओं को नहलाने की बजाए बाल्टी में पानी लेकर गाड़ी धोएं, इससे पानी की बचत होगी।
2. कहीं भी खुला नल देखें तो उसे बंद कर दें।
3. घर में टूथब्रश करते हुए पानी की टूंटी को बंद कर दें।
4. नहाते समय टूंटी को चलता ना छोड़ें। जितना पानी जरूरत हो, उतना लेकर टूंटी को बंद कर दें।
5. पानी की टंकी भर जाए तो उसे तुरंत बंद कर दें, व्यर्थ में बेशकीमती पानी गलियों में ना बहाएं।
पानी की यही स्थिति रही तो 5 से 10 साल के भीतर-भीतर अपने ही इलाके में पीने तक के पानी के लिए संकट खड़ा हो जाएगा।
पानी के लिए पड़ोसियों के यहां बाल्टी लेकर घूमती रही महिलाएं
शहर में पेयजल संकट, डीसी ने की सिंचाई विभाग के कमिश्नर से बात, कहा- शहर को पानी की जरूरत
कमिश्नर ने दिया बुधवार को नहर में पानी छोड़ने का आश्वासन
फोटो संख्या-2 से 5