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जिला में 240 आंगनबाड़ी केंद्रों को तब्दील किया प्ले स्कूल में
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कैथल। आजादी के अमृत महोत्सव के तहत जिले में प्रथम चरण में 240 आंगनबाड़ी केंद्रों को प्ले स्कूल में तब्दील किया गया है। इसके तहत सभी बाल विकास अधिकारियों, पर्यवेक्षकों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण पूर्ण हो चुका है। एक अप्रैल 2022 से सभी प्ले-स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में प्री स्कूल शिक्षा को औपचारिक तरीके से शुरू किया जा रहा है। 31 मार्च को सभी प्ले-स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में स्कूल रेडीनेस मेले का आयोजन किया जाएगा।
सरकार की ओर से सतत विकास लक्ष्य 4.2 के तहत वर्ष 2030 तक यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी 3 से 6 वर्ष बच्चों को गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक बाल विकास और प्राथमिक पूर्व शिक्षा सुलभ हो सके ताकि उनका सर्वांगीण विकास हो सके। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में पूर्व प्राथमिक शिक्षा पर बल दिया गया है। हरियाणा सरकार के पूर्व प्राथमिक शिक्षा के क्षेत्र में देश के अग्रिणी राज्यों में से एक है। इस दिशा में मुख्यमंत्री की घोषणा के तहत 4000 चयनित आंगनबाड़ियों को प्ले-स्कूलों में बदला गया है और बाकी 21962 आंगनबाड़ी केंद्रों में भी प्री-स्कूल शिक्षा का प्रावधान किया गया है।
यह जानकारी देते हुए डीसी प्रदीप दहिया ने बताया कि महिला एवं बाल विकास विभाग स्कूल रेडीनेस मेले की पूरी मॉनीटरिंग करेगा और इन मेलों में अभिभावकों के साथ आए 3-6 वर्ष के बच्चों का खेल-खेल में सरल तरीके से आकलन किया जाएगा और बच्चों के रिपोर्ट कार्ड बनाए जाएंगे। मेले में लगे स्टाल्स में छोटे बच्चों के विकास के क्षेत्रों में संबंधित गतिविधियां करवाई जाएंगी, जिनमें विकास के शारीरिक, मानसिक, भाषा, पूर्व गणित और सामाजिक एवं भावनात्मक क्षेत्रों पर प्रकाश डाला जाएगा।
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सरकार की ओर से सतत विकास लक्ष्य 4.2 के तहत वर्ष 2030 तक यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी 3 से 6 वर्ष बच्चों को गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक बाल विकास और प्राथमिक पूर्व शिक्षा सुलभ हो सके ताकि उनका सर्वांगीण विकास हो सके। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में पूर्व प्राथमिक शिक्षा पर बल दिया गया है। हरियाणा सरकार के पूर्व प्राथमिक शिक्षा के क्षेत्र में देश के अग्रिणी राज्यों में से एक है। इस दिशा में मुख्यमंत्री की घोषणा के तहत 4000 चयनित आंगनबाड़ियों को प्ले-स्कूलों में बदला गया है और बाकी 21962 आंगनबाड़ी केंद्रों में भी प्री-स्कूल शिक्षा का प्रावधान किया गया है।
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यह जानकारी देते हुए डीसी प्रदीप दहिया ने बताया कि महिला एवं बाल विकास विभाग स्कूल रेडीनेस मेले की पूरी मॉनीटरिंग करेगा और इन मेलों में अभिभावकों के साथ आए 3-6 वर्ष के बच्चों का खेल-खेल में सरल तरीके से आकलन किया जाएगा और बच्चों के रिपोर्ट कार्ड बनाए जाएंगे। मेले में लगे स्टाल्स में छोटे बच्चों के विकास के क्षेत्रों में संबंधित गतिविधियां करवाई जाएंगी, जिनमें विकास के शारीरिक, मानसिक, भाषा, पूर्व गणित और सामाजिक एवं भावनात्मक क्षेत्रों पर प्रकाश डाला जाएगा।
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