{"_id":"5a4e6b6f4f1c1b35198b4d65","slug":"41515088751-kaithal-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"रेडियोलॉजिस्ट को सुनाई 4 साल की कैद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रेडियोलॉजिस्ट को सुनाई 4 साल की कैद
Updated Thu, 04 Jan 2018 11:29 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रेडियोलॉजिस्ट को चार साल की कैद
- झगड़े के मामले में वसूले थे 20 हजार रुपये, विजिलेंस ने दर्ज किया था मामला
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुदीप गोयल की अदालत ने रिश्वत लेने के एक मामले में रेडियोलॉजिस्ट को चार साल कैद और दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। इस संबंध में महेंद्र सिंह निवासी कलायत ने स्टेट विजिलेंस ब्यूरो को शिकायत दी थी।
महेंद्र सिंह के वकील नितिन छाबड़ा व मीनाक्षी शर्मा ने बताया कि दो वर्ष पूर्व 22 जनवरी को महेंद्र सिंह का उसके पड़ोसी के साथ गंदे पानी को लेकर झगड़ा हो गया था। इस बारे में महेंद्र के पिता कंवरपाल, भाभी राजबाला, चचेरा भाई नरेश और भाई दिनेश को चोटें आई जिन्हें सिविल अस्पताल कैथल में भर्ती करवा दिया गया। दूसरे पक्ष से भी तीन को चोटें आई थी। सरकारी अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट राम अवतार ने महेंद्र से कहा कि यदि तुम तीस हजार रुपये दो तो वह विरोधी पक्ष की चोटों को साधारण चोटों में तब्दील कर देगा। डर के मारे महेंद्र ने उसे 30 हजार रुपये दे दिए। इसके बाद दो मार्च को राम अवतार ने उससे फिर तीस हजार रुपये की मांग की। इस पर भी डर के कारण महेंद्र ने उसे 20 हजार रुपये दे दिए। इसके बाद महेंद्र ने सारा मामला स्टेट विजिलेंस ब्यूरो को बताया।
ब्यूरो ने तत्कालीन एडीसी से मंजूरी लेकर रेडिंग पार्टी तैयार की तथा नायब तहसीलदार विजय कुमार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया। योजना के अनुसार महेंद्र 10 हजार रुपये लेकर रेडियोलॉजिस्ट राम अवतार के पास गया और पहले से तैयार रेडिंग पार्टी के सदस्य एएसआई जोगिंद्र सिंह का इशारा मिलने पर इंस्पेक्टर जगदीश चंद, नायब तहसीलदार विजय कुमार ने पुलिस के साथ मौके पर रेडियोलॉजिस्ट को काबू कर लिया। बाद में उसके खिलाफ भ्रष्टाचार अवरोध अधिनियम की धारा 7 और 13 के खिलाफ केस दर्ज किया गया। यह मामला तभी से न्यायालय में विचाराधीन था। जिसमें सुनवाई करते हुए एडीजे सुदीप गोयल ने रेडियोलॉजिस्ट राम अवतार को दोषी पाया करार देते हुए उपरोक्त सजा सुनाई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
- झगड़े के मामले में वसूले थे 20 हजार रुपये, विजिलेंस ने दर्ज किया था मामला
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुदीप गोयल की अदालत ने रिश्वत लेने के एक मामले में रेडियोलॉजिस्ट को चार साल कैद और दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। इस संबंध में महेंद्र सिंह निवासी कलायत ने स्टेट विजिलेंस ब्यूरो को शिकायत दी थी।
महेंद्र सिंह के वकील नितिन छाबड़ा व मीनाक्षी शर्मा ने बताया कि दो वर्ष पूर्व 22 जनवरी को महेंद्र सिंह का उसके पड़ोसी के साथ गंदे पानी को लेकर झगड़ा हो गया था। इस बारे में महेंद्र के पिता कंवरपाल, भाभी राजबाला, चचेरा भाई नरेश और भाई दिनेश को चोटें आई जिन्हें सिविल अस्पताल कैथल में भर्ती करवा दिया गया। दूसरे पक्ष से भी तीन को चोटें आई थी। सरकारी अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट राम अवतार ने महेंद्र से कहा कि यदि तुम तीस हजार रुपये दो तो वह विरोधी पक्ष की चोटों को साधारण चोटों में तब्दील कर देगा। डर के मारे महेंद्र ने उसे 30 हजार रुपये दे दिए। इसके बाद दो मार्च को राम अवतार ने उससे फिर तीस हजार रुपये की मांग की। इस पर भी डर के कारण महेंद्र ने उसे 20 हजार रुपये दे दिए। इसके बाद महेंद्र ने सारा मामला स्टेट विजिलेंस ब्यूरो को बताया।
विज्ञापन
ब्यूरो ने तत्कालीन एडीसी से मंजूरी लेकर रेडिंग पार्टी तैयार की तथा नायब तहसीलदार विजय कुमार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया। योजना के अनुसार महेंद्र 10 हजार रुपये लेकर रेडियोलॉजिस्ट राम अवतार के पास गया और पहले से तैयार रेडिंग पार्टी के सदस्य एएसआई जोगिंद्र सिंह का इशारा मिलने पर इंस्पेक्टर जगदीश चंद, नायब तहसीलदार विजय कुमार ने पुलिस के साथ मौके पर रेडियोलॉजिस्ट को काबू कर लिया। बाद में उसके खिलाफ भ्रष्टाचार अवरोध अधिनियम की धारा 7 और 13 के खिलाफ केस दर्ज किया गया। यह मामला तभी से न्यायालय में विचाराधीन था। जिसमें सुनवाई करते हुए एडीजे सुदीप गोयल ने रेडियोलॉजिस्ट राम अवतार को दोषी पाया करार देते हुए उपरोक्त सजा सुनाई है।
विज्ञापन