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डिजपा में शामलि होंगे नई अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान कृष्ण मितल
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भाजपा में शामिल होंगे नई अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान कृष्ण मित्तल
नई अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन का विवाद जारी, दोनों पक्ष अपने-अपने स्टैंड पर कायम
पुरानी अनाज मंडी के विवाद में एसडीएम से मिले आढ़ती
कहा-एसोसिएशन के कार्यालय पर लगाए गए ताले को खुलवाने की मांग की
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। नई अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के विवाद के बीच प्रधान कृष्ण मित्तल आज भाजपा का दामन थामेंगे। मित्तल ने कहा कि वे सीएम मनोहर लाल की नीतियों से प्रभावित होकर भाजपा ज्वाइन कर रहे हैं। वहीं दोनों गुटों में विवाद जारी है। अब संभवत: मंडी में दो एसोसिएशन काम करेंगी।
विदित रहे कि वोटिंग में 30 मतों वे विजयी होकर कृष्ण मित्तल लगातार दूसरी बार नई अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान बने थे। इसके बाद भाजपा के एक ओर सुधार प्रोजेक्ट डायरेक्टर रॉकी मित्तल को लेकर कथित तौर पर कही गई बात को आधार बनाते हुए शमशेर मित्तल को नई एसोसिएशन का प्रधान बनाते हुए एक गुट ने अपनी ही एसोसिएशन का गठन कर लिया। अब दोनों पक्षों का मंदिर में बनाए गए कार्यालय को लेकर विवाद है। प्रधान कृष्ण मित्तल का कहना है कि वे आढ़तियों द्वारा चुने गए प्रधान हैं और एसोसिएशन का ही मंदिर में कार्यालय रहेगा। किसी ओर के कार्यालय का मतलब ही नहीं हैं। वहीं नई एसोसिएशन का गठन करने वालों में शुमार आढ़तियों ने कहा कि मंदिर में ही नई एसोसिएशन का भी कार्यालय होगा।
कृष्ण मित्तल ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि वे जिला अध्यक्ष अशोक गुर्जर की उपस्थिति में सीएम मनोहर लाल की अगुवाई में भाजपा में शामिल होंगे।
पुरानी मंडी में विवाद, एक पक्ष ने की एसडीएम ने मुलाकात
फोटो नंबर-12 व 13
कैथल। पुरानी अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के सोमवार को हुए चुनाव में विवाद के बाद बुधवार को एक गुट ने एसडीएम ईशा कंबोज से मुलाकात की और विवाद में कार्रवाई की मांग की। एसडीएम ने कहा कि सीएम दौरे के बाद मामले में बात होगी।
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विदित रहे कि पुरानी अनाज मंडी में निवर्तमान प्रधान जोगध्यान के कार्यकाल के पूरा होने के बाद सोमवार को प्रधान पद के लिए चुनाव हुआ था। जिसमें जोगध्यान ग्रुप ने विनोद कुमार को प्रधान चुन लिया। लेकिन एक गुट ने विनोद कुमार का विरोध करते हुए नया गुट खड़ा कर तरसेम कुमार को प्रधान घोषित कर दिया और एसोसिएशन के कार्यालय पर दोनों ने पक्षों ने ताला लगा दिया। बाद में जोगध्यान ग्रुप ने एसडीएम को शिकायत दी थी। जिसमें जोगध्यान ग्रुप ने मंगलवार को एसडीएम से मिलकर कार्रवाई की मांग की। दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाए।
