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Kaithal News: महर्षि वाल्मीकि संस्कृत विवि में अब तक 300 आवेदन
Tue, 09 Jul 2024 06:10 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Tue, 09 Jul 2024 06:10 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। महर्षि वाल्मीकि संस्कृत विश्वविद्यालय में दाखिला प्रक्रिया जारी है। विश्वविद्यालय की ओर से 10 जुलाई आवेदन के लिए निर्धारित की गई है। विद्यार्थी विश्वविद्यालय में दाखिला लेने के लिए विद्यार्थी विश्वविद्यालय के अस्थाई परिसर टीक में पहुंच रहे हैं। अब तक विश्व विद्यालय में लगभग 300 आवेदन प्राप्त हो चुके है। जिनमें से सबसे अधिक आवेदन आचार्य के हैं।
विश्वविद्यालय में अभी नए सत्र के लिए प्रवेश प्रक्रिया चल रही है। विश्वविद्यालय द्वारा व्याकरण, साहित्य, ज्योतिष, दर्शन, धर्मशास्त्र, वेद विषयों से शास्त्री एवं आचार्य पाठ्यक्रम चलाए जा रहे हैं तथा योग से बीए और एमए पाठ्यक्रम संचालित हैं। साथ ही हिन्दू अध्ययन से एमए पाठ्यक्रम संचालित है। इनके अतिरिक्त वेद, ज्योतिष, वैदिक गणित, वास्तुशास्त्र, कर्मकाण्ड एवं अंग्रेजी-हिन्दी अनुवाद में डिप्लोमा पाठ्यक्रम भी संचालित हैं। अभ्यर्थी विश्वविद्यालय के टीक परिसर में जाकर नामांकन कर सकते हैं। प्रवेश संबंधी अधिक जानकारी विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध है। सभी विषयों में 30 सीटें हैं। जिनमें विद्यार्थी दाखिला ले सकते हैं।
कुलपति प्रो. रमेश चंद्र भारद्वाज ने कहा कि विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को योग्य नागरिक बनाकर उसका मूल्यांकन करता है और उसे समाज को समर्पित करता है। विश्वविद्यालय के अनेकों विद्यार्थी परीक्षा पास करने के बाद ही डिग्री प्राप्त करते हैं और अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी सेवाएं देते हैं, इसलिए विश्वविद्यालय में परीक्षा करवाना सबसे महत्वपूर्ण कार्य माना जाता है।
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कैथल। महर्षि वाल्मीकि संस्कृत विश्वविद्यालय में दाखिला प्रक्रिया जारी है। विश्वविद्यालय की ओर से 10 जुलाई आवेदन के लिए निर्धारित की गई है। विद्यार्थी विश्वविद्यालय में दाखिला लेने के लिए विद्यार्थी विश्वविद्यालय के अस्थाई परिसर टीक में पहुंच रहे हैं। अब तक विश्व विद्यालय में लगभग 300 आवेदन प्राप्त हो चुके है। जिनमें से सबसे अधिक आवेदन आचार्य के हैं।
विश्वविद्यालय में अभी नए सत्र के लिए प्रवेश प्रक्रिया चल रही है। विश्वविद्यालय द्वारा व्याकरण, साहित्य, ज्योतिष, दर्शन, धर्मशास्त्र, वेद विषयों से शास्त्री एवं आचार्य पाठ्यक्रम चलाए जा रहे हैं तथा योग से बीए और एमए पाठ्यक्रम संचालित हैं। साथ ही हिन्दू अध्ययन से एमए पाठ्यक्रम संचालित है। इनके अतिरिक्त वेद, ज्योतिष, वैदिक गणित, वास्तुशास्त्र, कर्मकाण्ड एवं अंग्रेजी-हिन्दी अनुवाद में डिप्लोमा पाठ्यक्रम भी संचालित हैं। अभ्यर्थी विश्वविद्यालय के टीक परिसर में जाकर नामांकन कर सकते हैं। प्रवेश संबंधी अधिक जानकारी विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध है। सभी विषयों में 30 सीटें हैं। जिनमें विद्यार्थी दाखिला ले सकते हैं।
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कुलपति प्रो. रमेश चंद्र भारद्वाज ने कहा कि विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को योग्य नागरिक बनाकर उसका मूल्यांकन करता है और उसे समाज को समर्पित करता है। विश्वविद्यालय के अनेकों विद्यार्थी परीक्षा पास करने के बाद ही डिग्री प्राप्त करते हैं और अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी सेवाएं देते हैं, इसलिए विश्वविद्यालय में परीक्षा करवाना सबसे महत्वपूर्ण कार्य माना जाता है।
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