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कैथल आईटीआई में 357 सीटें बढ़ी
कैथल
Updated Fri, 23 May 2014 11:49 PM IST
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कैथल। प्रदेश की सबसे अत्याधुनिक आईटीआई कैथल में इस सत्र में 357 सीटों की बढ़ोतरी हुई है। अब आईटीआई में कुल सीटों की संख्या 1358 जा पहुंची है। आईटीआई के प्रिंसिपल भूपेंद्र पाल सिंह ने शुक्रवार को एक प्रेस कान्फेंस में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सरकार की ओर से संस्थान में 357 सीटें बढ़ाने की मंजूरी दी गई है।
इससे अब युवाओं को काफी फायदा होगा। उन्होंने बताया कि इससे पहले आईटीआई में कुल 1001 एक सीटें थी। इसके अलावा उन्होंने बताया कि इस सत्र से संस्थान में सात नए कोर्स भी शुरू किए जाएंगे। जिनमें फिटर, बेल्डर और अन्य विषय शामिल हैं।
अगस्त में शुरू होंगी एससी विंग की कक्षा
प्रिंसिपल भूपेंद्र पाल सिंह ने बताया कि एससी विंग की कक्षाएं इस बार अगस्त में शुरू होंगी। इसके लिए छह करोड़ की लागत से भवन बनकर तैयार हो गया है। गौरतलब है कि कैथल आईटीआई प्रदेश की सबसे आधुनिक आईटीआईज में शामिल है। यहां पर एससीवीटी और एनसीवीटी कोर्स करवाए जाते हैं।
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इसके अलावा उन्होंने बताया कि इस बार कलायत आईटीआई की कक्षाएं यहां नहीं लगेंगी। क्योंकि कलायत में आईटीआई भवन का निर्माण पूरा हो गया। जिससे कलायत से यहां आने वाले छात्र-छात्राओं को लंबी दूरी तय करके यहां आना नहीं पड़ेगा।
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इससे अब युवाओं को काफी फायदा होगा। उन्होंने बताया कि इससे पहले आईटीआई में कुल 1001 एक सीटें थी। इसके अलावा उन्होंने बताया कि इस सत्र से संस्थान में सात नए कोर्स भी शुरू किए जाएंगे। जिनमें फिटर, बेल्डर और अन्य विषय शामिल हैं।
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अगस्त में शुरू होंगी एससी विंग की कक्षा
प्रिंसिपल भूपेंद्र पाल सिंह ने बताया कि एससी विंग की कक्षाएं इस बार अगस्त में शुरू होंगी। इसके लिए छह करोड़ की लागत से भवन बनकर तैयार हो गया है। गौरतलब है कि कैथल आईटीआई प्रदेश की सबसे आधुनिक आईटीआईज में शामिल है। यहां पर एससीवीटी और एनसीवीटी कोर्स करवाए जाते हैं।
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इसके अलावा उन्होंने बताया कि इस बार कलायत आईटीआई की कक्षाएं यहां नहीं लगेंगी। क्योंकि कलायत में आईटीआई भवन का निर्माण पूरा हो गया। जिससे कलायत से यहां आने वाले छात्र-छात्राओं को लंबी दूरी तय करके यहां आना नहीं पड़ेगा।