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श्राद्ध पक्ष में आई कारोबार में मंदी
Updated Thu, 14 Sep 2017 12:23 AM IST
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कनागत से बाजार पड़ा ठंडा, अब नवरात्र का इंतजार
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। कनागत (श्राद्ध पक्ष) से बाजार ठंडा पड़ गया है। रियल एस्टेट और सर्राफा बाजार पर इसका ज्यादा असर देखा जा रहा है। 5 सिंतबर को शुरू हुए श्राद्ध पक्ष से ही खरीदार बाजार में खरीदारी से परहेज कर रहे हैं। अब व्यापारी श्राद्ध पक्ष खत्म होने और नवरात्र का इंतजार कर रहे हैं। इधर, व्यापारियों का कहना है कि, गाड़ियों की बुकिंग तो हो रही है, मगर लोग डिलीवरी वनरात्र में शुभ मुहूर्त शुरू होने पर ही करेंगे।
जीएसटी के बाद श्राद्ध पक्ष ने व्यापार को किया प्रभावित
जिला स्वर्णकार एसोसिएशन के प्रधान पवन ने कहा कि स्वर्ण कारोबार में जीएसटी बिल के लागू होने के कारण पहले से ही काफी मंदी है। इसके साथ ही बिल के लागू होने के बाद से ग्राहक पक्का बिल लेने से कतरा रहे हैं। उनका कहना है कि अब श्राद्ध पक्ष के शुरू होने से जो थोड़ा बहुत काम शुरू हो रहा था, फिर ठप पड़ गया है।
बाजार में महज 20 प्रतिशत ग्राहक
स्वर्णकार संघ के प्रेस सचिव राजू वर्मा ने बताया कि पितृ पक्ष के कारण ग्राहकों में पहले से 70 से 80 प्रतिशत की कमी आई है। अब केवल 20 प्रतिशत ही कार्य रह गया है। इसमें भी केवल अंगूठी, ताबीज या अन्य हल्के आभूषणों का काम शामिल है। उन्होंने बताया कि फिलहाल सोने व चांदी के आभूषणों के दामों में कोई बदलाव नहीं आया है। लेकिन जब से जीएसटी लागू हुआ तब से स्वर्णकारों के काम पर टैक्स के प्रतिशत को बढ़ाया गया है। जिससे स्वर्णकारों को काफी परेशानी हो रही है।
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ग्राहक नहीं ले रहे पक्का बिल
स्वर्णकार डिंपी वर्मा ने बताया कि श्राद्ध पक्ष के कारण जहां सर्राफा बाजार में मंदी का दौर है। वहीं जीएसटी के बाद से आभूषण खरीदने के लिए आ रहे ग्राहक पक्के बिल पर जेवर खरीदना नहीं चाहते हैं। जिस वजह से स्वर्णकारों को काफी कठिनाई को झेलना पड़ रहा है। सरकार को इसके लिए कोई ठोस कदम उठाने चाहिए।
ऑटोमोबाइल सेक्टर पर प्रभाव कम
श्राद्ध पक्ष के कारण जहां सर्राफा बाजार में मंदी की मार है, वहीं ऑटोमोबाइल सेक्टर पर इसका प्रभाव काफी कम देखने को मिल रहा है। मोटरसाइकिल की बिक्री भी प्रभावित हुई है, लेकिन इस पर ज्यादा असर नहीं पड़ा है। एक एजेंसी के मैनेजर सतपाल ने बताया कि इस बार श्राद्ध पक्ष पर मोटरसाइकिल की बिक्री अधिक प्रभावित नहीं हुई है। अबकी बार मोटरसाइकिल की बिक्री में केवल 20 प्रतिशत की कमी आई है।
अब केवल बुकिंग करवा रहे हैं..डिलीवरी नवरात्रों में लेेंगे
-एकांश मोटर्स की एचआर मैनेजर प्रचेता गर्ग ने बताया कि श्राद्ध पक्ष में काम थोड़ा बहुत प्रभावित तो होता है। लेकिन इस बार ज्यादा असर नहीं है। लोग बुकिंग करवा रहे हैं। लेकिन काफी सारे लोग ऐसे हैं, जो नवरात्रों में बुकिंग चाहते हैं। ऐसे में काम प्रभावित होने जैसी बात नहीं है। कारें बिक रही हैं, भले ही उनकी डिलीवरी नवरात्र में हो।
प्रॉपर्टी का काम पूरी तरह से ठप
प्रॉपर्टी डीलर सुरेश मित्तल का कहना है कि पिछले काफी समय से प्रॉपर्टी का कामकाज ठंडा है। अब श्राद्ध पक्ष में तो पूरी तरह से ब्रेक लग गया है। रियल एस्टेट के काम को नवरात्र में कुछ उठने की उम्मीद है। फिलहाल श्राद्ध पक्ष में वे खाली बैठे हैं। लोग नई प्रॉपर्टी श्राद्ध पक्ष में खरीदते ही नहीं।
