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डीसी ने कहा-जैसे ही शुगर मिल एमडी ज्वाईन करेंगे.. उसी समय ज्यादा खोई निकालने के दोषी कर्मचारियों को सस्पेंड किया जाएगा
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चिप गड़बड़ी मामला : राज्यस्तरीय महापंचायत का आयोजन कर 20 दिनों से जारी धरने को किसान संघ ने किया स्थगित डीसी ने कहा- जैसे ही शुगर मिल एमडी ज्वाइन करेंगे, उसी समय ज्यादा खोई निकालने के दोषी कर्मचारियों को सस्पेंड किया जाएगा
पुलिस एसआईटी के इंचार्ज डीएसपी तरुण सैनी से बदलकर डीएसपी रामकुमार को बनाया गया
फोटो नंबर 25 व 26
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। डीसी धर्मबीर सिंह ने किसानों को आश्वासन दिया कि शुगर मिल के नए एमडी के ज्वाइन करते ही मिल से 500 क्विंटल खोई मिल से बाहर भेजने के दोषी कर्मचारियों को सस्पेंड किया जाएगा। साथ ही पुलिस एसआईटी का इंचार्ज डीएसपी तरुण सैनी से बदलकर डीएसपी रामकुमार को बना दिया गया है। डीसी ने यह आश्वासन किसानों को मंगलवार को आयोजित महापंचायत के बाद धरना स्थगित करने के दौरान दी। डीसी ने भूख हड़ताल पर बैठे दो किसानों को जूस पिलाकर धरना स्थगित करवाया।
इससे पूर्व मिल परिसर में किसान संघ द्वारा महापंचायत का आयोजन किया गया। जिसकी अध्यक्षता जिला अध्यक्ष सतीश कुमार ग्योंग ने की। जिसमें विशेष तौर पर प्रदेश अध्यक्ष ओम सिंह, महामंत्री विरेंद्र, संगठन मंत्री सुंदर लाल, प्रदेश मीडिया प्रभारी विकास राणा ने शिरकत की। उन्होंने बताया कि शासन व प्रशासन अपनी कार्यशैली में सुधार लाए। पिछले बीस दिनों से भारतीय किसान संघ चीनी मिल के मुख्य गेट पर लगातार धरना दे रहा है और 6 जनवरी से दो किसान भूख हड़ताल पर बैठे हैं। परंतु प्रशासन चिप घोटाले में कोई रुचि नहीं ले रहा है। उन्होंने बताया कि जब तक चिप घोटाले की जांच पूरी नहीं हो जाती तब तक धरना जारी रहेगा। प्रदेश अध्यक्ष ओम सिंह चौहान ने बताया कि किसानों की जागरूकता एवं हित हमारे लिए सर्वोपरि है। इस धरने को सफल बनाने में किसानों ने सहयोग दिया है। महापंचायत को संबोधित करते हुए प्रांत युवा प्रमुख गुलतान नैन व रणदीप आर्य फरल ने कहा कि ने बताया कि चिप घोटाले के आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए। शुगर मिल में 21 क्विंटल 74 किलो प्रति ट्रॉली की भरपाई की जाए। किसानों से प्रति क्विंटल की दर से काटे जा रहे एक रुपयों को शेयर के रूप में सभी किसानों को अधिकार अनुसार शेयर राशि वापस दे। इस मौके पर प्रदेश प्रवक्ता रणदीप आर्य, जिला अध्यक्ष सतीश कुमार ग्योंग, उपाध्यक्ष पाला राम क्योडक़, श्रीराम मोहना, दयाल सिंह मलिक, गन्ना प्रमुख महिंद्र पाल, विक्रम सिंह क्योडक़, शिशपाल दाऊ, महावीर धौंस, अजश शर्मा, रामदिया नंबरदार, महेंद्र डुलियानी, अरूण वालिया, कृ ष्ण, शीशपाल खुराना, जगदीश, इंद्र मटौर, राजेश बलवंती, मियां सिंह, सुरजू, दीपक वालिया, जसवंत सिंह, जोगा सिंह, राजिंद्र सजूमा, प्रेम कुमार, कुलदीप, विजय राणा, रामप्रकाश मौजूद रहे।
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पहले एडीसी पहुंचे, नहीं माने किसान, बाद में डीसी ने पहुंच कर दिया कार्रवाई का आश्वासन : किसान महापंचायत के बाद किसानों ने प्रशासनिक अधिकारियों को मौके पर बुलाया। जिस पर पहले एडीसी सतबीर कुंडू पहुंचे। लेकिन किसानों ने एडीसी की कोई बात नहीं सुनीं। किसानों का प्रदर्शन जारी रहा। इसके बाद डीसी धर्मबीर सिंह किसानों की महापंचायत में पहुंचे। उन्होंने किसानों 500 क्विंटल खोई शुगर मिल से बाहर भेजने के दोषी कर्मचारियों को नए एमडी के ज्वाईन करते ही सस्पेंड करने, पुलिस एसआईटी में इंचार्ज डीएसपी तरुण सैनी की जगह डीएसपी रामकुमार को नियुक्त करने व मिल में प्रति क्विंटल किसानों से काटे जा रहे एक रुपये को वापस करने के लिए निदेशक मंडल की बैठक बुलाए जाने का आश्वासन दिया। साथ ही भूख हड़ताल पर बैठे दो किसानों को जूस पिलाकर उनका धरना समाप्त करवाया।
