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शुगर मिल क्षेत्र में गन्ने की बिजाई सत्र की शुरुआत
Updated Thu, 04 Oct 2018 12:25 AM IST
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शुगर मिल क्षेत्र में गन्ने की बिजाई सत्र की शुरुआत
मिल एमडी के मार्गदर्शन में शुरू हुआ
फोटो संख्या-37
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। कैथल सहकारी चीनी मिल के प्रबंध निदेशक कंवर सिंह के मार्ग दर्शन में गांव शेरगढ़ व मेघामाजरा से शरद कालीन गन्ने की बिजाई का शुभारंभ किया गया। गन्ना विकास अधिकारी कम गन्ना प्रबंधक डॉ. रामपालन ने शेरगढ़ के प्रगतिशील किसान राजेंद्र सिंह पुत्र सुरता राम के कृषि फार्म से इसका शुभारंभ किया। उन्होंने किसानों को शरद कालीन गन्ने की बिजाई करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि अक्टूबर का महीना शरद कालीन गन्ना बिजाई के लिए सबसे उत्तम है। इस समय गन्ने की फसल के साथ-साथ अन्य फसलें सरसों, लहसून, प्याज, आलू व सभी प्रकार की सीधी बढने वाली कम चौड़े पत्ती वाली सब्जियों की काश्त आसानी से की जा सकती है। ऐसी खेती से किसानों को अतिरिक्त आय होगी तथा गन्ना फसल की पैदावार भी 25 प्रतिशत तक अधिक होगी। सभी किसान गन्ना बिजाई के समय में बदलाव करते हुए ज्यादा से ज्यादा गन्ने की बिजाई अक्तूबर माह में करें। इस अवसर पर डा. सतीश शर्मा, डा. ओमप्रकाश, जगदीप सिंह, प्रदीप सिंह, बसी राम, सतपाल, राजेश, जगदीश किसान मौजूद रहे।
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मिल एमडी के मार्गदर्शन में शुरू हुआ
फोटो संख्या-37
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। कैथल सहकारी चीनी मिल के प्रबंध निदेशक कंवर सिंह के मार्ग दर्शन में गांव शेरगढ़ व मेघामाजरा से शरद कालीन गन्ने की बिजाई का शुभारंभ किया गया। गन्ना विकास अधिकारी कम गन्ना प्रबंधक डॉ. रामपालन ने शेरगढ़ के प्रगतिशील किसान राजेंद्र सिंह पुत्र सुरता राम के कृषि फार्म से इसका शुभारंभ किया। उन्होंने किसानों को शरद कालीन गन्ने की बिजाई करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि अक्टूबर का महीना शरद कालीन गन्ना बिजाई के लिए सबसे उत्तम है। इस समय गन्ने की फसल के साथ-साथ अन्य फसलें सरसों, लहसून, प्याज, आलू व सभी प्रकार की सीधी बढने वाली कम चौड़े पत्ती वाली सब्जियों की काश्त आसानी से की जा सकती है। ऐसी खेती से किसानों को अतिरिक्त आय होगी तथा गन्ना फसल की पैदावार भी 25 प्रतिशत तक अधिक होगी। सभी किसान गन्ना बिजाई के समय में बदलाव करते हुए ज्यादा से ज्यादा गन्ने की बिजाई अक्तूबर माह में करें। इस अवसर पर डा. सतीश शर्मा, डा. ओमप्रकाश, जगदीप सिंह, प्रदीप सिंह, बसी राम, सतपाल, राजेश, जगदीश किसान मौजूद रहे।