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डेंगू ने 24 लोगों को मारा डंक
अमर उजाला ब्यूरो/कैथल
Updated Thu, 10 Sep 2015 12:18 AM IST
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जिले में डेंगू का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। अभी तक कुल 24 लोगों में डेंगू की पुष्टि हो चुकी है। डेढ़ दर्जन से अधिक लोगों में रिपोर्ट डेंगू पॉजीटिव आई है।
अकेली कमल कॉलोनी में नौ लोगों में डेंगू की पुष्टि हुई है। गत सप्ताह तक केवल छह लोगों में डेंगू की पुष्टि पाई गई थी। अब यह बढ़कर 24 पर पहुंच गई है।
कैथल शहर की कमल कॉलोनी में 10 लोगाें में डेंगू की पुष्टि हो चुकी है। कॉलोनी निवासी हरीश टंडन ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने कॉलोनी की दो गलियों में तो फोगिंग करवा दी है। शेष दो गलियों में एक बार भी फागिंग नहीं हुई है। यहां रेलवे की जगह में गंदगी का आलम है। यहां मच्छर पनपते हैं। कॉलोनी के कई लोग आज भी बीमार हैं।
80 लोगों के सेंपल लिए
शहर की कृष्णा कॉलोनी, अंबाला रोड पर स्थित एक कॉलोनी, प्यौदा रोड, कलायत, प्यौदा, पाई सहित कई गांवों में भी डेंगू की पुष्टि हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जिले में 24 लोगों में अब तक डेंगू पाया गया है। वहीं 80 से अधिक लोगों के सेंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं। इन 24 लोगों में दस बाहर से आए हुए बुखार से पीड़ित व्यक्ति बताए गए हैं।
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पानी एकत्रित न होने दें
जहां भी डेंगू की पुष्टि हो रही है, वहीं पर फोगिंग एवं अन्य एतियातन कदम उठाए जा रहे हैं। कुछ लोग जिले से बाहर रहते थे, वहीं से बीमार होकर यहां आए हैं। विभाग स्थिति पर नजर रखे हुए है। लोगों से भी अपील है कि वे अपने घरों में टूटे-फूटे बर्तनों या अन्य सामान में पानी एकत्रित न होने दें।
डॉ. देवेंद्र शर्मा, डिप्टी सिविल सर्जन
पानी के ठहराव के लिए धारा 144 लागू
जिला प्रशासन ने मच्छरों के पनपने से रोकने के लिए सार्वजनिक स्थानों व निजी स्थानों पर पानी के ठहराव को रोकने के लिए धारा 144 के तहत विशेष आदेश जारी किए हैं। जिलाधीश के मकरंद पांडुरंग ने इन आदेशों के तहत डिजर्ट कुलर, ड्रम, जार, मटका, बाल्टी, गमलों, टैंक, सिस्ट्रन, बोतल, टीन, टायर्स, गटर, रैफरीजरेटर ड्रिप पेन, सीमेंट ब्लाक्स तथा ऐसे स्थान जहां पानी खड़ा होने से मच्छरों के पनपने की संभावना होती है। इन स्थानों से सप्ताह में एक दिन पानी की निकासी तथा ऐरोसॉल के उपयोग पर जोर दिया है। जिलाधीश ने इन आदशों के तहत जान-माल की सुरक्षा के लिए तथा विभिन्न बीमारियों को फैलने से रोकने के लिए ऐसे आदेश पारित किए हैं।
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अकेली कमल कॉलोनी में नौ लोगों में डेंगू की पुष्टि हुई है। गत सप्ताह तक केवल छह लोगों में डेंगू की पुष्टि पाई गई थी। अब यह बढ़कर 24 पर पहुंच गई है।
कैथल शहर की कमल कॉलोनी में 10 लोगाें में डेंगू की पुष्टि हो चुकी है। कॉलोनी निवासी हरीश टंडन ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने कॉलोनी की दो गलियों में तो फोगिंग करवा दी है। शेष दो गलियों में एक बार भी फागिंग नहीं हुई है। यहां रेलवे की जगह में गंदगी का आलम है। यहां मच्छर पनपते हैं। कॉलोनी के कई लोग आज भी बीमार हैं।
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80 लोगों के सेंपल लिए
शहर की कृष्णा कॉलोनी, अंबाला रोड पर स्थित एक कॉलोनी, प्यौदा रोड, कलायत, प्यौदा, पाई सहित कई गांवों में भी डेंगू की पुष्टि हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जिले में 24 लोगों में अब तक डेंगू पाया गया है। वहीं 80 से अधिक लोगों के सेंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं। इन 24 लोगों में दस बाहर से आए हुए बुखार से पीड़ित व्यक्ति बताए गए हैं।
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पानी एकत्रित न होने दें
जहां भी डेंगू की पुष्टि हो रही है, वहीं पर फोगिंग एवं अन्य एतियातन कदम उठाए जा रहे हैं। कुछ लोग जिले से बाहर रहते थे, वहीं से बीमार होकर यहां आए हैं। विभाग स्थिति पर नजर रखे हुए है। लोगों से भी अपील है कि वे अपने घरों में टूटे-फूटे बर्तनों या अन्य सामान में पानी एकत्रित न होने दें।
डॉ. देवेंद्र शर्मा, डिप्टी सिविल सर्जन
पानी के ठहराव के लिए धारा 144 लागू
जिला प्रशासन ने मच्छरों के पनपने से रोकने के लिए सार्वजनिक स्थानों व निजी स्थानों पर पानी के ठहराव को रोकने के लिए धारा 144 के तहत विशेष आदेश जारी किए हैं। जिलाधीश के मकरंद पांडुरंग ने इन आदेशों के तहत डिजर्ट कुलर, ड्रम, जार, मटका, बाल्टी, गमलों, टैंक, सिस्ट्रन, बोतल, टीन, टायर्स, गटर, रैफरीजरेटर ड्रिप पेन, सीमेंट ब्लाक्स तथा ऐसे स्थान जहां पानी खड़ा होने से मच्छरों के पनपने की संभावना होती है। इन स्थानों से सप्ताह में एक दिन पानी की निकासी तथा ऐरोसॉल के उपयोग पर जोर दिया है। जिलाधीश ने इन आदशों के तहत जान-माल की सुरक्षा के लिए तथा विभिन्न बीमारियों को फैलने से रोकने के लिए ऐसे आदेश पारित किए हैं।