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नएचएम कर्मचारियों के 370 कर्मचारी दूसरे दिन भी रहे हड़ताल पर
Updated Thu, 07 Dec 2017 12:22 AM IST
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एनएचएम कर्मचारियों ने दो दिन और बढ़ाई हड़ताल
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। एनएचएम (राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन) के कर्मचारियों के तहत लगे करीब 453 में से 370 स्वास्थ्य कर्मचारियों की हड़ताल बुधवार को दूसरे दिन भी जारी रही। वहीं अब हड़ताल को दो दिन और बढ़ा दिया गया है। जिस कारण मरीज परेशान हैं। हालांकि विभाग ने वैकल्पिक कदम उठाए हैं, लेकिन इतनी ज्यादा संख्या में कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने के कारण पीएचसी-सीएचसी में स्वास्थ्य सेवाएं लड़खड़ा रही हैं।
कर्मचारियों ने दूसरे दिन कामकाज बंद करके सिविल अस्पताल में बाहर धरना दिया। इनेलो पार्टी की ओर से पूर्व मुख्य संसदीय सचिव रामपाल माजरा, भारतीय मजदूर संघ के जिलाध्यक्ष अशोक शर्मा, सर्व कर्मचारी संघ के प्रधान जसवीर सिंह, पब्लिक हेल्थ से जगरूप सहारण, बिजली बोर्ड यूनियन से प्रांतीय महामंत्री नरेश कुमार, आंगनबाड़ी वर्कर एवं हेल्पर यूनियन की राज्य सचिव शकुंतला शर्मा सहित अन्य कर्मचारी संगठनों ने भी धरने का समर्थन किया।
फील्ड के चालकों को बुलाया, एंबुलेंस सेवा बहाल : हड़ताल के कारण मुख्य रूप से एंबुलेंस के माध्यम से गर्भवती महिलाओं को लाने एवं प्रसव के बाद उन्हें छोड़ने का काम प्रभावित हो रहा था। इसके लिए विभाग ने निजी एंबुलेंस की सेवाएं लेनी शुरू कर दी हैं। फील्ड में तैनात कुछ चालकों को बुलाकर उनके माध्यम से एंबुलेंस सेवा बहाल करवाई गई है। लेकिन लैब में टेस्ट करने में देरी हो रही है। साथ ही एएनएम, जीएनएम, क्लरिकल स्टाफ, डीपीएम, बीएसी, जिला आशा समन्वयक, अकाउंटेंट के हड़ताल पर होने के कारण काम-काज पर अच्छा-खासा असर हो रहा है।
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सिविल सर्जन डा. अशोक चौधरी ने कहा मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी न हो इसके लिए कंट्रोल रूम को चालू करवा दिया है। पांच सरकारी व पांच प्राइवेट एंबुलेंस भी जिले में चलाई गई हैं। इसका खर्च मरीज नहीं बल्कि सरकार वहन करेगी। उपलब्ध संसाधनों के अनुसार हर संभव सेवा देने का प्रयास किया जा रहा है।
कर्मचारी नेता सुनील शर्मा ने बताया कि उनकी मांगें पूरी ना होने के कारण हड़ताल को दो दिन के लिए और बढ़ा दिया गया है। वैसे वीरवार को अधिकारियों ने बातचीत के लिए बुला लिया है। उम्मीद है कोई हल निकल जाए। उनकी मुख्य मांगों में 7वें वेतन आयोग का लाभ जो सभी कच्चे कर्मचारियों को दिया गया है, एनएचएम कर्मचारियों को भी दिया जाए। समान काम, समान वेतन नियम लागू करे। वेतन विसंगतियां दूर की जाएं। मेडिकल भत्ते व मेडिकल छुट्टियां लागू की जाएं।
उधर, एनएचएम स्टाफ की चल रही दो दिवसीय हड़ताल के कारण कलायत में भी स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित रहीं। बुधवार का दिन टीकाकरण का दिन होता है। एएनएम के भी हड़ताल में शामिल होने के कारण बच्चों के टीकाकरण का कार्य पूरी तरह से प्रभावित रहा। कलायत सीएचसी के अलावा बालू, बात्ता, देबण की पीएचसी में भी स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह से प्रभावित रहीं।
370 स्वास्थ्य कर्मचारियों की हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रही, विभाग ने उठाए एहतियातन कदम, 5 निजी एंबुलेंस किराये पर ली
