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आज मनाई जाएगी बसंत पंचमी, पीले रंग के वस्त्र पहनना बसंत का प्रतीक
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आज मनाई जाएगी बसंत पंचमी, पीले रंग के वस्त्र पहनना बसंत का प्रतीक
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। सर्दी के महीनों के बाद बसंत और फसल की शुरूआत होने के रूप बसंत पंचमी का त्योहार रविवार 10 फरवरी को मनाया जाएगा। श्री हनुमान वाटिका के पुजारी पंडित विशाल शर्मा ने बताया कि बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती की विशेष रूप से पूजा की जाती है। मां सरस्वती को विद्या एवं बुद्धि की देवी माना जाता है। बसंत पंचमी के दिन उनसे विद्या, बुद्धि, कला एवं ज्ञान का वरदान मांगा जाता है। बसंत पंचमी के दिन को मां सरस्वती का जन्मदिवस माना जाता है। हिंदु धर्म में प्रचलित कथा के मुताबिक बसंत पंचमी के दिन ही ब्रह्मा जी ने मां सरस्वती की संरचना की थी। इस मौसम में प्रत्येक मनुष्य के शरीर में विभिन्न तरह के बदलाव होते हैं। इसलिए बसंत ऋतु को खुशनुमा और प्यार का मौसम भी माना जाता है।
पीले वस्त्र बसंत का प्रतीक : पंडित शर्मा ने बताया कि इस दिन लोग पीले रंग के कपड़े पहनते हैं, पतंग उड़ाते हैं और मीठे पीले रंग के चावल का सेवन करते हैं। पीले रंग को बसंत का प्रतीक मानते हैं। बसंत ऋतु को सभी मौसमों में बड़ा माना जाता है। इस मौसम में न तो चिलचिलाती धूप होती है, न सर्दी और न ही बारिश, बसंत में पेड़-पौधों पर ताजे फल और फूल खिलते हैं। उन्होंने बताया कि बसंत पंचमी के दिन सूर्य उत्तरायण होता है। जिसकी पीली किरणें इस बात का प्रतीक है कि सूर्य की तरह गंभीर और प्रखर बनना चाहिए।
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अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। सर्दी के महीनों के बाद बसंत और फसल की शुरूआत होने के रूप बसंत पंचमी का त्योहार रविवार 10 फरवरी को मनाया जाएगा। श्री हनुमान वाटिका के पुजारी पंडित विशाल शर्मा ने बताया कि बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती की विशेष रूप से पूजा की जाती है। मां सरस्वती को विद्या एवं बुद्धि की देवी माना जाता है। बसंत पंचमी के दिन उनसे विद्या, बुद्धि, कला एवं ज्ञान का वरदान मांगा जाता है। बसंत पंचमी के दिन को मां सरस्वती का जन्मदिवस माना जाता है। हिंदु धर्म में प्रचलित कथा के मुताबिक बसंत पंचमी के दिन ही ब्रह्मा जी ने मां सरस्वती की संरचना की थी। इस मौसम में प्रत्येक मनुष्य के शरीर में विभिन्न तरह के बदलाव होते हैं। इसलिए बसंत ऋतु को खुशनुमा और प्यार का मौसम भी माना जाता है।
पीले वस्त्र बसंत का प्रतीक : पंडित शर्मा ने बताया कि इस दिन लोग पीले रंग के कपड़े पहनते हैं, पतंग उड़ाते हैं और मीठे पीले रंग के चावल का सेवन करते हैं। पीले रंग को बसंत का प्रतीक मानते हैं। बसंत ऋतु को सभी मौसमों में बड़ा माना जाता है। इस मौसम में न तो चिलचिलाती धूप होती है, न सर्दी और न ही बारिश, बसंत में पेड़-पौधों पर ताजे फल और फूल खिलते हैं। उन्होंने बताया कि बसंत पंचमी के दिन सूर्य उत्तरायण होता है। जिसकी पीली किरणें इस बात का प्रतीक है कि सूर्य की तरह गंभीर और प्रखर बनना चाहिए।
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