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Kaithal News: 370 प्राथमिक स्कूलों की सफाई के लिए 29.60 लाख रुपये जारी
Tue, 10 Mar 2026 01:36 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Tue, 10 Mar 2026 01:36 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। शिक्षा निदेशालय ने जिले के 370 प्राथमिक स्कूलों में सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए सालाना 29.60 लाख रुपये का बजट जारी किया है। इसके तहत प्रत्येक स्कूल को वर्ष भर के लिए आठ हजार रुपये की राशि दी जाएगी। हालांकि यह राशि सीमित है, लेकिन अब सरकारी स्कूलों में गंदगी और अव्यवस्था का बहाना नहीं चलेगा।
सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में साफ-सफाई और रखरखाव के लिए शिक्षा विभाग ने सख्ती बढ़ा दी है। शिक्षा विभाग के अनुसार अब स्कूलों को दिए गए सफाई व रखरखाव बजट के उपयोग की नियमित निगरानी की जाएगी। किसी विद्यालय में साफ-सफाई या रखरखाव में लापरवाही पाई गई तो इसके लिए संबंधित स्कूल प्रमुख जिम्मेदार होंगे और उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी की जा सकती है।
निदेशालय ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यदि किसी स्कूल में स्थायी सफाई कर्मचारी नहीं है, तो स्कूल मुखिया दिहाड़ी पर मजदूर लगाकर सफाई का कार्य सुनिश्चित कराएंगे। स्कूलों में स्वच्छता की वास्तविक स्थिति जांचने के लिए शिक्षा निदेशालय की विशेष टीमें समय-समय पर औचक निरीक्षण भी करेंगी। निरीक्षण के दौरान यदि किसी भी स्कूल में सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं पाई गई तो संबंधित स्कूल मुखिया को जिम्मेदार ठहराते हुए उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
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सफाई पर स्पष्ट आदेश : अक्सर स्कूल मुखिया सफाई कर्मचारियों के पद खाली होने का हवाला देते हुए सफाई व्यवस्था में ढिलाई की बात कहते थे।
अब शिक्षा निदेशालय ने स्पष्ट कर दिया है कि यह तर्क स्वीकार नहीं किया जाएगा। स्कूल प्रमुखों को अधिकार दिया गया है कि वे उपलब्ध बजट से दैनिक वेतनभोगी मजदूर लगाकर बच्चों के स्कूल आने से कम से कम 30 मिनट पहले परिसर की सफाई सुनिश्चित करें।
बजट और प्रबंधन के मुख्य बिंदु
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जिले के 370 प्राथमिक स्कूलों के लिए कुल 29.60 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है।
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प्रत्येक स्कूल को सफाई कार्यों के लिए 8 हजार रुपये वार्षिक विशेष ग्रांट दी जाएगी।
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बजट का उपयोग स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी) के माध्यम से किया जाएगा, जो स्थानीय स्तर पर सफाई कर्मियों की व्यवस्था और भुगतान सुनिश्चित करेगी।
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इस राशि से स्कूल परिसर, शौचालय, मैदान, छत और जल निकासी की नियमित सफाई कराई जाएगी।
इस व्यवस्था से स्कूलों का वातावरण साफ-सुथरा होगा और बच्चों के स्वास्थ्य व शिक्षा दोनों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। सभी स्कूल मुखियाओं को बजट का सही उपयोग करने और सफाई व्यवस्था की नियमित निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। -सुभाष कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी
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कैथल। शिक्षा निदेशालय ने जिले के 370 प्राथमिक स्कूलों में सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए सालाना 29.60 लाख रुपये का बजट जारी किया है। इसके तहत प्रत्येक स्कूल को वर्ष भर के लिए आठ हजार रुपये की राशि दी जाएगी। हालांकि यह राशि सीमित है, लेकिन अब सरकारी स्कूलों में गंदगी और अव्यवस्था का बहाना नहीं चलेगा।
सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में साफ-सफाई और रखरखाव के लिए शिक्षा विभाग ने सख्ती बढ़ा दी है। शिक्षा विभाग के अनुसार अब स्कूलों को दिए गए सफाई व रखरखाव बजट के उपयोग की नियमित निगरानी की जाएगी। किसी विद्यालय में साफ-सफाई या रखरखाव में लापरवाही पाई गई तो इसके लिए संबंधित स्कूल प्रमुख जिम्मेदार होंगे और उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी की जा सकती है।
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निदेशालय ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यदि किसी स्कूल में स्थायी सफाई कर्मचारी नहीं है, तो स्कूल मुखिया दिहाड़ी पर मजदूर लगाकर सफाई का कार्य सुनिश्चित कराएंगे। स्कूलों में स्वच्छता की वास्तविक स्थिति जांचने के लिए शिक्षा निदेशालय की विशेष टीमें समय-समय पर औचक निरीक्षण भी करेंगी। निरीक्षण के दौरान यदि किसी भी स्कूल में सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं पाई गई तो संबंधित स्कूल मुखिया को जिम्मेदार ठहराते हुए उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
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सफाई पर स्पष्ट आदेश : अक्सर स्कूल मुखिया सफाई कर्मचारियों के पद खाली होने का हवाला देते हुए सफाई व्यवस्था में ढिलाई की बात कहते थे।
अब शिक्षा निदेशालय ने स्पष्ट कर दिया है कि यह तर्क स्वीकार नहीं किया जाएगा। स्कूल प्रमुखों को अधिकार दिया गया है कि वे उपलब्ध बजट से दैनिक वेतनभोगी मजदूर लगाकर बच्चों के स्कूल आने से कम से कम 30 मिनट पहले परिसर की सफाई सुनिश्चित करें।
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जिले के 370 प्राथमिक स्कूलों के लिए कुल 29.60 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है।
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प्रत्येक स्कूल को सफाई कार्यों के लिए 8 हजार रुपये वार्षिक विशेष ग्रांट दी जाएगी।
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बजट का उपयोग स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी) के माध्यम से किया जाएगा, जो स्थानीय स्तर पर सफाई कर्मियों की व्यवस्था और भुगतान सुनिश्चित करेगी।
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इस राशि से स्कूल परिसर, शौचालय, मैदान, छत और जल निकासी की नियमित सफाई कराई जाएगी।
इस व्यवस्था से स्कूलों का वातावरण साफ-सुथरा होगा और बच्चों के स्वास्थ्य व शिक्षा दोनों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। सभी स्कूल मुखियाओं को बजट का सही उपयोग करने और सफाई व्यवस्था की नियमित निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। -सुभाष कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी