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मकान की दीवार गिरने से खुले आसमान के नीचे बिता रहे हैं रात
Updated Wed, 21 Nov 2018 12:24 AM IST
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मकान की दीवार गिरने से खुले आसमान के नीचे बिता रहे हैं रात
फोटो संख्या-21
अमर उजाला ब्यूरो
राजौंद। गांव खुरड़ा में पिछले तीन माह से मकान की गिरी दीवार के कारण परिवार के सदस्य सर्दी के इस मौसम छोटे छोटे बच्चों के साथ खुले आंगन में रहने को मजबूर हैं। लेकिन न किसी राजनीतिक, प्रशासनिक व सामाजिक संगठन ने इनकी मदद की। जिससे सर्दी बढ़ती देखकर अब छोटे बच्चों को सर्दी से बचाने के लिए पलड़ो की झोपिड़यों में रहने को विवश होना पड़ा।
गांव खुरड़ा व नगरपालिका राजौंद वार्ड नंबर 5 के निवासी कुलदीप सिंह पुत्र ताराचंद ने बताया कि तीन चार माह पहले उसकी मकान की दीवार गिर गई थी। लेकिन उसकी आर्थिक स्थिति इतनी कमजोर है वह दो जून की रोटी भी नही जुटा पाता। जिससे उसने कई बार प्रशासन व सरकार के नुमाइंदे को भी मदद करने की गुहार लगाई लेकिन किसी ने भी उसकी मदद नहीं की। जिस पर अब सर्दी बढ़ने के कारण उसे अब अपने छोटी छोटी तीन लड़कियों है। अब वह अपने बच्चों व पत्नी के लिए पलड़ो की झोपड़ी बनाकर उसमें रहने को मजबूर होना पड़ा। ताकि कम से कम अपने छोटे बच्चों को सर्दी से बचाया जा सके। उसने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत भी उसका फार्म भरा गया लेकिन उसकी सहायता के लिए ऋण मंजूर नहीं किया गया।
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फोटो संख्या-21
अमर उजाला ब्यूरो
राजौंद। गांव खुरड़ा में पिछले तीन माह से मकान की गिरी दीवार के कारण परिवार के सदस्य सर्दी के इस मौसम छोटे छोटे बच्चों के साथ खुले आंगन में रहने को मजबूर हैं। लेकिन न किसी राजनीतिक, प्रशासनिक व सामाजिक संगठन ने इनकी मदद की। जिससे सर्दी बढ़ती देखकर अब छोटे बच्चों को सर्दी से बचाने के लिए पलड़ो की झोपिड़यों में रहने को विवश होना पड़ा।
गांव खुरड़ा व नगरपालिका राजौंद वार्ड नंबर 5 के निवासी कुलदीप सिंह पुत्र ताराचंद ने बताया कि तीन चार माह पहले उसकी मकान की दीवार गिर गई थी। लेकिन उसकी आर्थिक स्थिति इतनी कमजोर है वह दो जून की रोटी भी नही जुटा पाता। जिससे उसने कई बार प्रशासन व सरकार के नुमाइंदे को भी मदद करने की गुहार लगाई लेकिन किसी ने भी उसकी मदद नहीं की। जिस पर अब सर्दी बढ़ने के कारण उसे अब अपने छोटी छोटी तीन लड़कियों है। अब वह अपने बच्चों व पत्नी के लिए पलड़ो की झोपड़ी बनाकर उसमें रहने को मजबूर होना पड़ा। ताकि कम से कम अपने छोटे बच्चों को सर्दी से बचाया जा सके। उसने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत भी उसका फार्म भरा गया लेकिन उसकी सहायता के लिए ऋण मंजूर नहीं किया गया।
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