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अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। कनागत (श्राद्ध पक्ष) से बाजार ठंडा पड़ गया है। रियल एस्टेट और सर्राफा बाजार पर इसका ज्यादा असर देखा जा रहा है। 5 सिंतबर को शुरू हुए श्राद्ध पक्ष से ही खरीदार बाजार में खरीदारी से परहेज कर रहे हैं। अब व्यापारी श्राद्ध पक्ष खत्म होने और नवरात्र का इंतजार कर रहे हैं। इधर, व्यापारियों का कहना है कि, गाड़ियों की बुकिंग तो हो रही है, मगर लोग डिलीवरी वनरात्र में शुभ मुहूर्त शुरू होने पर ही करेंगे।
जीएसटी के बाद श्राद्ध पक्ष ने व्यापार को किया प्रभावित
जिला स्वर्णकार एसोसिएशन के प्रधान पवन ने कहा कि स्वर्ण कारोबार में जीएसटी बिल के लागू होने के कारण पहले से ही काफी मंदी है। इसके साथ ही बिल के लागू होने के बाद से ग्राहक पक्का बिल लेने से कतरा रहे हैं। उनका कहना है कि अब श्राद्ध पक्ष के शुरू होने से जो थोड़ा बहुत काम शुरू हो रहा था, फिर ठप पड़ गया है।
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बाजार में महज 20 प्रतिशत ग्राहक
स्वर्णकार संघ के प्रेस सचिव राजू वर्मा ने बताया कि पितृ पक्ष के कारण ग्राहकों में पहले से 70 से 80 प्रतिशत की कमी आई है। अब केवल 20 प्रतिशत ही कार्य रह गया है। इसमें भी केवल अंगूठी, ताबीज या अन्य हल्के आभूषणों का काम शामिल है। उन्होंने बताया कि फिलहाल सोने व चांदी के आभूषणों के दामों में कोई बदलाव नहीं आया है। लेकिन जब से जीएसटी लागू हुआ तब से स्वर्णकारों के काम पर टैक्स के प्रतिशत को बढ़ाया गया है। जिससे स्वर्णकारों को काफी परेशानी हो रही है।
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ग्राहक नहीं ले रहे पक्का बिल
स्वर्णकार डिंपी वर्मा ने बताया कि श्राद्ध पक्ष के कारण जहां सर्राफा बाजार में मंदी का दौर है। वहीं जीएसटी के बाद से आभूषण खरीदने के लिए आ रहे ग्राहक पक्के बिल पर जेवर खरीदना नहीं चाहते हैं। जिस वजह से स्वर्णकारों को काफी कठिनाई को झेलना पड़ रहा है। सरकार को इसके लिए कोई ठोस कदम उठाने चाहिए।
ऑटोमोबाइल सेक्टर पर प्रभाव कम
श्राद्ध पक्ष के कारण जहां सर्राफा बाजार में मंदी की मार है, वहीं ऑटोमोबाइल सेक्टर पर इसका प्रभाव काफी कम देखने को मिल रहा है। मोटरसाइकिल की बिक्री भी प्रभावित हुई है, लेकिन इस पर ज्यादा असर नहीं पड़ा है। एक एजेंसी के मैनेजर सतपाल ने बताया कि इस बार श्राद्ध पक्ष पर मोटरसाइकिल की बिक्री अधिक प्रभावित नहीं हुई है। अबकी बार मोटरसाइकिल की बिक्री में केवल 20 प्रतिशत की कमी आई है।
अब केवल बुकिंग करवा रहे हैं..डिलीवरी नवरात्रों में लेेंगे
-एकांश मोटर्स की एचआर मैनेजर प्रचेता गर्ग ने बताया कि श्राद्ध पक्ष में काम थोड़ा बहुत प्रभावित तो होता है। लेकिन इस बार ज्यादा असर नहीं है। लोग बुकिंग करवा रहे हैं। लेकिन काफी सारे लोग ऐसे हैं, जो नवरात्रों में बुकिंग चाहते हैं। ऐसे में काम प्रभावित होने जैसी बात नहीं है। कारें बिक रही हैं, भले ही उनकी डिलीवरी नवरात्र में हो।
प्रॉपर्टी का काम पूरी तरह से ठप
प्रॉपर्टी डीलर सुरेश मित्तल का कहना है कि पिछले काफी समय से प्रॉपर्टी का कामकाज ठंडा है। अब श्राद्ध पक्ष में तो पूरी तरह से ब्रेक लग गया है। रियल एस्टेट के काम को नवरात्र में कुछ उठने की उम्मीद है। फिलहाल श्राद्ध पक्ष में वे खाली बैठे हैं। लोग नई प्रॉपर्टी श्राद्ध पक्ष में खरीदते ही नहीं।