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सीएम फ्लाईंग ने शुरू की सिटी स्कवॉयर की जांच
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सीएम फ्लाईंग ने शुरू की सिटी स्कवॉयर की जांच
कैथल में पहुंच कर मामले से जुड़े पक्षों के ब्यान दर्ज किए
जांच में दोषी पाए जाने पर कर्मचारियों व अधिकारियों पर गिर सकती है गाज
नगर परिषद की बैठक में पारित मिनिटस पर भी नहीं लिया गया अभी तक कोई फैसला
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। नगर परिषद के माध्यम से सिटी स्कवॉयर प्रोजेक्ट निर्माण में धांधली के आरोपों संबंधी मामलों में सीएम फ्लाईंग ने संज्ञान लिया है। सीएम फ्लाईंग ने वीरवार को इस मामले की जांच शुरू की है। जिसमें प्रारंभिक तौर पर इस मामले में शिकायतकर्ता रहे पार्षद से पूरे मामले की जानकारी जुटाई। सीएम फ्लाईंग की जांच में यदि कोई दोषी पाया जाता है तो निश्चित तौर पर उसके खिलाफ अब बड़ी कार्रवाई हो सकती है। वहीं नगर पार्षदों द्वारा आयोजित हाउस की बैठक में पारित किए गए प्रस्तावों पर भी अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई और सिटी स्कवॉयर प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य चल रहा है।
विदित रहे कि सिटी स्कवॉयर प्रोजेक्ट के निर्माण में धांधली का आरोप लगाते हुए नगर पार्षदों ने एमसी एक्ट के तहत एक बैठक बुलाई थी। जिसमें प्रस्ताव पारित किया गया था कि इस निर्माण में धांधली की जांच करवाकर दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया जाए। साथ ही इसका निर्माण कार्य तुरंत प्रभाव से रोका जाए। बैठक में अधिकारी पार्षदों के सवालों का कोई जवाब नहीं दे पाए थे। इतना ही नहीं पार्षदों के सवालों पर कई अधिकारियों ने खामियां स्वीकार की थीं। इसके बाद इस प्रस्ताव को पारित करके डीसी को भेजा गया। डीसी ने अभी तक इन प्रस्तावों पर कोई कार्रवाई नहीं की हैं।
सीएम फ्लाईंग ने लिया संज्ञान:-अब इस मामले में सीएम फ्लाईंग ने संज्ञान ले लिया है। वीरवार को सीएम फ्लाईंग में शामिल चार अधिकारी कैथल पहुंचे और खुफिया जगह पर इस मामले से जुड़े पार्षद को बुलाकर पूरे मामले की जानकारी हासिल की है। करीब ढेड़ घंटे में पार्षद ने इस मामले में एक-एक तथ्य टीम के सामने रखे और बताया कि जिस तरह से डीसी ने हाउस की बैठक के प्रस्तावों पर आज तक रोक लगा रखी है, उन्हें ऐसा करने का अधिकार ही नहीं हैं। टीम में शामिल अधिकारी फिल्हाल पार्षद से जानकारी लेकर चले गए। संभवत: अब इस मामले की जांच लंबी चलेगी।
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कैथल में पहुंच कर मामले से जुड़े पक्षों के ब्यान दर्ज किए
जांच में दोषी पाए जाने पर कर्मचारियों व अधिकारियों पर गिर सकती है गाज
नगर परिषद की बैठक में पारित मिनिटस पर भी नहीं लिया गया अभी तक कोई फैसला
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। नगर परिषद के माध्यम से सिटी स्कवॉयर प्रोजेक्ट निर्माण में धांधली के आरोपों संबंधी मामलों में सीएम फ्लाईंग ने संज्ञान लिया है। सीएम फ्लाईंग ने वीरवार को इस मामले की जांच शुरू की है। जिसमें प्रारंभिक तौर पर इस मामले में शिकायतकर्ता रहे पार्षद से पूरे मामले की जानकारी जुटाई। सीएम फ्लाईंग की जांच में यदि कोई दोषी पाया जाता है तो निश्चित तौर पर उसके खिलाफ अब बड़ी कार्रवाई हो सकती है। वहीं नगर पार्षदों द्वारा आयोजित हाउस की बैठक में पारित किए गए प्रस्तावों पर भी अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई और सिटी स्कवॉयर प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य चल रहा है।
विदित रहे कि सिटी स्कवॉयर प्रोजेक्ट के निर्माण में धांधली का आरोप लगाते हुए नगर पार्षदों ने एमसी एक्ट के तहत एक बैठक बुलाई थी। जिसमें प्रस्ताव पारित किया गया था कि इस निर्माण में धांधली की जांच करवाकर दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया जाए। साथ ही इसका निर्माण कार्य तुरंत प्रभाव से रोका जाए। बैठक में अधिकारी पार्षदों के सवालों का कोई जवाब नहीं दे पाए थे। इतना ही नहीं पार्षदों के सवालों पर कई अधिकारियों ने खामियां स्वीकार की थीं। इसके बाद इस प्रस्ताव को पारित करके डीसी को भेजा गया। डीसी ने अभी तक इन प्रस्तावों पर कोई कार्रवाई नहीं की हैं।
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सीएम फ्लाईंग ने लिया संज्ञान:-अब इस मामले में सीएम फ्लाईंग ने संज्ञान ले लिया है। वीरवार को सीएम फ्लाईंग में शामिल चार अधिकारी कैथल पहुंचे और खुफिया जगह पर इस मामले से जुड़े पार्षद को बुलाकर पूरे मामले की जानकारी हासिल की है। करीब ढेड़ घंटे में पार्षद ने इस मामले में एक-एक तथ्य टीम के सामने रखे और बताया कि जिस तरह से डीसी ने हाउस की बैठक के प्रस्तावों पर आज तक रोक लगा रखी है, उन्हें ऐसा करने का अधिकार ही नहीं हैं। टीम में शामिल अधिकारी फिल्हाल पार्षद से जानकारी लेकर चले गए। संभवत: अब इस मामले की जांच लंबी चलेगी।
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