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हर साल रिपेयर के लिए 10 लाख का बजट आता है पीडल्ब्यूडी के पास सफेद पट्टियों व मुरम्मत के लिए

Fri, 01 Dec 2017 12:02 AM IST
Updated Fri, 01 Dec 2017 12:02 AM IST
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हर साल रिपेयर के लिए 10 लाख का बजट आता है पीडल्ब्यूडी के पास सफेद पट्टियों व मुरम्मत के लिए
जब गहराता है कोहरा तब विभाग को याद आता है सड़कों की सफेद पट्टियां और संकेतक लगवाने का काम
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कमल कुमार
कैथल।
सर्दी के मौसम में नवंबर माह की शुरुआत में कोहरे का प्रकोप हो चुका है। अब कभी भी घना कोहरा छा सकता है। लेकिन लोक निर्माण विभाग अभी तक भी सड़कों पर सफेद पट्टी का काम पूरा नहीं करवा पाया है। विभाग को 10 लाख रुपये तक का बजट सफेद पट्टी और मरम्मत के लिए मिलता है। जो दिसंबर तक नहीं आ पाता है। पता नहीं विभाग किस बात के इंतजार में रहता है। एडीसी कैप्टन शक्ति सिंह द्वारा जारी आदेशों के बावजूद अभी तक शहर के चारों ओर सफेद पट्टी लगाए जाने का काम पूरा नहीं हुआ है।

दिसंबर में आती है विभाग को याद : सर्दी में कोहरा नवंबर के महीने से शुरू हो जाता है। लेकिन विभाग की ओर से सफेद पट्टी व संकेतक लगाने के लिए बजट का न पास होने का रोना रोया जाता है। विभाग के अनुसार सफेद पट्टियों व संकेतक को लगाने के लिए बजट की मांग को दिसंबर से पहले भेज दिया जाता है। लेकिन दिसंबर के महीने तक सड़कों पर सफेद पट्टियों को लगाने का कोई भी कार्य शुरू नहीं करवाया जाता। जिस कारण कोहरे के कारण होने वाले हादसों में सैकड़ों जाने चली जाती है। यदि समय से पहले संकेतक बोर्ड व सफेद पट्टी को लगाने के लिए कार्य को शुरू करवाया जाए तो हादसों में काफी कमी आएगी।
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दस लाख रुपये का बजट, फिर भी नहीं होता काम शुरु
विभाग की ओर से कोहरे में सफेद पट्टी व संकेतक बोर्डों सहित रिफलेक्टर लगाने के लिए हर वर्ष दस लाख रुपये का बजट जारी किया जाता है। लेकिन इसके बावजूद भी समय पर कार्य शुरू नहीं हो पाता है।
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नेशनल हाईवे 65 को छोड़कर अन्य किसी मार्ग पर नहीं है सफेद पट्टी : शहर में अभी तक अंबाला-चंडीगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग को छोड़कर अन्य किसी मार्ग पर सफेद पट्टी लगाने का कार्य शुरू नहीं करवाया गया है। इसमें खनौरी-पातड़ा, अंबाला बाईपास, जींद बाईपास, ढांड रोड, करनाल रोड व पटियाला रोड पर सफेद पट्टी गायब है। बता दें कि इन सभी मार्गों पर अधिक यातायात रहता है। जिस कारण यहां हादसों का भी खतरा अधिक बना रहता है। लेकिन विभाग है कि उसकी नींद खुलती ही नहीं है।

एक दिन रिफलेक्टर लगा सड़क सुरक्षा पर जागरूकता भूला आरएसओ : कोहरे में हादसों पर रोक लगाने के उद्देश्य को लेकर आरएसओ व ट्रैफिक पुलिस की ओर से लोगों को सड़क सुरक्षा पर जागरूक किया जाता है। लेकिन इस बार आरएसओ ने नवंबर में शुरू हुए कोहरे पर सिर्फ एक दिन ही वाहनों पर रिफलेक्टर लगाने के कार्यक्रम को आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम के बाद आरएसओ ने अन्य कोई कार्यक्रम का आयोजन नहीं किया जिस पर लोगों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जा सके।
एडीसी कैप्टन शक्ति सिंह ने भी अधिकारियों की बैठक लेकर संकेतक लगवाए जाने, सफेद पट्टी लगाने व अंधे मोड़ों पर टीन-टप्पर हटवाने के आदेश दिए थे। ताकि वाहन चालकों को सामने से आ रहे वाहन नजर आ सकें। अभी तक इन आदेशों पर चींटी की चाल से काम हो रहा है।

पीडल्ब्यूडी बी एंड आर के एसई सुभाष भांबा ने बताया कि विभाग की ओर से सफेद पट्टी व संकेतक लगाने के लिए दस लाख रुपये का बजट पास होने वाला है। लेकिन कोहरे को देखते हुए विभाग ने प्रमुख सड़कों पर सफेद पट्टी को लगाने का कार्य पहले ही शुरू करवा दिया गया है। उन्होंने कहा कि करीब दस दिनों तक सफेद पट्टी व संकेतक लगाने कार्य पूरा कर लिया जाएगा।


हर साल रिपेयर के लिए 10 लाख का बजट आता है पीडब्ल्यूडी के पास सफेद पट्टियों व मरम्मत के लिए
अभी तक भी विभाग नहीं करवा पा रहा है सडक़ों पर सफेद पट्टियों व संकेतक लगवाने का काम
आखिर किस बात का इंतजार कर रहा है विभाग
फोटो नंबर-19,20
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