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Kaithal News: मलेरिया-डेंगू से बचाव के लिए 285 टीमें गठित

Fri, 23 May 2025 01:04 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Fri, 23 May 2025 01:04 AM IST
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285 teams formed to prevent malaria and dengue
संवाद न्यूज एजेंसी
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कैथल। बारिश के मौसम में मलेरिया और डेंगू का खतरा बढ़ जाता है। इस समय तपिश के साथ अचानक मौसम में बदलाव से बारिश भी हो रही है। इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने जिलेभर में सतर्कता बढ़ा दी है। संक्रमण की रोकथाम के लिए विभाग ने 285 टीमों का गठन किया है, जो घर-घर जाकर जांच कर रही हैं।

अब तक की गई जांच में स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने करीब 70 हजार घरों का सर्वे पूरा किया है। इनमें से 250 घरों में डेंगू के लार्वा मिलने की पुष्टि हुई है। राहत की बात यह है कि इस वर्ष अब तक मलेरिया का एक भी संक्रमित केस नहीं मिला है।
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स्वास्थ्य विभाग ने लार्वा मिलने पर 275 घरों को नोटिस भी जारी किए हैं। सर्वे के दौरान कूलर, फ्रिज की ट्रे, छतों पर रखे गमले, टायर और पानी से भरे कंटेनरों में मच्छरों के लार्वा पाए गए हैं। विभाग द्वारा नियमित रूप से जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है, लेकिन लोग अब भी सतर्कता नहीं बरत रहे हैं।
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अब तक की गई कार्रवाई में विभाग की टीमों ने 4,34,588 कंटेनरों और 2,29,314 घरों की जांच की है। पिछले वर्ष जिले में मलेरिया के एक और डेंगू के 77 मामले सामने आए थे।
गंबूजिया मछली को जानें...
गंबूजिया मछली छोटी मीठे पानी की मछली है, जो मच्छर के लार्वा खाती है। इसे मच्छर नियंत्रण के लिए उपयोग किया जाता है, क्योंकि यह मच्छर जनित बीमारियों जैसे मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया को रोकने में मदद करती है। गंबूजिया मछली साफ पानी में ऊपरी सतह पर रहती है। एक मछली की आयु साढ़े चार साल तक होती है और रोजाना 100 से 300 लारवा तक खा सकती है।


द्वारा मलेरिया और डेंगू की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग डोर-टू-डोर अभियान चला रहा है। इसके तहत लोगों को जागरूक किया जा रहा है कि वे सप्ताह में एक दिन अपने घरों और प्रतिष्ठानों की सफाई जरूर करें। सर्वे के दौरान लार्वा कूलर, फ्रिज की ट्रे, गमले और टायरों में मिल रहा है, जहां दवाइयों का छिड़काव कर उन्हें नष्ट किया जा रहा है।

-डाॅ. रेनू चावला, सिविल सर्जन,
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