{"_id":"62d862fcd2f4c219dc18c0b1","slug":"2-68-crore-will-improve-the-system-in-government-schools-kaithal-news-knl1153042152","type":"story","status":"publish","title_hn":"2.68 करोड़ से सुधरेगी सरकारी स्कूलों में व्यवस्था","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
2.68 करोड़ से सुधरेगी सरकारी स्कूलों में व्यवस्था
विज्ञापन
कैथल। समग्र शिक्षा अभियान के तहत जिले के सरकारी स्कूलों में व्यवस्था सुधारने के लिए सरकार ने दो करोड़ 68 लाख 90 हजार रुपये की ग्रांट जारी की है। इसका प्रयोग में स्कूलों में मूलभूत सुविधाओं को मजबूती देने के लिए किया जाएगा। इसमें से एक करोड़ 62 लाख 15 हजार रुपये राशि प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों को वितरित की जाएगी। वहीं एक करोड़ छह लाख 75 हजार रुपये उच्च विद्यालयों और वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों को बांटी जाएगी।
स्कूलों में बच्चों की संख्या के आधार पर ग्रांट की राशि का वितरण किया जाएगा। जिन स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या एक से लेकर 30 तक है, उस स्कूल को 10 हजार रुपये दिए जाएंगे। 31 से 100 तक छात्र संख्या वाले स्कूलों को 25 हजार, 101 से 250 तक संख्या वाले स्कूलों को 50 हजार, उसके बाद 1000 तक संख्या वाले स्कूलों को 75 हजार व एक हजार से ज्यादा छात्र संख्या वाले स्कूलों को एक लाख रुपये दिए जाएंगे।
स्कूलों को ग्रांट खर्च करने के मापदंड भी विभाग ने पहले से तय किए हैं। कुल राशि में से 10 प्रतिशत स्वच्छता पर खर्च की जाएगी। 10 प्रतिशत शिक्षण सहायक सामग्री खरीदने, 10 प्रतिशत, विज्ञान एवं गणित विषयों की मजबूती पर खर्च होगा। बाकी बची 70 प्रतिशत राशि को स्कूल के शिक्षण व गैर शिक्षण संबंधित उपकरण ठीक करवाने, नया सामान खरीदने, पानी, बिजली और इंटरनेट जैसी सुविधाओं पर खर्च किया जाएगा।
विज्ञापन
सोलर सिस्टम पर खर्च की जाए ग्रांट : गोयत
अध्यापक संघ के राज्य प्रेस प्रवक्ता सतबीर गोयत ने कहा कि इस राशि को स्कूलों में सुंदरीकरण के अलावा बच्चों की जरूरतों पर खर्च किया जाना चाहिए। स्कूलों में सोलर सिस्टम की जरूरत है। ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की भारी कमी रहती है। जिन संसाधनों की कमी है, उन्हें पूरा करने पर यह राशि खर्च की जानी चाहिए।
अगले सप्ताह स्कूलों के खाते में आएगा पैसा : वशिष्ठ
समग्र शिक्षा अभियान के जिला परियोजना संयोजक रामनिवास वशिष्ठ व सहायक परियोजना अधिकारी बलजीत सिंह ने बताया कि राशि स्वीकृत होने के बाद विभाग के पास आ चुकी है। अगले एक सप्ताह में सभी स्कूलों के खातों में राशि पहुंचा दी जाएगी। इससे स्कूलों में शिक्षा ग्रहण करने वाले विद्यार्थियों के लिए जरूरी सुविधाएं जुटाई जा सकेंगी। स्कूल में जिस चीज की कमी होगी, उसे दूर करने में राशि का प्रयोग किया जाएगा।
विज्ञापन
स्कूलों में बच्चों की संख्या के आधार पर ग्रांट की राशि का वितरण किया जाएगा। जिन स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या एक से लेकर 30 तक है, उस स्कूल को 10 हजार रुपये दिए जाएंगे। 31 से 100 तक छात्र संख्या वाले स्कूलों को 25 हजार, 101 से 250 तक संख्या वाले स्कूलों को 50 हजार, उसके बाद 1000 तक संख्या वाले स्कूलों को 75 हजार व एक हजार से ज्यादा छात्र संख्या वाले स्कूलों को एक लाख रुपये दिए जाएंगे।
विज्ञापन
स्कूलों को ग्रांट खर्च करने के मापदंड भी विभाग ने पहले से तय किए हैं। कुल राशि में से 10 प्रतिशत स्वच्छता पर खर्च की जाएगी। 10 प्रतिशत शिक्षण सहायक सामग्री खरीदने, 10 प्रतिशत, विज्ञान एवं गणित विषयों की मजबूती पर खर्च होगा। बाकी बची 70 प्रतिशत राशि को स्कूल के शिक्षण व गैर शिक्षण संबंधित उपकरण ठीक करवाने, नया सामान खरीदने, पानी, बिजली और इंटरनेट जैसी सुविधाओं पर खर्च किया जाएगा।
विज्ञापन
सोलर सिस्टम पर खर्च की जाए ग्रांट : गोयत
अध्यापक संघ के राज्य प्रेस प्रवक्ता सतबीर गोयत ने कहा कि इस राशि को स्कूलों में सुंदरीकरण के अलावा बच्चों की जरूरतों पर खर्च किया जाना चाहिए। स्कूलों में सोलर सिस्टम की जरूरत है। ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की भारी कमी रहती है। जिन संसाधनों की कमी है, उन्हें पूरा करने पर यह राशि खर्च की जानी चाहिए।
अगले सप्ताह स्कूलों के खाते में आएगा पैसा : वशिष्ठ
समग्र शिक्षा अभियान के जिला परियोजना संयोजक रामनिवास वशिष्ठ व सहायक परियोजना अधिकारी बलजीत सिंह ने बताया कि राशि स्वीकृत होने के बाद विभाग के पास आ चुकी है। अगले एक सप्ताह में सभी स्कूलों के खातों में राशि पहुंचा दी जाएगी। इससे स्कूलों में शिक्षा ग्रहण करने वाले विद्यार्थियों के लिए जरूरी सुविधाएं जुटाई जा सकेंगी। स्कूल में जिस चीज की कमी होगी, उसे दूर करने में राशि का प्रयोग किया जाएगा।