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पुलिस एसआईटी के इंचार्ज डीएसपी तरुण सैनी से बदलकर डीएसपी रामकुमार को बनाया गया
फोटो नंबर 25 व 26
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। डीसी धर्मबीर सिंह ने किसानों को आश्वासन दिया कि शुगर मिल के नए एमडी के ज्वाइन करते ही मिल से 500 क्विंटल खोई मिल से बाहर भेजने के दोषी कर्मचारियों को सस्पेंड किया जाएगा। साथ ही पुलिस एसआईटी का इंचार्ज डीएसपी तरुण सैनी से बदलकर डीएसपी रामकुमार को बना दिया गया है। डीसी ने यह आश्वासन किसानों को मंगलवार को आयोजित महापंचायत के बाद धरना स्थगित करने के दौरान दी। डीसी ने भूख हड़ताल पर बैठे दो किसानों को जूस पिलाकर धरना स्थगित करवाया।
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इससे पूर्व मिल परिसर में किसान संघ द्वारा महापंचायत का आयोजन किया गया। जिसकी अध्यक्षता जिला अध्यक्ष सतीश कुमार ग्योंग ने की। जिसमें विशेष तौर पर प्रदेश अध्यक्ष ओम सिंह, महामंत्री विरेंद्र, संगठन मंत्री सुंदर लाल, प्रदेश मीडिया प्रभारी विकास राणा ने शिरकत की। उन्होंने बताया कि शासन व प्रशासन अपनी कार्यशैली में सुधार लाए। पिछले बीस दिनों से भारतीय किसान संघ चीनी मिल के मुख्य गेट पर लगातार धरना दे रहा है और 6 जनवरी से दो किसान भूख हड़ताल पर बैठे हैं। परंतु प्रशासन चिप घोटाले में कोई रुचि नहीं ले रहा है। उन्होंने बताया कि जब तक चिप घोटाले की जांच पूरी नहीं हो जाती तब तक धरना जारी रहेगा। प्रदेश अध्यक्ष ओम सिंह चौहान ने बताया कि किसानों की जागरूकता एवं हित हमारे लिए सर्वोपरि है। इस धरने को सफल बनाने में किसानों ने सहयोग दिया है। महापंचायत को संबोधित करते हुए प्रांत युवा प्रमुख गुलतान नैन व रणदीप आर्य फरल ने कहा कि ने बताया कि चिप घोटाले के आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए। शुगर मिल में 21 क्विंटल 74 किलो प्रति ट्रॉली की भरपाई की जाए। किसानों से प्रति क्विंटल की दर से काटे जा रहे एक रुपयों को शेयर के रूप में सभी किसानों को अधिकार अनुसार शेयर राशि वापस दे। इस मौके पर प्रदेश प्रवक्ता रणदीप आर्य, जिला अध्यक्ष सतीश कुमार ग्योंग, उपाध्यक्ष पाला राम क्योडक़, श्रीराम मोहना, दयाल सिंह मलिक, गन्ना प्रमुख महिंद्र पाल, विक्रम सिंह क्योडक़, शिशपाल दाऊ, महावीर धौंस, अजश शर्मा, रामदिया नंबरदार, महेंद्र डुलियानी, अरूण वालिया, कृ ष्ण, शीशपाल खुराना, जगदीश, इंद्र मटौर, राजेश बलवंती, मियां सिंह, सुरजू, दीपक वालिया, जसवंत सिंह, जोगा सिंह, राजिंद्र सजूमा, प्रेम कुमार, कुलदीप, विजय राणा, रामप्रकाश मौजूद रहे।
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पहले एडीसी पहुंचे, नहीं माने किसान, बाद में डीसी ने पहुंच कर दिया कार्रवाई का आश्वासन : किसान महापंचायत के बाद किसानों ने प्रशासनिक अधिकारियों को मौके पर बुलाया। जिस पर पहले एडीसी सतबीर कुंडू पहुंचे। लेकिन किसानों ने एडीसी की कोई बात नहीं सुनीं। किसानों का प्रदर्शन जारी रहा। इसके बाद डीसी धर्मबीर सिंह किसानों की महापंचायत में पहुंचे। उन्होंने किसानों 500 क्विंटल खोई शुगर मिल से बाहर भेजने के दोषी कर्मचारियों को नए एमडी के ज्वाईन करते ही सस्पेंड करने, पुलिस एसआईटी में इंचार्ज डीएसपी तरुण सैनी की जगह डीएसपी रामकुमार को नियुक्त करने व मिल में प्रति क्विंटल किसानों से काटे जा रहे एक रुपये को वापस करने के लिए निदेशक मंडल की बैठक बुलाए जाने का आश्वासन दिया। साथ ही भूख हड़ताल पर बैठे दो किसानों को जूस पिलाकर उनका धरना समाप्त करवाया।