एक गुट के प्रधान तरसेम गर्ग ने कहा कि पुरानी अनाज मंडी में कुल 96 दुकानें है, जो लगातार सीजन में यहां पर ही आढ़त का काम करते हैं। पिछले साल प्रधान ने बिना सहमति से एसोसिएशन के फंड को खर्च किया है। उन्हें हाउस में केवल यही एतराज था कि पुरानी मंडी में आढ़त करने वाले किसी भी आढ़ती का नाम न लेकर नई अनाज मंडी में आढ़त करने वाले आढ़ती का नाम प्रधान पद के लिए पेश किया। जिस कारण वे हाउस की बैठक में बीच में से उठकर वापिस आए और अलग एसोसिएशन बनाई। इसके साथ ही मंदिर में बिना चर्चा करे एक लाख रुपये का फंड दिया। जबकि मंदिर में इस फंड की कोई जरूरत नहीं थी। इसके साथ ही एसोसिएशन के सदस्यों ने लिए गए रुपयों को खर्चा पूरा होने के बाद भी वापिस नहीं दिया गया। उन्होंने अपनी कार्यकारिणी में चेयरमैन श्याम बहादुर खुरानियां, प्रधान तरसेग गर्ग, उप प्रधान श्रवण कुमार, कैशियर राजेश को बनाया गया है। इसके साथ ही 14 सदस्य घोषित किए गए है। जिसमें ललित कुमार, हरबंस लाल, दीपक जैन, प्रवीन कुमार, महेंद्र, दीपक कुमार, मोहित विज, लोकेश, विनोद, देवेंद्र, रामकुमार गुप्ता, राकेश, रजनीश व गुलाब सिंह शामिल हैं।
दूसरे गुट के प्रधान विनोद ने बताया कि वह लगातार पुरानी मंडी में दुकान पर बैठते हैं और यहां पर आढ़त भी करते हैं। धान या गेहूं की फसल में क्वांटिटी को लेकर कोई भी नई शर्त नहीं लगा सकते और न ही यह पदाधिकारी बनने में कोई रोड़ा बन सकती है। एसोसिएशन में अकेली पुरानी अनाज मंडी के सदस्य नहीं है, बल्कि नई मंडी के आढ़ती में इसमें सदस्य हैं, जिनके वोट मिलाकर कुल 203 सदस्य हैं। जो एसोसिएशन की गतिविधियों में हिस्सा लेते हैं। मंदिर में फंड देना कोई गलत काम नहीं है। एसोसिएशन की ओर से की जाने वाले गतिविधियों पर नजर करने के लिए 19 सदस्यीय कमेटी बनाई गई है। एसोसिएशन का पुराना रिकार्ड व कार्यालय में अलमारी की चाबी मुझे सहमति से सौंपी गई है। ऐसे में दूसरा गुट कैसे प्रधान पद का दावा कर सकता है।
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नई अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन का विवाद जारी, दोनों पक्ष अपने-अपने स्टैंड पर कायम
पुरानी अनाज मंडी के विवाद में एसडीएम से मिले आढ़ती
कहा-एसोसिएशन के कार्यालय पर लगाए गए ताले को खुलवाने की मांग की
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। नई अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के विवाद के बीच प्रधान कृष्ण मित्तल आज भाजपा का दामन थामेंगे। मित्तल ने कहा कि वे सीएम मनोहर लाल की नीतियों से प्रभावित होकर भाजपा ज्वाइन कर रहे हैं। वहीं दोनों गुटों में विवाद जारी है। अब संभवत: मंडी में दो एसोसिएशन काम करेंगी।
विदित रहे कि वोटिंग में 30 मतों वे विजयी होकर कृष्ण मित्तल लगातार दूसरी बार नई अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान बने थे। इसके बाद भाजपा के एक ओर सुधार प्रोजेक्ट डायरेक्टर रॉकी मित्तल को लेकर कथित तौर पर कही गई बात को आधार बनाते हुए शमशेर मित्तल को नई एसोसिएशन का प्रधान बनाते हुए एक गुट ने अपनी ही एसोसिएशन का गठन कर लिया। अब दोनों पक्षों का मंदिर में बनाए गए कार्यालय को लेकर विवाद है। प्रधान कृष्ण मित्तल का कहना है कि वे आढ़तियों द्वारा चुने गए प्रधान हैं और एसोसिएशन का ही मंदिर में कार्यालय रहेगा। किसी ओर के कार्यालय का मतलब ही नहीं हैं। वहीं नई एसोसिएशन का गठन करने वालों में शुमार आढ़तियों ने कहा कि मंदिर में ही नई एसोसिएशन का भी कार्यालय होगा।