फोटो संख्या-1, 2, 14 व 15
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अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। एनएचएम (राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन) के कर्मचारियों के तहत लगे करीब 453 में से 370 स्वास्थ्य कर्मचारियों की हड़ताल बुधवार को दूसरे दिन भी जारी रही। वहीं अब हड़ताल को दो दिन और बढ़ा दिया गया है। जिस कारण मरीज परेशान हैं। हालांकि विभाग ने वैकल्पिक कदम उठाए हैं, लेकिन इतनी ज्यादा संख्या में कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने के कारण पीएचसी-सीएचसी में स्वास्थ्य सेवाएं लड़खड़ा रही हैं।
कर्मचारियों ने दूसरे दिन कामकाज बंद करके सिविल अस्पताल में बाहर धरना दिया। इनेलो पार्टी की ओर से पूर्व मुख्य संसदीय सचिव रामपाल माजरा, भारतीय मजदूर संघ के जिलाध्यक्ष अशोक शर्मा, सर्व कर्मचारी संघ के प्रधान जसवीर सिंह, पब्लिक हेल्थ से जगरूप सहारण, बिजली बोर्ड यूनियन से प्रांतीय महामंत्री नरेश कुमार, आंगनबाड़ी वर्कर एवं हेल्पर यूनियन की राज्य सचिव शकुंतला शर्मा सहित अन्य कर्मचारी संगठनों ने भी धरने का समर्थन किया।
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फील्ड के चालकों को बुलाया, एंबुलेंस सेवा बहाल : हड़ताल के कारण मुख्य रूप से एंबुलेंस के माध्यम से गर्भवती महिलाओं को लाने एवं प्रसव के बाद उन्हें छोड़ने का काम प्रभावित हो रहा था। इसके लिए विभाग ने निजी एंबुलेंस की सेवाएं लेनी शुरू कर दी हैं। फील्ड में तैनात कुछ चालकों को बुलाकर उनके माध्यम से एंबुलेंस सेवा बहाल करवाई गई है। लेकिन लैब में टेस्ट करने में देरी हो रही है। साथ ही एएनएम, जीएनएम, क्लरिकल स्टाफ, डीपीएम, बीएसी, जिला आशा समन्वयक, अकाउंटेंट के हड़ताल पर होने के कारण काम-काज पर अच्छा-खासा असर हो रहा है।
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सिविल सर्जन डा. अशोक चौधरी ने कहा मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी न हो इसके लिए कंट्रोल रूम को चालू करवा दिया है। पांच सरकारी व पांच प्राइवेट एंबुलेंस भी जिले में चलाई गई हैं। इसका खर्च मरीज नहीं बल्कि सरकार वहन करेगी। उपलब्ध संसाधनों के अनुसार हर संभव सेवा देने का प्रयास किया जा रहा है।
कर्मचारी नेता सुनील शर्मा ने बताया कि उनकी मांगें पूरी ना होने के कारण हड़ताल को दो दिन के लिए और बढ़ा दिया गया है। वैसे वीरवार को अधिकारियों ने बातचीत के लिए बुला लिया है। उम्मीद है कोई हल निकल जाए। उनकी मुख्य मांगों में 7वें वेतन आयोग का लाभ जो सभी कच्चे कर्मचारियों को दिया गया है, एनएचएम कर्मचारियों को भी दिया जाए। समान काम, समान वेतन नियम लागू करे। वेतन विसंगतियां दूर की जाएं। मेडिकल भत्ते व मेडिकल छुट्टियां लागू की जाएं।
उधर, एनएचएम स्टाफ की चल रही दो दिवसीय हड़ताल के कारण कलायत में भी स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित रहीं। बुधवार का दिन टीकाकरण का दिन होता है। एएनएम के भी हड़ताल में शामिल होने के कारण बच्चों के टीकाकरण का कार्य पूरी तरह से प्रभावित रहा। कलायत सीएचसी के अलावा बालू, बात्ता, देबण की पीएचसी में भी स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह से प्रभावित रहीं।
370 स्वास्थ्य कर्मचारियों की हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रही, विभाग ने उठाए एहतियातन कदम, 5 निजी एंबुलेंस किराये पर ली
फोटो संख्या-1, 2, 14 व 15