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कृष्ण मित्तल ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि वे जिला अध्यक्ष अशोक गुर्जर की उपस्थिति में सीएम मनोहर लाल की अगुवाई में भाजपा में शामिल होंगे।
पुरानी मंडी में विवाद, एक पक्ष ने की एसडीएम ने मुलाकात
फोटो नंबर-12 व 13
कैथल। पुरानी अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के सोमवार को हुए चुनाव में विवाद के बाद बुधवार को एक गुट ने एसडीएम ईशा कंबोज से मुलाकात की और विवाद में कार्रवाई की मांग की। एसडीएम ने कहा कि सीएम दौरे के बाद मामले में बात होगी।
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विदित रहे कि पुरानी अनाज मंडी में निवर्तमान प्रधान जोगध्यान के कार्यकाल के पूरा होने के बाद सोमवार को प्रधान पद के लिए चुनाव हुआ था। जिसमें जोगध्यान ग्रुप ने विनोद कुमार को प्रधान चुन लिया। लेकिन एक गुट ने विनोद कुमार का विरोध करते हुए नया गुट खड़ा कर तरसेम कुमार को प्रधान घोषित कर दिया और एसोसिएशन के कार्यालय पर दोनों ने पक्षों ने ताला लगा दिया। बाद में जोगध्यान ग्रुप ने एसडीएम को शिकायत दी थी। जिसमें जोगध्यान ग्रुप ने मंगलवार को एसडीएम से मिलकर कार्रवाई की मांग की। दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाए।
एक गुट के प्रधान तरसेम गर्ग ने कहा कि पुरानी अनाज मंडी में कुल 96 दुकानें है, जो लगातार सीजन में यहां पर ही आढ़त का काम करते हैं। पिछले साल प्रधान ने बिना सहमति से एसोसिएशन के फंड को खर्च किया है। उन्हें हाउस में केवल यही एतराज था कि पुरानी मंडी में आढ़त करने वाले किसी भी आढ़ती का नाम न लेकर नई अनाज मंडी में आढ़त करने वाले आढ़ती का नाम प्रधान पद के लिए पेश किया। जिस कारण वे हाउस की बैठक में बीच में से उठकर वापिस आए और अलग एसोसिएशन बनाई। इसके साथ ही मंदिर में बिना चर्चा करे एक लाख रुपये का फंड दिया। जबकि मंदिर में इस फंड की कोई जरूरत नहीं थी। इसके साथ ही एसोसिएशन के सदस्यों ने लिए गए रुपयों को खर्चा पूरा होने के बाद भी वापिस नहीं दिया गया। उन्होंने अपनी कार्यकारिणी में चेयरमैन श्याम बहादुर खुरानियां, प्रधान तरसेग गर्ग, उप प्रधान श्रवण कुमार, कैशियर राजेश को बनाया गया है। इसके साथ ही 14 सदस्य घोषित किए गए है। जिसमें ललित कुमार, हरबंस लाल, दीपक जैन, प्रवीन कुमार, महेंद्र, दीपक कुमार, मोहित विज, लोकेश, विनोद, देवेंद्र, रामकुमार गुप्ता, राकेश, रजनीश व गुलाब सिंह शामिल हैं।
दूसरे गुट के प्रधान विनोद ने बताया कि वह लगातार पुरानी मंडी में दुकान पर बैठते हैं और यहां पर आढ़त भी करते हैं। धान या गेहूं की फसल में क्वांटिटी को लेकर कोई भी नई शर्त नहीं लगा सकते और न ही यह पदाधिकारी बनने में कोई रोड़ा बन सकती है। एसोसिएशन में अकेली पुरानी अनाज मंडी के सदस्य नहीं है, बल्कि नई मंडी के आढ़ती में इसमें सदस्य हैं, जिनके वोट मिलाकर कुल 203 सदस्य हैं। जो एसोसिएशन की गतिविधियों में हिस्सा लेते हैं। मंदिर में फंड देना कोई गलत काम नहीं है। एसोसिएशन की ओर से की जाने वाले गतिविधियों पर नजर करने के लिए 19 सदस्यीय कमेटी बनाई गई है। एसोसिएशन का पुराना रिकार्ड व कार्यालय में अलमारी की चाबी मुझे सहमति से सौंपी गई है। ऐसे में दूसरा गुट कैसे प्रधान पद का दावा कर सकता है।